पाँच चीज़ें ऐसी है जिन्हें तुरंत छोड़ देना चाहिए:
1. हर किसी को खुश करने की कोशिश
2. बदलाव का डर
3. बीते हुए वक्त में रहना
4. अपने आप को कमज़ोर समझना
5. ज़रूरत से ज़्यादा सोचना
बात गहरी है समझ जाओ तो.
🔥सामने वाला तभी तक बदमाश है, जब तक तुम शरीफ हो। जिस दिन तुम बदमाश हो जाओगे, उस दिन सामने वाला शरीफ हो जाएगा l
🔥इसलिए अपने समाज को मजबूत करो और एकता बनाओ जिससे कोई तुम्हारी तरफ आंख भी ना उठा पाए
🔥 MoDi--YoGi Zindabad...
प्रकृति के इस सूखे के संकेत को गंभीरता से लें, पानी की बरबादी रोकें 👇
जैसे कि इस साल जामुन की बंपर बहार
इस साल बाजार में दिख रहे हैं।
इतने जामुन मैंने पिछले दो तीन दशकों में कभी नहीं देखे।
जहां भी देखिए जामुन के पेड़ों के नीचे जामुन के ढेर लगे हैं।
जिन पेड़ों पर पिछले साल इक्का-दुक्का फल आए थे, वे पेड़ भी इस बार जामुन से लदे हुए हैं।
आखिर ऐसा क्यों हो रहा है?
हमारे बुजुर्ग ���मेशा कहते थे कि.....
"जिस गर्मी में जामुन ऐसे ढेरों गिरते हैं, उस साल सूखा पड़ता है।"
बुजुर्गों का ये पारंपरिक ज्ञान वनस्पति शास्त्र के हिसाब से बिल्कुल सटीक है। विज्ञान में इस प्रक्रिया को "Masting" या "Stress Fruiting" कहते हैं।
पेड़ों के खुद को खत्म करके ज्यादा से ज्यादा फल देने के इस आखिरी प्रयास को "Suicide Fruiting" या "Bumper Crop" भी कहा जाता है।
विज्ञान इसके बारे में कहता है कि....
Survival Instinct यानी अस्तित्व की लड़ाई
जब पेड़ को जमीन के नीचे पानी की कमी महसूस होती है, तब पेड़ "Defense Mode" में चला जाता है। अपनी प्रजाति को जिंदा रखने के लिए पेड़ अपनी सारी ताकत फल बनाने में लगा देता है।
और नए पत्ते-टहनियों पर रोक लग जाती है।
ऐसे साल में पेड़ नई कोंपल निकालना बंद कर देता है।
ऊर्जा बचाकर सिर्फ जामुन का उत्पाद�� बढ़ाता है।
इसीलिए पिछले साल कम फल वाले पेड़ भी इस बार लदे हैं।
इस भविष्यवाणी और सूखे से रिश्ता देखें तो हमारे बड़े बूढ़ों का अनुभव सही है, क्योंकि पेड़ मौसम के बदलाव को पहले पहचान लेते हैं।
जामुन की जड़ 'Taproot' बहुत गहराई तक जाती है।
जब भूजल स्तर बहुत नीचे जाता है, तभी जड़ों को तनाव महसूस होता है।
ये तनाव ��ी आने वाले सूखे का संकेत है।
सीधी बात सी बात यह है कि,
जामुन का पेड़ आत्महत्या नहीं कर रहा, बल्कि खुद का बलिदान देकर अगली पीढ़ी को जन्म दे रहा है।
यहां हमारे पूर्वजों ज्ञान अनेकों पीढ़ियों का अनुभव और विज्ञान यहां एक बिंदु पर मिलते हैं।
इस साल जामुन का स्वाद लें, पर प्रकृति के इस 'सूखे' के संकेत को गंभीरता से देखें।
पानी संभलकर इस्तेमाल करें।।
सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर कनिका शर्मा जो एक लव जिहादी मुल्ले से निकाह करके अब सलमा अख्तर हो गई है ये सोशल मीडिया में आके सर्व हिंदू समाज को गाली दे रही यह तक अपने पूर्व ब्राह्मण जाती को भी गाली दे रही 👆👺,,ये बोल रही "तुम हिंदू चाहे मुझको कितना भी गाली दे लो मै अख्तर को नहीं छोड़ने वाली वो मेरा प्यार है दिलबर है ,सभी हिं���ू लड़कियों को लव मैरिज करना चाहिए इंटर क��स्ट मैरिज करना चाहिए,,तुम मेरी मां को गाली दो मेरे भाई को गाली दो मेरे ब्राह्मण जाती को गाली दो इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता,,इस्लाम बहुत अच्छा धर्म है और मै अख्तर के साथ बहुत खुश हु" 👆👺,,ये इस किसम की ही बजात लड़कियां होती है जो यंग बच्चियों को बिगाड़ती है उनको बरगलाती है,,इस कुलटा को इस हिंदू बहन ने करारा जवाब दिया..🚩👌
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🚨 बहस के दौरान बड़ा पल!
