हम ब्राह्मण हैं ~ परशुराम के वंशज।
हम यादव हैं ~ श्रीकृष्ण के वंशज।
हम क्षत्रिय हैं ~ महाराणा प्रताप के वंशज।
हम मौर्य हैं ~ चंद्रगुप्त के वंशज।
लेकिन असली सवाल यह नहीं है कि तुम किसके वंशज हो।
असली सवाल यह है कि आज तुम्हारा भविष्य कौन लूट रहा है?
एक अनपढ़ , जाहिल और निकम्मा नेता आता है।
जाति के नाम पर तुम्हें बांटता है।
धर्म के नाम पर तुम्हें भड़काता है।
इतिहास के नाम पर तुम्हें उलझाता है।
और तुम्हारे टैक्स के पैसों से अपनी ऐशगाह बनाता है।
तुम अस्पताल में लाइन लगाते हो ,
वो VIP इलाज करवाता है।
तुम्हारे बच्चे बेरोजगार घूमते हैं ,
उसके बच्चे विदेशों में पढ़ते हैं।
तुम गड्ढों वाली सड़क पर चलते हो ,
वो लाल बत्ती और काफिले में निकलता है।
तुम महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक और भ्रष्टाचार झेलते हो,
वो तुम्हें जाति की औकात याद दिलाकर सत्ता का मजा लेता है।
जिस नेता को तुम्हारे स्कूल, अस्पताल, रोजगार, सुरक्षा और सम्मान से फर्क नहीं पड़ता,
उसके लिए तुम सिर्फ वोट हो ... नागरिक नहीं।
इसलिए वंश , जाति और झूठी शान की कहानियों से बाहर निकलो।
अपने हक , अपने भविष्य और अपने बच्चों के लिए सोचो।
जो नेता जनता को बांटकर राज करता है,
जनता को चाहिए कि उसे सत्ता से उखाड़ फेंके।
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