@narendramodi#श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि
श्राद्ध आदि शास्त्रविरूद्ध क्रियाऐं झूठे गुरूओं के कहने से करके अपना जीवन नष्ट करते हैं। सतगुरू (तत्वदर्शी संत) का सत्संग सुनते, उसकी सर्ब पापकर्म नष्ट हो जाते। सत्य साधना करके अमर लोक यानि गीता अध्याय 18 श्लोक 62 में कहे
Sant Rampal Ji Maharaj
@narendramodi#श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि
श्राद्ध आदि शास्त्रविरूद्ध क्रियाऐं झूठे गुरूओं के कहने से करके अपना जीवन नष्ट करते हैं। सतगुरू (तत्वदर्शी संत) का सत्संग सुनते, उसकी सर्ब पापकर्म नष्ट हो जाते। सत्य साधना करके अमर लोक यानि गीता अध्याय 18 श्लोक 62 में कहे
Sant Rampal Ji Maharaj
@narendramodi#श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि
तत्वदर्शी संत (गीता अ-4 श्लोक-34) से दीक्षा लेकर शास्त्रविधि अनुसार सतभक्ति करने वाले परमधाम सतलोक को प्राप्त होते हैं जहाँ जन्म-मरण, दुख, कष्ट व रोग नहीं होता है।
Sant Rampal Ji Maharaj
@narendramodi#श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि
तत्वदर्शी संत (गीता अ-4 श्लोक-34) से दीक्षा लेकर शास्त्रविधि अनुसार सतभक्ति करने वाले परमधाम सतलोक को प्राप्त होते हैं जहाँ जन्म-मरण, दुख, कष्ट व रोग नहीं होता है।
Sant Rampal Ji Maharaj
@narendramodi@EmmanuelMacron#श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि
तत्वदर्शी संत (गीता अ-4 श्लोक-34) से दीक्षा लेकर शास्त्रविधि अनुसार सतभक्ति करने वाले परमधाम सतलोक को प्राप्त होते हैं जहाँ जन्म-मरण, दुख, कष्ट व रोग नहीं होता है।
Sant Rampal Ji Maharaj
@narendramodi@EmmanuelMacron#श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि
तत्वदर्शी संत (गीता अ-4 श्लोक-34) से दीक्षा लेकर शास्त्रविधि अनुसार सतभक्ति करने वाले परमधाम सतलोक को प्राप्त होते हैं जहाँ जन्म-मरण, दुख, कष्ट व रोग नहीं होता है।
Sant Rampal Ji Maharaj
@manikpuri_mona#श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि
जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी से उपदेश लेकर कबीर साहेब जी की भक्ति करने से सतलोक की प्राप्ति होती है।
सतलोक अविनाशी लोक है। वहां जाने के बाद साधक जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त हो जाता है और पूर्ण मोक्ष प्राप्त करता है।
@narendramodi#श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि
श्राद्ध क्रिया कर्म मनमाना आचरण है यह शास्त्रों में अविद्या कहा गया है बल्कि गीता अध्याय 16 श्लोज 23 और 24 में कहा है कि जो शास्त्र विधि को त्याग कर मनमाना आचरण करते हैं उनकी ना तो गति होती है ।
Sant Rampal Ji Maharaj
@narendramodi#श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि
श्राद्ध क्रिया कर्म मनमाना आचरण है यह शास्त्रों में अविद्या कहा गया है बल्कि गीता अध्याय 16 श्लोज 23 और 24 में कहा है कि जो शास्त्र विधि को त्याग कर मनमाना आचरण करते हैं उनकी ना तो गति होती है ।
Sant Rampal Ji Maharaj
#श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि
Bhagavad Gita 9:25
Worshippers of the gods go to the gods, worshippers of the ancestors go to the ancestors, worshippers of ghosts take birth amongst ghosts.
What does Bhagavad Gita say about Shraadhs?
Sant Rampal Ji Maharaj
#श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि
Bhagavad Gita 9:25
Worshippers of the gods go to the gods, worshippers of the ancestors go to the ancestors, worshippers of ghosts take birth amongst ghosts.
What does Bhagavad Gita say about Shraadhs?
Sant Rampal Ji Maharaj
@itsKajolD@thedeol#श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि
Saint Rampal Ji Maharaj Ji proved in the Holy Geeta Ji that performing Shraddha and getting the Pind filled is arbitrary worship and will not bring any benefit to the seeker.
Sant Rampal Ji Maharaj