मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पूरी तरह से ढक्कन किया.
आकाश को पार्टी से भी निकाला गया
आकाश ने थोड़ी देर पहले ट्वीट किया था- मैं 'सब कुछ' न्यौछावर करने को तैयार हूं.
मायावती ने 'सब कुछ' ले लिया
अखिलेश यादव पिछड़ों के सबसे बड़े नेता के तौर पर उभर रहे है ।।
ऐसा ही मेहनत करते रहे तो 2027 में दूरबीन लगा के देखने के बीजेपी के विधायक नहीं मिलेगे
बाबा फिर से बाबा बनेंगे गोरखनाथ मंदिर में
आरक्षण में हो रही अनियमितताओं के बारे में लोगों को जागरूक करते हुए, साथ ही बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए उनकी शिक्षा के महत्व पर बातचीत करते हुए।
#आरक्षण#reservations#PDA
10% EWS को 1025+181सीट (EWS को 589 सीट ज्यादा)
27% OBC को 1028+199सीट (OBC की 440 सीट की चोरी)
440 OBC परिवारों में और सरकारी नौकरी आती.
जागो OBC जागो, आपका हक EWS वाले खा रहे है!
भाजपा सरकार #EWS पर सब कुछ लुटा रही है!
प्रिय यंग एम्प्लॉयीज़
जो लोग एम्प्लॉयीज़ को 90 घंटे काम करने की सलाह दे रहे हैं कहीं वो इंसान की जगह रोबोट की बात तो नहीं कर रहे हैं क्योंकि इंसान तो जज़्बात और परिवार के साथ जीना चाहता है।
और आम जनता का सवाल ये भी है कि जब अर्थव्यवस्था की प्रगति का फ़ायदा कुछ गिने चुने लोगों को ही मिलना है तो ऐसी 30 ट्रिलियन की इकोनॉमी हो जाए या 100 ट्रिलियन की, जनता को उससे क्या। सच्चा आर्थिक न्याय तो यही कहता है कि समृद्धि का लाभ सबको बराबर से मिले, लेकिन भाजपा सरकार में तो ये संभव ही नहीं है।
साथ ही सलाह देनेवाले भूल गये कि मनोरंजन और फ़िल्म उद्योग भी अरबों रुपए इकोनॉमी में जोड़ता है। ये लोग शायद नहीं जानते हैं कि एंटरटेनमेंट से लोग रिफ़्रेश्ड, रिवाइव्ड और री-एनर्जाइज़्ड फ़ील करते हैं, जिससे वर्किंग क्वॉलिटी बेटर होती है।
ये लोग न भूलें कि युवाओं के सिर्फ़ हाथ-पैर या शरीर नहीं, एक दिल भी होता है जो खुलकर जीना चाहता है और बात घंटों काम करने की नहीं होती बल्कि दिल लगाकर काम करने की होती है।क्वांटिटी नहीं, क्वॉलिटी ऑफ़ वर्क सबसे ज़रूरी होता है। सच तो ये है कि युवाओं की रात-दिन की मेहनत का सबसे ज़्यादा लाभ सबसे ऊपर बैठे हुए लोगों को बैठे-बिठाए मिलता है, इसीलिए ऐसे कुछ लोग ‘90 घंटे काम करने’ जैसी इंप्रैक्टिकल सलाह देते हैं। आज जो लोग युवाओं को ये सलाह दे रहे हैं, वो दिल पर हाथ रखकर बताएं कि ये विचार उन्हें तब आया था क्या जब वो युवा थे और आया भी था और उन्होंने अपने समय में अगर 90 घंटे काम किया भी था तो फिर आज हम इतने कम ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी तक ही क्यों पहुँचे।
वर्क एंड लाइफ़ का बैलेंस ही मानसिक रूप से एक ऐसा स्वस्थ वातावरण बना सकता है, जहाँ युवा क्रिएटिव और प्रॉडक्टिव होकर सही मायने में देश और दुनिया को और बेहतर बना सकते हैं।
अगर भाजपाई भ्रष्टाचार ही आधा भी कम हो जाए तो अर्थव्यवस्था अपने आप दुगनी हो जाएगी। जिसकी नाव में छेद हो उसकी तैरने की सलाह का कोई मतलब नहीं।
आपका
अखिलेश
बसपा वाले जितनी पैनी नजर अखिलेश यादव जी पर रखते हैं उसका 25 परसेंट नजर खुद अपनी पार्टी पर रख लेते तो आज सदन में विधायक और सांसद जरूर होते,
और उसका 10% भी बीजेपी पर राजनीतिक हमलावर होते तो बसपा के वोट प्रतिशत में जरूर 5% की वृद्धि तो हो ही जाती,
लेकिन पता नहीं बसपा को कौन इन रास्ते पर लेकर जा रहा है जिस रास्ते में खट्टा ही खड्डा है,
10% EWS को 143 सीट बनती है लेकिन 8 सीट ज्यादा दी गयी है!