आनंद रंगनाथन ने राम मंदिर डिबेट में सुरेंद्र राजपूत की धज्जियां उड़ा कर रख दी
"जिसकी जहां आस्था है, वह वहीं जाएगा" — इस बात से मैं पूरी तरह सहमत हूं।
दावा किया गया कि: 📌 नेहरू 1959 में बाबर की मजार गए
📌 इंदिरा गांधी 1968 में बाबर की मजार गईं
📌 राजीव गांधी 1976 में बाबर की मजार गए
📌 राहुल गांधी 2005 में बाबर की मजार गए
लेकिन सवाल यह है कि क्या इनमें से कोई राम जन्मभूमि गया?
"जिसकी जहां आस्था है, वह वहीं जाएगा" — यही बात आज की बहस में फिर सामने आई।
#RamJanmabhoomi #RahulGandhi #NehruGandhiFamily #PoliticalDebate #ViralVideo
#Anandrangnathan
@ssrajputINC@ARanganathan72
मुहम्मद इमामुद्दीन ने बाईस सालों से बुजुर्ग दंपत्ति की दुकान को घेर का ताला जड़ रखा था |
कल जिलाधिकारी गाजियाबाद ने दुकान को इमामुद्दीन से छीन कर वापस बुजुर्ग द���पत्ति को चाबी दे दी |
हिंदुओं देख लो अब आगे यह मत कहना कि योगी सरकार हिंदुओं के लिए कर ही क्या रही है | ����
“हर मुसलमान चार-चार हिंदू दोस्त बनाएं, ऐसे हिंदू जो उसकी हर बात पर आँख मूँद कर भरोसा करें और उन्हीं की मदद से भाजपा का अंत करेंगे”
~ मुरादाबाद में सपा सांसद जावेद अली खान
जीरो टॉलरेंस नीति का असर, 22 साल बाद मिला बुजुर्ग को अपनी दुकान ...
गाजियाबाद में कब्जाधारी मो���म्मद इमामुद्दीन मलिक से दुकान छुड़वाकर असली मालिक को सौंपी गई. भावुक दंपति ने जिलाधिकारी को अपना 'हनुमान' बताया...
#Ghaziabad | #ViralVideo | #AajTakSocial | #ATReel
Another Meltdown…You’ll Love This Too
😂😂😂
These wicked meltdowns are kind of heartwarming and really gives you a sense of satisfaction to watch these fellows helpless, frustrated and very very angry, given a chance they’d pounce on you 😂😂😂
Credit : BhayankarBro.
🛕 सोमनाथ मंदिर में राहुल गांधी ने खुद को बताया था गैर-हिंदू।
राहुल गांधी की गैर-हिंदू की तरह एंट्री की गई है। एक बार फ��र से बता दें, इस वक्त की यह बड़ी खबर है। राहुल गांधी के सोमनाथ मंदिर जाने पर विवाद हो गया है।
सोमनाथ के रजिस्टर में राहुल ने खुद को गैर-हिंदू लिखा है। सोमनाथ मंदिर में एक नियम है कि जो गैर-हिंदू होते हैं,
वहां उनको प्रवेश करने से पहले इजाजत लेनी पड़ती है। तो उसी के तहत राहुल गांधी और अहमद पटेल, इन दोनों ने ही सिग्नेचर किए।
इन दोनों ने अपने-अपने को डिक्लेयर किया कि वे नॉन-हिंदू हैं और उसके बाद उनको इजाजत दी गई। उसके बाद उन्होंने दर्शन किए हैं। इसकी तस्दीक भी उन सिग्नेचर्स से की जा रही है जो आप देख रहे हैं। बाकायदा यहां के पुजारियों ने कन्फर्म किया कि यह तस्वीर और यह जो सिग्नेचर आए हैं, ये असली हैं।
उन्होंने समझाया कि हां, ये सिग्नेचर सही हैं और चूंकि नॉन-हिंदू हैं, इसलिए उन्होंने ये सिग्नेचर किए है��। उसके बाद जाकर उन्होंने दर्शन किए हैं और विजिटर बुक में बाकायदा एंट्री भी की।
पूरे मामले को लेकर अब यह जो विवाद उठा है, जैसे कि मंदिर की विजिटर बुक में आपने बताया कि राहुल की गैर-हिंदू की तरह एंट्री का यह पूरा मामला है, इस बारे में क्या रिएक्शन अभी तक सामने आए हैं?
लेकिन रिएक्शन सीधा सा यह है कि बीजेपी से जुड़े लोग इन सिग्नेचर्स को तमाम जगहों पर पहुंचा रहे हैं। अलग-अलग मीडिया ग्रुप्स, समर्थकों के पास। उनका यह कहना है कि राहुल गांधी इस बात को छुपाते क्यों हैं? 🤔
अगर वे नॉन-हिंदू हैं, तो सोमनाथ मंदिर सभी के लिए खुला है, लेकिन एक नियम यह है कि गैर-हिंदू को इजाजत लेनी पड़ती है। और यह नियम वहां ट्रस्ट ने सिक्योरिटी कंसर्न्स के चलते लागू किया था।
कुछ साल पहले से ही वे यह सवाल उठा रहे हैं। बीजेपी से जुड़े लोग पूछ रहे हैं कि राहुल यह बात छुपा क्यों रहे हैं?
