जंगल जो जलाए थे उसमें बस्तियां भी थी,
*कांटों के साथ फूल पर कुछ तितलियां भी थी,*
तुमने तो गला घोंट दिया तुमको क्या एहसास
*उसमें तुम्हारे नाम कि कुछ हिचकियाँ भी थी !!*
सस्ती सी मेरी ज़िंदगी का ….महँगा सा ख़्वाब हो तुम
*हाँ……मेरे लिए बहुत ख़ास हो तुम 💞
*हां बस साथ ही नहीं हो मेरे तुम..... पर फिर भी मेरे लिए खास हो तुम।।
याद तो बहुत करती हूं पर जानती हूं.....तुम अब नहीं आओगे।।
पर फिर भी मेरे लिए खास हो तुम एक अजनबी एहसास हो तुम।।💕💕
मुझे अफ़सोस नहीं कि कोई मुझे छोड़ गया,
मैंने तो हर रिश्ते में अपना सब कुछ दिया।
जिसे जाना था, वो बहाना बनाकर चला गया,
जिसने धोखा दिया, उसने ही मुझे सिखा दिया—
कि हर अपना, अपना नहीं होता,
और हर रिश्ता निभाने वाला नहीं होता।
हाँ, बस याद कर लेते हैं तुम्हें,जब कोई नहीं होता, तो बस तुम्हें याद कर लेते हैं।जानते हो तुम अब मेरे नहीं,फिर भी तुम्हारा इंतज़ार कर लेते हैं।
शायद तुम्हारे दिल में आज भी थोड़ा-सा प्यार है,
इसीलिए तुम हमारा इतना ख़याल कर लेते हो।
हम भी कहाँ भूल पाए हैं तुम्हें,बस चुप रहकर तुमसे..
@sthakur8 रिश्तों और एहसासों की बात वो करते हैं,
जो खुद किसी का दिल तोड़ बैठे हैं।
दर्द समझने का दावा करते हैं मगर,
जो खुद किसी को दर्द दे बैठे हैं।
अजीब है उनकी मोहब्बत की कहानी,
जो अपना कहकर भी बेगाना कर बैठे हैं।
*🥰एक औरत, किसी पुरुष में.
*हमेशा प्रेमी ही नहीं तलाशती..
वो तलाशती है एक साथी...!
जो उसकी हर गलती के बाद भी उसे उतना ही प्यार दे...!!
वो तलाशती है एक ऐसा इंसान..!
जो हर मुश्किल घड़ी में उसके साथ खड़ा हो.!
*वो तलाशती है एक दोस्त..*!
*जिसके कंधे पे सर रख कर जी भर रो सके.!*
एक प्रेमी तो छोड़ जाता है, लेकिन उसके बाद प्रेमिका का क्या हाल होता है,चेहरे पर मुस्कान रहती है, मगर दिल हर पल बेहाल होता है।जिसके साथ देखे थे सपने, वही सपना अधूरा छोड़ जाता है,वो भूलने की लाख कोशिश करे, फिर भी हर याद उसे रुलाती है,क्योंकि सच्चा प्रेम खोने के बाद,