27% OBC को 387 सीट बनती है लेकिन 170 सीट की चोरी कर ली गयी है!
170 OBC परिवारों में और सरकारी नौकरी आती.
जागो OBC जागो, आपका हक EWS वाले खा रहे है!
भाजपा सरकार #EWS पर सब कुछ लुटा रही है!
अहीर समाज पहले ही पंचायत करके विवाद पर कार्रवाई कर चुका था लेकिन अब यह नीले कबूतर देश के शहीदों को समर्पित बोर्ड को तोड़कर क्या साबित करना चाह रहे हैं यह अहीर समाज का ही नहीं बल्कि देश के शहीदों का अपमान है
जिनकी औकात हमारे आंगन और खटिया तक नहीं थी आज वह हमे आंखें दिखा रहे है ये सब गंदी राजनीति और हमारे राजनेताओं के कारण हो रहा है क्योंकि उन्हीं की वजह से इन्हें इतनी छूट मिल गई है
अहीर समाज शहीदों का अपमान नहीं सहेगा
यह अहीर समाज की भावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं
@uppolice@mathurapolice से निवेदन करता हूं कृपया कार्यवाही करें।
काम-धाम से कोई मतलब है जी? जनता को भ्रमित करने के लिए 2005 से पहले वाला घिसा-घिसाया-आजमाया डायलॉग और घिसा-पिटा ड्रामा फिर कर देना है- श्री श्री नीतीश कुमार, मा॰ मुख्यमंत्री
केशव मौर्य (बीजेपी) V/S नीरज मौर्य (सपा) समाज का नेता कौन
नीरज मौर्य PDA पंचायत कर रहे समाज के लिए
केशव मौर्य PDA को गाली दे रहे बीजेपी के लिए
बहन saneha के लिए गृह मंत्रालय तक लेटर लिखा नीरज जी ने.
केशव मौर्य मुंह बंद कर लिए आरोपी 52 था
पिछले 8 घटनाएं हुई समाज को लेकर केशव प्रसाद मौर्य का मुंह ऐसे बंद था जैसे किसी ने फेविकोल लगा दिया हो
वही दूसरी तरफ नीरज जी समाज के जिन लोगों को जरूरत पड़ी नीरज जी गए
और केशव उप मुख्यमंत्री होने के बाद चुप रहा वो मुंह खोलते है केवल बीजेपी प्रवक्ता बन के पिछड़ों को गाली देने के लिए
केशव को बस खुद के पद से मतलब है नीरज मौर्य समाज का वो आवाज है जो अंतिम सांस तक लड़ेगा.
