रुके कदम, चले कदम,
तेरी यादों में ढले कदम,
मंज़िल मिली ना, राह मिली ना,
फिर भी तुझसे हटे नहीं कदम। 💔
हँसे कभी, रोए कभी,
तेरे लिए ही खोए कभी,
तू मिला नहीं तो क्या हुआ,
तेरे ख़्वाबों में सोए कभी। 🥀
दिल टूटा तो आवाज़ न हुई,
आँखें रोईं मगर बरसात न हुई,
❤️👇
@UP_Swasth सरकारी अस्पतालों में न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और कार्डियोलॉजी जैसी सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का विस्तार मरीजों के लिए बड़ी राहत है। गंभीर बीमारियों के विशेषज्ञ उपचार की सुविधा नजदीक मिलने से समय और खर्च दोनों बच सकते हैं। 🏥❤️🙏
@UP_Gramoday जहाँ कभी मजबूरी में बच्चों का बचपन काम में गुजर जाता था, वहीं शिक्षा और सरकारी योजनाओं के माध्यम से आज उनके सपनों को नई दिशा मिल रही है। बच्चों को स्कूल, अवसर और सम्मान मिले, यही सशक्त उत्तर प्रदेश की पहचान है। 📚✨🇮🇳
@InfoDeptUP सही पोषण केवल आज के स्वस्थ बचपन की नींव नहीं रखता, बल्कि आने वाली पीढ़ी के मजबूत भविष्य का आधार भी बनता है। बच्चों को संतुलित आहार, स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता देना पूरे समाज की जिम्मेदारी है। 🌱👶🇮🇳
@InfoDeptUP@myogiadityanath नीब करौरी बाबा सर्किट का विकास उत्तर प्रदेश के आध्यात्मिक पर्यटन को नई दिशा दे सकता है। वृंदावन, फिरोजाबाद, फर्रुखाबाद और लखनऊ जैसे स्थलों को जोड़ने से श्रद्धालुओं को बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिल सकती है। 🙏🌸🚩
@samajwadiparty अखिलेश यादव जी, छह महीने में एक लाख नियुक्तियों की घोषणा का मूल्यांकन पूरी छह महीने की अवधि पूरी होने के बाद होना चाहिए। साथ ही बीच में हुई नियुक्तियों और भर्ती प्रक्रियाओं का रिकॉर्ड भी सामने रखा जाना चाहिए, ताकि चर्चा वास्तविक आंकड़ों पर हो।
@samajwadiparty अखिलेश यादव जी, अस्पतालों में कमियां हों तो उन पर सवाल जरूर उठने चाहिए, लेकिन पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था का मूल्यांकन केवल कुछ उदाहरणों से नहीं किया जा सकता। मेडिकल कॉलेज, MBBS-PG सीटें, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और स्वास्थ्य बजट जैसे व्यापक संकेतकों को भी देखना जरूरी है।
@samajwadiparty अखिलेश यादव जी, कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है। लेकिन ऐसी बहस में वर्तमान सरकार के साथ-साथ पिछली सरकार के कार्यकाल का रिकॉर्ड, आधिकारिक अपराध आंकड़े और न्यायिक टिप्पणियां भी सामने रखी जानी चाहिए, ताकि जनता पूरी तस्वीर देख सके।
@yadavakhilesh किसी भी हत्या बेहद दुखद है और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। लेकिन ऐसी संवेदनशील घटना को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हथियार बनाने के बजाय निष्पक्ष जांच और दोषियों को कठोर सजा की मांग होनी चाहिए। न्याय राजनीति से ऊपर है। ⚖️🙏
रुके कदम, चले कदम,
तेरी यादों में ढले कदम,
मंज़िल मिली ना, राह मिली ना,
फिर भी तुझसे हटे नहीं कदम। 💔
हँसे कभी, रोए कभी,
तेरे लिए ही खोए कभी,
तू मिला नहीं तो क्या हुआ,
तेरे ख़्वाबों में सोए कभी। 🥀
दिल टूटा तो आवाज़ न हुई,
आँखें रोईं मगर बरसात न हुई,
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