यह बात उनको जाहिर करनी चाहिए थी। और चूंकि चुनाव का मौका है, इसलिए छोटी-छोटी बातों को भी तूल दिया जा रहा है, एक नए तरीके से। तो अब यह भी एक बड़ा विवाद का मसला बनता जा रहा है। 🗳️
राहुल के मंदिर जाने को लेकर तो पहले से ही विवाद कई दिनों से चला आ रहा है। बिल्कुल देखिए, वह एक अलग मसला है। वहां पर तो सवाल उठ रहे थे कि राहुल गांधी "सॉफ्ट हिंदुत्व" की ओर बढ़ रहे हैं।
लेकिन अब यह बात सामने आ गई कि जो बात छिपाई जा रही थी, सोमनाथ जाकर वह बात साबित ���ो गई।
एक बात और है, जो आज से पहले भी लोग बताते आए थे, लेकिन ट्रस्ट ��ा यह नियम नहीं था।
यह नियम अभी दो-तीन साल पहले लागू किया गया है, सिक्योरिटी कंसर्न्स के चलते।
🙏 अब सिर्फ शुक्रिया। फिलहाल पूरी जानकारी के लिए।
🚨हिंदू छात्र का ज़बरदस्त भाषण
ढाका यूनिवर्सिटी के एक बहादुर हिंदू छात्र ने भगवान श्री राम के अपमान के ख़िलाफ़ एक दमदार और जोशीला भाषण दिया।
ह��ारी हिंदू युवा पीढ़ी जाग रही है!
“हम सनातनी हैं। हमारी खामोशी का मतलब यह नहीं है कि हम कमज़ोर या लाचार हैं। हम मौत से नहीं डरते। कट्टरपंथियों को साफ़ चेतावनी: अगर हमने कभी तुम्हारी 'मॉब कल्चर' (भीड़ वाली संस्कृति) जैसा बर्ताव किया, तो तुम उसे बर्दाश्त नहीं कर पाओगे।”
करा ली बेइज्जती, हो गई थू-थू, रुबिका ने लपेट दिया ना अच्छे से?
मौजूदा सरकार पर झूठ बोल रहा था राहुल गांधी!
रुबिका लियाकत ने मनमोहन सरकार की काली करतूत बता दी!
2014 से पहले क्या-क्या हुआ, वो सुनकर चमचे अब भागते नजर आएंगे।
#RahulGandhi#RubikaLiyaquat#Congress
#PoliticalDebate
#TrendingNow
@RubikaLiyaquat@RahulGandhi
ये हिन्दू महिला हैं...
जो बता रही हैं कैसे उन्हें एक 9 साल के लड़के ने धर्म बदलने को कहा...
यही "दीन की दावत"
आपके बच्चे जब ट्व��ंकल ट्विंकल लिटिल स्टार गा रहे होते हैं
एक रेडिकल फ़ौज दूसरी तरफ़ उस उम्र में ट्रेनिंग पा रही होती है
लगता है केजरीवाल की पुरानी तमन्ना पूरी होने का समय आ गया है
अकाल तख्त (SGPC) ने भगवंत मान को 'गुरु-द्रोही' और 'पंथ विरोधी' घोषित किया है
ये फैसला उस वीडियो की फॉरेंसिक जांच के बाद लिया गया है जिसमें भगवंत मान सिख गुरुओं की फ़ोटो पर शराब छिड़कते हुए नज��र आ रहे हैं
अकाल तख्त ने सिख समाज से कहा है कि वे भगवंत मान से कोई संबंध न रखें
परंतु केजरीवाल तो भगवंत मान को अगला मुख्यमंत्री घोषित कर चुके हैं, अब उनके नाम पर वोट कैसे मिलेगा
तो अब केजरीवाल भगवंत मान से इस्तीफ़ा दिलाकर ख़ुद पंजाब के मुख्यमंत्री बन सकते हैं 😎
जूही बिस्वास वर्तमान में 16 वर्ष से TMC की पार्षद है
लेकिन इतने वर्षों में पहली बार कोई CM म्युनिसिपल
में गया है तो वो सुवेंदु अधिकारी है
तुम लिब्रांडू EVM हैक और वोट चोरी पे ही अटके हो
इधर एक छोटा सा काउंसिलर भी हैक हो गया
कुछ किए बिना ही — जय जयकार नहीं होती
अभी तो जाँच में "टुन्नू यादव" का जिक्र तक नहीं, हुआ और यह बैकफुट पर पहुँच गये?
पहले कहा राम मंदिर में चोरी डकैती हुई है, अब कह रहे हैं, जाँच क्यों हो रही है?
इतनी जल्दी पलकें नह���ं पलटती... जितनी जल्दी यह पलट चुके हैं।