चुनाव आपको करना आपके हक के लड़ने वाले नीरज या कुर्सी से चिपके केशव मौर्य
#समाज_के_शौर्य_नीरज_मौर्य
@iamAKstalin@AnilYadavmedia1@NeerajMauryaMP
कार्यकर्ता OBC, SC, ST की सबसे मजबूत कड़ी यानी यादवों के खिलाफ ही साजिश रच रहे हैं।
इतिहास उठाकर देखिए, जब भी SC/ST समाज पर हमला हुआ, सबसे पहले यादव समाज उनके साथ खड़ा रहा। चाहे संविधान बचाने की लड़ाई हो, मंडल कमीशन का संघर्ष हो या दलितों के हक की बात, यादवों ने हमेशा बहुजन समाज का साथ दिया। डॉ. राम मनोहर लोहिया से लेकर मुलायम सिंह यादव तक, पिछड़ों और दलितों की राजनीति को ताकत यादवों ने ही दी है। लेकिन आज कुछ BSP कार्यकर्ता उन्हीं यादवों के खिलाफ जहर उगल रहे हैं, जिससे साफ पता चलता है कि वे बीजेपी की ‘वोट काटो’ राजनीति का हिस्सा बन चुके हैं।
यादवों से बैर पालने वाले BSP कार्यकर्ताओं को समझना चाहिए कि आज OBC, SC, ST का भविष्य सिर्फ अखिलेश यादव के नेतृत्व में सुरक्षित है। मायावती अब BJP की ‘अंदरूनी सहयोगी’ बन चुकी हैं और सत्ता के लालच में बहुजन आंदोलन को बेच चुकी हैं। अगर कोई सच में OBC, SC, ST का नेतृत्व कर सकता है, तो वह सिर्फ अखिलेश यादव हैं। समाजवादी पार्टी ही दलितों और पिछड़ों के अधिकारों की असली लड़ाई लड़ रही है, जबकि BSP अब सिर्फ कागजों पर बहुजन हितैषी बनकर रह गई है।
BSP के कार्यकर्ताओं को यह नहीं भूलना चाहिए कि जो बहुजन समाज को तोड़ने की कोशिश करेगा, उसे इतिहास कभी माफ नहीं करेगा। आज अगर यादव, पासी, कुशवाहा, मौर्य, जाटव, धानुक, निषाद और अन्य पिछड़े व दलित एक नहीं हुए, तो बीजेपी हमें पूरी तरह खत्म कर देगी। लेकिन कुछ मूर्ख BSP कार्यकर्ता यह समझने को तैयार ही नहीं हैं कि यादवों से बैर करके वे BJP की सबसे बड़ी मदद कर रहे हैं।
अगर बहुजन समाज को बचाना है, तो OBC, SC, ST को एकजुट होकर अखिलेश यादव का समर्थन करना होगा। आज भी सबसे पहले किसी दलित पर अत्याचार होता है, तो सड़कों पर उतरने वाला पहला नेता अखिलेश यादव होता है, न कि मायावती। यादवों को कमजोर मत समझो, ये वही समाज है जिसने लाठी-डंडों से बीजेपी का जंगलराज तोड़ा था और आगे भी तोड़ेगा। जो लोग यादवों से बैर कर रहे हैं, वे बहुजन समाज के सबसे बड़े दुश्मन हैं। BSP को चाहिए कि वह यादवों से दुश्मनी छोड़कर असली दुश्मन
मैं जब एक बार प्रेग्नेंट थी ना,
तो मैंने अपने मूत को बोतल में भर कर फ्रीज में रखा था,
और जब भी मुझे पैसे चाहिए होते थे,
तब मैं दो बूंद उसमें से निकालकर प्रेग्नेंसी किट में डाल लेती थी,
और फिर अबॉर्शन कराने के नाम पर अपने बॉय फ्रेंड से पैसे लेती थी,
सोचिए कितना खतरनाक है सबकुछ,
बीजेपी सोच रही है कि आपका आंनद को पद से हट जाने से फिर से सत्ता में वापसी कर पाएगी,
लेकिन बीएसपी कार्यकर्ताओं समर्थकों में भारी राजनीतिक आक्रोश हो चुका है निश्चित तौर पर वोट की चोट से 2027 में बीजेपी का सफाया करने के लिए हर बीएसपी कार्यकर्ता समर्थक उत्सुक हो रहा है,
बीजेपी कुछ भी कर ले लेकिन 2027 में पीडीए सरकार बनकर ही रहेगी,
मैं गारंटी से कह रहा हूं,
इस बोर्ड को तोड़ने से किसी भी यादव की भावना आहत नहीं हुई होगी,
भाई ऐसे बीस, पचास बोर्ड आप और तोड़ दो,
आपका गुस्सा शांत करने के लिए जो कर सकते हो, कर लो,
आपको कोई कुछ नहीं कहेगा,
कोई शिकायत नहीं होगी,
क्योंकि इधर इतना समृद्ध इतिहास है कि,
इन सब टपोरी टाइप की हरकतों से किसी को बाल बराबर भी फर्क नहीं पड़ेगा,
लेकिन आप को कोई सिर्फ आपकी बिरादरी के नाम से सम्बोधित कर दे,
आप विक्टिम कार्ड खेलने लगोगे,
शोषण का आरोप लगा दोगे,
संविधान को खतरे में डाल दोगे,
थाना, पुलिस में अप्लीकेशन देने लगोगे,