हाँ, टेक्निकली बोलें तो आम जनता ही वोट देती है लेकिन यह अधूरा सच है।
पहली बात तो यह है कि यूथ कांग्रेस के चुनावों का उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ कांग्रेस के लिए धन अर्जित करना है।
वोट देने वाले व्यक्ति को कांग्रेस की मेम्बरशिप लेनी होती है जिसके लिए 75 रूपये का भुगतान करना पड़ता है।
और एक बार भुगतान करने पर एक मतदाता ब्लॉक स्तर, विधानसभा स्तर, जिला स्तर एवं प्रदेश स्तर पर चुनाव लड़ रहे सभी प्रत्याशियों को वोट दे सकता है।
अब हम ठहरे भारतीय नागरिक; किसी को फोकट में भी वोट नहीं देते तो खुद पैसे देकर वोट देने का तो सवाल ही नहीं बनता।
इसलिए चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी खुद ही एक मतदाता के नाम से 75 रूपये का भुगतान करते हैं और खुद ही उसकी तरफ से खुद को वोट देते हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि इस चुनाव में लाखों वोट डाले जाते हैं जिसमें करोड़ों रुपए खर्च होते हैं तो इतना पैसा खर्च करता कौन है?
इसका सीधा सा जवाब है - जो व्यक्ति प्रदेश स्तर पर अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ते हैं, वो करोड़ों रुपए खर्च करते हैं।
जिला स्तर पर चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी थोड़ी सी धनराशि खर्च करते हैं जबकि विधानसभा स्तर एवं ब्लॉक स्तर पर चुनाव लड़ने वाले लोग अपने घर से एक धैला भी खर्च नहीं करते हैं।
जिला स्तर पर चुनाव लड़ने वाले लोग विधानसभा एवं ब्लॉक स्तर पर चुनाव लड़ने वाले दीपा राम जैसे कद्दावर नेताओं को मोटरसाइकिल में पेट्रोल डलवाने एवं समोसा खाने के लिए 5000 रुपए के लगभग धनराशि दे देते हैं जिससे वो लोग गाँव - ढाणियों में घूम-फिरकर लोगों से उनकी वोटर आईडी की डिटेल्स (फोटो) लेते हैं और जिला स्तर पर चुनाव लड़ने वाले अपने गुट के प्रत्याशी को दे देते हैं।
एक वोटर आईडी से 75 रूपये में मेंबरशिप लेते हैं और मुख्यतः यह सारा पैसा प्रदेश स्तर पर चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी ही खर्च करते हैं; इस प्रकार एक वोटर आईडी से ब्लॉक स्तर, विधानसभा स्तर, जिला स्तर एवं प्रदेश स्तर के प्रत्याशियों को वोट देते हैं।
कद्दावर नेता दीपा राम गाँव - ढाणियों में घूम - फिरकर लोगों के पैर पकड़कर सिर्फ 621 वोटर आईडी कार्ड ही एकत्रित कर पाया तो यह मत सोचना कि दीपाराम ने 621 x 75 = 46575 रूपये अपने घर से खर्च कर दिए।
इसने अपने घर से एक धैला भी खर्च नहीं किया होगा, बल्कि इसको भागदौड़ करने के लिए लगभग 5000 रुपए की सहायता राशि ऊपर वाले प्रत्याशियों से मिली होगी उसमें से भी 2 - 3 हजार रुपए तो बचा लिए होंगे।
तो कहानी का सार यह है कि जिस चुनाव में खुद को वोट दिलवाना भी इसके हाथ में था उसमें भी इसको सिर्फ 621 वोट मिले हैं और सात प्रत्याशियों में से पाँचवां स्थान प्राप्त किया है जबकि यह सपने तो सांसद बनने का देख रहा था 😭😭
कलयुग है भई; सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि पाने के लिए ऐसे लोग कुछ भी करते रहते हैं। 🤡
कांग्रेस यूथ चुनाव का रिजल्ट जारी
अभिषेक चौधरी 6 लाख 15 हजार 57 वोटों से पहले स्थान पर रहे 🎉🎉
यूथ कांग्रेस अध्यक्ष बनने की अग्रिम शुभकामनाएं भाई @withabhinsui जी ❤️
दीपा राम ने चोहटन विधानसभा से युवा कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर चुनाव लड़ा था एवं इस पद के लिए कुल 7 लोगों ने चुनाव लड़ा था, जिसका परिणाम आज आया है।
चुनाव परिणाम में इसका पाँचवां स्थान आया है 😭😭😭
और 621 वोट लेकर पॉज तो ऐसे दे रहा है जैसे अभिषेक चौधरी से भी ज्यादा वोट लेकर आया है। 🤡
अब कुछ लोग बोलेंगे कि इसके नाम के सामने तो जनरल सेक्रेटरी लिखा है, लेकिन उसके पीछे गणित यह है कि यूथ कांग्रेस का चुनाव लड़ने वाला प्रत्याशी विजयी या पराजित घोषित नहीं किया जाता है, बल्कि उनके द्वारा प्राप्त किए गए कुल वोटों के अनुसार उनको अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, जनरल सेक्रेटरी आदि पद बाँट दिए जाते हैं ताकि उनका मनोबल यह सोचकर ना गिरे कि मैं हार गया।
इस अनपढ़ गवार ने सोचा कि मेरी तरह यहाँ सभी अनपढ़ ही हैं इसलिए क्यों ना इस लूप होल का फायदा उठाकर सोशल मीडिया पर भौकाल जमाया जाए कि मैं जेनरल सेक्रेटरी बन गया 🤡🤡
सीधे - सीधे शब्दों में कहूँ तो :- गाँव के एक वार्ड पंच की भी हैसियत इसके पद से अधिक होती है। 😭😭
जयपुर के कलाम कोचिंग में छात्र से मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद छात्र नेता मनोज मीणा छात्रों के साथ कोचिंग पहुंचे। मौके पर छात्रों ने भारी आक्रोश जताते हुए कार्रवाई की मांग की।