अर्थात्:- श्रीमद् श्रीगंगाजी के श्रीजलविग्रह श्रीजल के अन्दर स्थित रहा करते हैं।अतएव अभीष्टों की सिद्धियों के प्रदान करने वाली श्रीमद् भगवती श्रीगंगादेवी का इस कलियुग में भली-भाँति सेवन करना चाहिए।
*श्रीराम जयराम जयजयराम*
*सबको जय गंगा मैंईया*
महान स्वतंत्रता सेनानी 'लोकमान्य' बाल गंगाधर तिलक की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि।
अपने ओजस्वी विचारों से उन्होंने जन-जन के मन में स्वाभिमान और पूर्ण स्वराज की भावना को सुदृढ़ किया।
उनका त्याग, संघर्ष व राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।
‘दुश्मन की गोलियों का हम सामना करेंगे, आजाद ही रहे हैं, आजाद ही रहेंगे’ के उद्घोषक, महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि।
उनका जीवन हम सभी को राष्ट्रहित में कर्तव्यपथ पर अग्रसर रहने की सदैव प्रेरणा प्रदान करता रहेगा।
'राष्ट्रीय झंडा अंगीकरण दिवस' की प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई।
हमारा राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगा' भारत की एकता, संप्रभुता, अखंडता, गौरव और आत्मसम्मान का प्रतीक है।
आइए, इस पावन अवसर पर 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ तिरंगे के सम्मान एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करें।
जय हिंद।
जब भी राष्ट्रभक्ति, साहस और कर्तव्य के सर्वोच्च प्रतिमानों की चर्चा होगी, कारगिल विजय के अमर नायक, 'परमवीर चक्र' से अलंकृत कैप्टन विक्रम बत्रा का नाम गर्व के साथ स्मरण किया जाएगा।
माँ भारती के वीर सपूत का जीवन और सर्वोच्च बलिदान प्रत्येक भारतीय को 'राष्ट्र प्रथम' के भाव के साथ जीने की प्रेरणा देता है।
आज उनके बलिदान दिवस पर कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि।
समृद्धि की शोभा विनम्रता और परोपकार में निहित है। सफलता वही सार्थक है, जिसमें लोककल्याण की भावना सर्वोपरि हो।
भवन्ति नम्रास्तरवः फलोद्गमैर्नवाम्बुभि-र्दूर-विलम्बिनो घनाः।
अनुद्धताः सत्पुरुषाः समृद्धिभिः स्वभाव एवैष परोपकारिणाम्॥
'गर्व से कहो, हम हिंदू हैं' का उद्घोष कर भारत की राष्ट्रवादी, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा देने वाले महान संत, 'राष्ट्रऋषि' स्वामी विवेकानंद जी की पुण्यतिथि पर भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
उनका तपस्वी जीवन करोड़ों युवाओं को अपने राष्ट्र, संस्कृति और कर्तव्य के प्रति समर्पित होने की प्रेरणा देता है।
राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगा' के अभिकल्पक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पिंगली वेंकैया की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि।
आपकी अमर कृति ‘तिरंगा’ प्रत्येक भारतीय को राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव की रक्षा हेतु सदैव प्रेरित करता रहेगा।
*श्रीगंगामहात्म्य्*
*गच्छंस्तिष्टञ्ज जपन्ध्यायन् भुंजन्जाग्रत स्वपन्वदन्।यः स्ममरेत्सततं गंङ्गां स हि मुच्येत् बन्धनात्।।*
अर्थात्:-गमन करते स्थित रहते हुए-नाम का जाप करते हुए
निरंतर प्रयास ही सफलता की असली कुंजी है। जीवन में वही व्यक्ति अपने लक्ष्य तक पहुंचता है, जो धैर्य, दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ता रहता है।
नानाश्रान्ताय श्रीरस्तीति रोहित शुश्रुम।
पापो नृषद्वरो जन इन्द्र इच्चरतः सखा चरैवेति॥