वो भो श्री का सुबह सुबह खाली पेट ही मुट्ठ पेल देता है इस वजह से इसके शरीर में बहुत कमजोरी आ गई है, इसलिए कोई भी इस मुठ्ठल से मत उलझो भाई वरना किसी दिन इसको अत्यधिक मुठबाजी की वजह से कुछ हो गया तो नाम आपका आ जाएगा।
युगांडा के सांसद श्री @DEEPSBISHNOI_ जी मुझे अनब्लॉक कर दो।
दो गुलाब जामुन लेकर अन्य समाज के लोगों के खिलाफ सोशल मीडिया पर गंध मचाने वाला यह छपरी, गुलाब जामुन खाकर खुद ही "मीठा" हो गया है।
सुना है कि यह मीठा अपनी खुजली मिटाने के लिए एक दर्जी उर्फ फर्जी वकील को गेंद भी देता है।
मीठा 👇
पत्रकार— हनुमान बेनीवाल जी आप बाड़मेर आए हो जो भाटी का गढ़ माना जाता है
बेनीवाल:- बाड़मेर तो मेरा ही गढ़ है और किसी का नहीं
चलो बाड़मेर की राजनीति पर विश्लेषण करते हैं…📈
बाड़मेर- निर्दलीय विधायक
शिव- निर्दलीय विधायक
बायतू- कांग्रेस विधायक
गुड़ामालानी- भाजपा
सिवाना- भाजपा
पचपदरा- भाजपा
चोहटन- भाजपा
बाड़मेर जिले में RLP की एक भी सीट नहीं है तो फिर बाड़मेर जिला RLP का गढ़ कैसे हुआ
कोई जानकार बंदू इस गणित को समझाएगा क्या…🤔
सार्वजनिक सूचना
1. हमारे यहां ईमानदारी के सर्टिफिकेट दिए जाते हैं
2. जनता के मन की बात भी हम ही जानते हैं
3. ज़मीनी हकीकत भी हम ही बताते हैं
हमारी कोई अन्य ब्रांच नहीं है
नक्कालों से सावधान रहें
@NamitaSharmaSV तेरे नाम के आगे लगा हुआ Journalist शब्द हटा ले।
पूरी पत्रकारिता को शर्मसार करके रख दिया है तेरे जैसे बेरोजगार लोगों ने हाथ में माइक और मोबाइल उठाकर।
राजस्थान में आज के समय लाखों सरकारी कर्मचारी ऐसे होंगे…
जिन्होंने या तो पेपर ख़रीद के परीक्षा पास की है…
OMR फ़र्ज़ीवाडा करके नौकरी हासिल की है…
रिश्वत देकर नौकरी हासिल की है…
या RPSC और चयन बोर्ड में सेटिंग करके नौकरी हासिल की हैं…!!
आज आप चाहे जो मर्ज़ी जाँचे करवा लो…
एक को भी पकड़ पाना नामुमकिन हैं…
जो नौकरी लग गया वो ईमानदार साबित हो गया..!!
ये आपको कहीं से टीचर दिखते तो हैं क्या?
ठीक है, आपकी असहमति किसी से हो सकती है लेकिन अगर आप शिक्षक हैं तो अच्छी भाषा का प्रयोग भी आपकी बड़ी जिम्मेदारी है।
जनता का गालीबाज मंत्री से ध्यान हटाने के लिए ही इतना प्रपंच किया गया है।
जिस आदमी को उसके गाँव - मोहल्ले वाले नहीं जानते, उससे भी हनुमान बेनीवाल जी के खिलाफ वीडियो रिकॉर्ड करवाकर पार्टी के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर ऐसे डाल रहे हैं, जैसे राजस्थान में आज तक इससे निचले स्तर का बयान किसी नेता ने नहीं दिया हो।
अब गालीबाज मंत्री की 17 राउंड वाली गालियों की कोई बात नहीं कर रहा है। राजस्थान की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस द्वारा सत्ताधारी पार्टी को उनके गालीबाज मंत्री की वजह से घेरा जाना चाहिए था, लेकिन कुछ कांग्रेस वाले नेता भी हनुमान बेनीवाल जी के खिलाफ बोल रहे हैं कि हनुमान जी को संयमित भाषा का प्रयोग करना चाहिए था।
ध्यान भटकाने की राजनीति है। कुछ दिनों बाद गालीबाज मंत्री को भूल जायेंगे, लेकिन हनुमान बेनीवाल द्वारा दिया गया बयान अगले चुनावों तक जीवंत रखेंगे।
@hanumanbeniwal@shekharcanada
एक कांस्टेबल को राजस्थान सरकार के मंत्री द्वारा 3 मिनट में 17 बार माँ बहन की गालियाँ देना सही है लेकिन मूर्ख को मूर्खाधिराज कहना अभद्रता है ।
वा रे दोगलों ….
विधायकों को फोन कर करके वीडियो बनवाए जा रहे है, न्यूज वालों को धमकाया जा रहा है कि ऐसे खबर चलाओ,ऐसे मत चलाओ.... अब बताओ मूर्खता मे कोई कमी बची है क्या ??
#मूर्खाधिराज_मुख्यमंत्री
अरे मल 💩 फकीर! तू खुद एक बार तेरे गिरेबां में झाँककर देख कि तू एक पत्रकार है या मूर्खाधिराज का प्रवक्ता?
इस पत्रकार के चोले को उतार फेंक और फुल टाइम मूर्खाधिराज का प्रवक्ता बन जा।
ऐसे कैसे वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में भारत का स्थान सुधरेगा रे "कथित पत्रकार"?
इधर, कांग्रेस के कई नेताओं की मजबूरी देखिए कि हनुमान बेनीवाल का समर्थन करना पड़ रहा है, जबकि उसी भाषण में इनके नेता राहुल गांधी के लिए भी "अच्छा" बोला है!
ऐसे कैसे राहुल गांधी के "बब्बर शेर" बनेंगे कथित कांग्रेसी?
#Rajasthan