अजीत भारती चाहते हैं कि दिल्ली पुलिस उन्हें गिरफ्तार करे।
क्योंकि जितना यह मामला आगे जाएगा, उतना ही लोगों को समझ आएगा कि आखिर इस तथाकथित “मोदी एक्ट” का इस्तेमाल कैसे हो रहा है।
भाजपा की मदद भी लेने से इनकार कर दिया।
बात साफ है...
लड़ाई अपनी है तो लड़ेंगे भी खुद।
और अगर अजीत भाई की गिरफ्तारी होती है, तो शायद यही उस फर्जी “मोदी एक्ट” के लिए आखिरी कील साबित हो।
इतना बड़ा मामला बनेगा कि सरकार को भी आखिर समझना पड़ेगा...
अब बहुत हो गया। 🤡🔥
ब्रेकिंग 👇
अभिषेक ठाकुर पर भीम आर्मी कार्यकर्ता का जानलेवा हमला...
एक हमलावर ने अभिषेक ठाकुर पर रिवॉल्वर भी तानी और बोला कि इसको आज जा*"न" से मा*"र" देगे।
ये क्या हो रहा है अब देश में खुलेआम हमले हो रहे है अब।
स्वतंत्रत भारद्वाज को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत
अगली सुनवाई 14 दिनों बाद होगी
क्या यही भारत की न्याय व्यवस्था हैं?
कोई जानबुझकर SC/ST Act लगा देता है?
फिर किसी व्यक्ति की जिंदगी तुरंत बर्बाद हो जाती है।
पिछले 15-20 दिनों में इसे देश में 4 SC/ST एक्ट के केस दर्ज हुए जो पूरे देश में चर्चित हुए:-
- राहुल गांधी, आशुतोष रांका, अजीत भारती स्वतंत्र भरद्वाज
- इन चारों ने ही प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष किसी दलित समाज का उत्पीड़न नहीं किया, ना ही किसी पर जातिसूचक टिप्पणी करने के सबूत मौजूद हैं
- स्वतंत्र भारद्वाज 14 दिन की हिरासत में हैं, अजीत भारती की अग्रिम जमानत रिजेक्ट हो गई है
- राहुल गांधी और आशुतोष रांका का कोई बाल-बांका नहीं कर सकता
बलिया में नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ का विरोध करने पर ब्राह्मण समाज के 6 लोगों पर लगा दिया SC ST एक्ट।
अब अपनी बहन बेटियों की रक्षा करने पर भी लगेगा SC ST एक्ट।
स्वतंत्र भारद्वाज का सबसे बड़ा गुनाह यही है कि वह स्वतंत्र भारद्वाज है।
आज इस देश में स्वतंत्र सिंह, स्वतंत्र गुप्ता, स्वतंत्र मिश्र, दुबे होना ही अपराध माना जा रहा है।
इस देश में सवर्ण होना गुनाह बन गया है।
अपडेट 🚨
इन्हीं जज महोदय महोदय ने अजीत भारती जी द्वारा चंद्रशेखर रावण के लिए कहे गए शब्दों को लेकर SCSTACT की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।
उन्होंने यह भी पुलिस से कहा है कि सिर्फ मुकदमा दर्ज होने मात्र से किसी की गिरफ्तारी नहीं होनी चाहिए।
वहीं दूसरी ओर इन्हीं जज साहब ने स्वतंत्र भारद्वाज के केस में उस गिरफ्तारी पर बिना सवाल किए कि बिना जांच आपने किसी को कैसे गिरफ्तार कर लिया? उसे न्यायिक अभिरक्षा में 14 दिन के लिए भेज दिया।
मतलब एक ही जज एक ही दिन कुछ ही पलों में फैसलों पर विचार दोनों में अलग अलग राय और निर्णय तो बताओ कौन से संविधान और कानून से यह फैंसला हो रहा है?
'सरकारी खजाने को चूना नहीं चलेगा...' SC/ST राहत राशि मामले पर HC सख्त, पूरे यूपी में जांच के आदेश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट के तहत पीड़ितों को मिलने वाली आर्थिक राहत राशि के दुरुपयोग को लेकर सुनवाई की. अपने फैसले में अदालत ने पूरे उत्तर प्रदेश में जांच के आदेश दिए हैं. कोर्ट ने जिला प्रशासन को तीन महीने में जांच पूरी करने का निर्देश दिया है और कहा है कि योजना के दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई होगी.
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जमीन पर ये आदेश कागज का टुकड़ा बनकर रह गया है।
28 अप्रैल 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने साफ आदेश दिया था कि देवी-देवताओं के अपमान पर पुलिस को किसी की शिकायत का इंतजार नहीं करना है, खुद स्वतः संज्ञान लेकर FIR दर्ज करनी है। WP(C) 943/2021 में यही कहा गया था कि धर्म कोई भी हो, हेट स्पीच और धार्मिक भावनाओं के अपमान पर तुरंत कार्रवाई हो।
पुलिस कब स्वतः संज्ञान लेती है? जब मर्ज़ी हो तब। भगवान का अपमान हो रहा हो तो इंतजार करती है कि कोई शिकायत लेकर आए, जबकि दूसरे मामलों में रातोंरात FIR लिख जाती है। ये दोहरा मापदंड अब छिपाने लायक नहीं बचा।
कोर्ट ने बाद में कहा कि सिर्फ FIR न लगाना अवमानना नहीं माना जाएगा जब तक पुलिस जानबूझकर आंखें न मूंदे। यानी सिस्टम ने खुद को बचाने का रास्ता निकाल लिया। सवाल ये है कि हिंदू देवताओं के अपमान पर आंख मूंदने की ये आदत कब छूटेगी?
ब्रो लोग यूपी पुलिस में सिपाही हैं,
ब्रो लोगों का तनख्वाह से खर्च नहीं पूरा हो रहा था,
तब ब्रो लोगों ने प्लान बनाया पैसा कमाने का,
ब्रो लोगों ने सोनार को कॉल किया और कहा कि घर में सदस्य बीमार है दस हजार की जरूरत है गिरवी रखना है आ जाओ,
सोनार जब गया तो ब्रो लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर इंतजार कर रहे थे सोनार को पकड़ कर गाड़ी में डाला मारा पीटा और सोनार के बैग में एक पोलिथीन डाल दी,
फिर ब्रो लोगों ने कहा जैसा कहते हैं वैसा करो नहीं तो हॉफ इनकाउंटर कर दिया जाएगा,
ब्रो लोगों ने तीन लाख की डिमांड की पर बात दो लाख में फाइनल हुई,
सुबह सोनार का भाई और पिता पैसे लेकर आए तब सोनार को ये कहकर छोड़ा गया कि अगर किसी को बताया तो मादक पदार्थों की तस्करी में जेल भेज देंगे,
मेरा सरकार से निवेदन है कि ब्रो लोगों को परमवीर चक्र से सम्मानित किया जाए ताकि ऐसे ही ब्रो लोग बहादुरी का काम करते रहें।
घटना जलालाबाद शाहजहांपुर की है।