@DineshSalvi01@BhanuNand कितना बदतमीजी ये लोग करते हैं शायद आपको इसका अनुभव नहीं है। नहीं देने पर जबरदस्ती मेरे बेटे की जेब में हाथ डालकर जो रूपये थे,सब निकाल लिया।घर में बेटे की शादी होने पर कम से कम दस हजार जबरदस्ती लेता है। बेटा होने पर अलग फीस है।इसको और अधिक दंड मिलना चाहिए था।
@CuteAaruhi3 बड़े बेटे के अधिकार को छिनकर उस छोटे बेटे को राजद का उत्तराधिकारी बना दिया जो अपनी जाति तो छोड़िए किसी हिन्दू से भी नहीं एक ईसाई लड़की से किया। दूसरे धर्म की लड़की से शादी करना कोई गुनाह नहीं है । लेकिन जब वह अपने को यादव से अलग मानते
हैं तो आपलोग क्यों जाति की माला जपते।
@CuteAaruhi3 एक बेटा की शादी ऐसी लड़की से किया जो उनकी जाति से तो था लेकिन बहुत ही उच्च शिक्षा वाली थी जिनके एडवांस विचारों से वह सहमत नहीं हो सका क्योंकि वह श्री कृष्ण का भक्त है। दूसरी शादी अपनी ही जाति की लड़की से करने का विचार किया तो उसे घर से निकाल दिया।
@VinodkumarVkd32@news24tvchannel पाकिस्तान तो ओलंपिक गेम्स में भी भाग लेता है तो क्या भारत को ओलंपिक गेम्स में भी भाग नहीं लेना चाहिए? वाह रे देशभक्ति। केवल स्वार्थ के लिए हर चीज का विरोध नहीं करना चाहिए।
@news24tvchannel पाकिस्तान तो ओलंपिक गेम्स में भी खेलता है तो क्या भारत को ओलंपिक गेम्स में भी भाग नहीं लेना चाहिए? स्वार्थ के लिए हर चीज का विरोध नहीं करना चाहिए। पाकिस्तान पर भारत की शानदार जीत।जय भारत। वंदे मातरम्
@news24tvchannel अन्तर्राष्ट्रीय गेम में चाहे कोई खेलता हो , उसमें भाग लेना ही पड़ता है। नहीं तो दुनिया से अलग थलग पड़ जायेगा। फिर भी भारत अपने ही शर्त पर पाकिस्तान में नहीं खेल कर दुबई में खेला। विरोध करने वाले अपने स्वार्थ के लिए विरोध कर रहा है।
@Ratnakar2_0@RubikaLiyaquat बैंगलोर में तो प्रशासनिक चूक, लापरवाही थी लेकिन विमान में खराबी आ जाना तो तकनीकी गड़बड़ी हो सकती है। इसमें सरकार का क्या दोष है। बैंगलोर में स्टेडियम के बाहर त्रासदी मची थी लेकिन अंदर में जश्न चल रहा था।
@nehafolksinger सैकड़ों निर्दोष हिन्दुओं की हत्या करवाने वाली ममता सरकार पर भी गाना बनाओ।विपक्ष की दलाली करते करते इतना नाम कमा चुकी हो।
इसी तरह दलाली करती रहो बहुत ऊंचा जाओगी।
@nehafolksinger कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर भी कुछ गाना बनाओ। हिम्मत है तो भगदड़ के लिए जिम्मेवार
कांग्रेस सरकार की आलोचना करो।पर्ची वाले बाबा व्यक्तिगत आदमी का पर्ची निकालते हैं, सामूहिक लोगों का नहीं। तुम भी जाओ कुछ सोंच कर तुम्हारी भी पर्ची निकाल कर पर्दाफाश कर देंगे।
@vikashyadav1411@nishikant_dubey उस समय कानून में संशोधन की बात नहीं थी। चुनाव में गड़बड़ी की बात थी।जब उसी निर्णय को पलट कर इंदिरा गांधी ने पूरे देश में इमर्जेंसी लगायी थी तब सुप्रीम कोर्ट कहां सो रही थी।
@HimmatPujari@shauryabjym वामपंथी इतिहासकार प्रारंभ से ही सनातन धर्म के बारे में झूठ लिखते आ रहे हैं।उस समय अधिकतर इतिहासकार वामपंथी ही थे और नेहरू जी उनके समर्थक थे।