#WATCH | Delhi: On the resignation of Union Education Minister Dharmendra Pradhan, Abhijeet Dipke, Founding President of Cockroach Janta Party, says, "I want to say something very important. Don't make me a hero because Dharmendra Pradhan resigned today. Don't make this mistake. Don't make me a hero because of Dharmendra Pradhan's resignation. The country has been ruined because of making one person a hero..."
This duo highlighted in a humorous way those issues of the common people which are still important for the common people today.
No comedian can match this duo.
Anxiety isn’t just in your head.
It’s stored in your nervous system.
Here are 9 body-based ways to release it (without medication) 🧵
1. Cold water on your face.
सदा न संग सहेलियाँ, सदा न राजा देश।
सदा न जुग में जीवणा, सदा न काला केश।
सदा न फूलै केतकी, सदा न सावन होय।
सदा न विपदा रह सके, सदा न सुख भी होय।
सदा न मौज बसन्त री, सदा न ग्रीष्म भाण।
सदा न जोवन थिर रहे, सदा न संपत माण।
सदा न काहू की रही, गल प्रीतम की बांह।
ढ़लते ढ़लते ढ़ल गई, तरवर की सी छाँह।
- वाजिद जी दादूपंथी
"Google Gemini Nano banana is one of the most incredible, paradigm-shifting models of 2025
[...]
But who is actually going to build the LLM GUI? In this world view, nano banana is a first early hint of what that might look like.
And importantly, one notable aspect of it is that it's not just about the image generation itself, it's about the joint capability coming from text generation, image generation and world knowledge, all tangled up in the model weights." 🍌🔓
A year back, I started teaching myself deep learning following @fchollet’s book, and today I was at a YC x ARC party with him, talking to him about World Models. It’s insane how your life can flip in a year if you just keep at it.
कुछ व्यक्ति हिंदी बोल कर हिंदी को गरिमा प्रदान करते हैं।
मैं उन सौभाग्यशाली व्यक्तियों में से एक हूँ #जिसे_हिंदी_ने_गरिमा_प्रदान_की।'
कुछ व्यक्तियों के हिंदी बोलने से हिंदी का व्यक्तित्व निखरता है।
मैं उन सौभाग्यशाली व्यक्तियों में से एक हूँ #जिसके_व्यक्तित्व_को_हिंदी_ने_विकसित_किया।
कुछ विशिष्ट व्यक्तियों ने हिंदी का परिष्कार किया।
मैं उन व्यक्तियों में से एक हूँ जिसका #हिंदी_ने_परिष्कार_किया।
कुछ सिद्ध व्यक्तियों ने हिंदी को प्रसिद्ध किया।
मैं उन बड़भागियों में से एक हूँ जिसे #हिंदी_की_सिद्धि_ने_प्रसिद्धी_प्रदान_की।
माँ, मातृभाषा, और मातृभूमि हमारी सभ्यता, संस्कृति और संस्कार के स्रोत होते हैं, ये हमें संसार से अड़ना और लड़ना नहीं संसार से 'जुड़ना' सिखाते हैं। इसलिए इनके ऋण से कभी उऋण नहीं हुआ जा सकता।
"महज़ भाषा नहीं, यह माँ हमारी हमको रचती है ,
बचेगी लाज जब इसकी हमारी लाज बचती है।
छोड़ा गर इसे तुमने तो तुम भी छूट जाओगे ,
दुनिया नहीं तुम ख़ुद ही ख़ुद से रूठ जाओगे।
उठो जागो, करो स्वीकार इसको प्यार दो इसको ,
तुम्हारे मान का सम्मान का संसार दो इसको ।
फिर तुम नहीं ,ये सारी धरती डोल जाएगी ,
तुम्हारे कर्म की गाथा ये सदियों तक सुनाएगी ।
कहेगी ये हमारे अन्नदाता ज्ञानदाता हैं ,
कहेगी ये हमारे मान और अभिमान दाता हैं ।
कहेगी ये हमारे क्लेश, दुःख और कष्ट भक्षक हैं ,
कहेगी ये हमारे धर्म गुरु और धर्म रक्षक हैं।"~आशुतोष राना
भाषा की मुझ पर कृपा का परिणाम देखिए ! आज १४ सितंबर हिंदी दिवस के अवसर पर हमारे महानाट्य ‘हमारे राम’ का ३०० वाँ मंचन ‘वडोदरा’ नगर में संपन्न हो रहा है। जय हिन्द जय हिन्दी ❤️🙏
हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ 😊🌹🙏
100 जानकारी जिसका ज्ञान सबको होना चाहिए....!!
1.योग,भोग और रोग ये तीन अवस्थाएं है।
2. लकवा - सोडियम की कमी के कारण होता है ।
3. हाई वी पी में - स्नान व सोने से पूर्व एक गिलास जल का सेवन करें तथा स्नान करते समय थोड़ा सा नमक पानी मे डालकर स्नान करे ।
4. लो बी पी - सेंधा नमक डालकर पानी पीयें ।
पर्याप्त पानी,
भरपूर नींद,
तेल और चीनी से थोड़ी दूरी,
नशे से पूरी परहेज,
और रोज़ाना सिर्फ़ 20 मिनट की शारीरिक गतिविधि।
गिनती की ये चार आदतें —
आपको अनगिनत बीमारियों से बचा सकती हैं।
मानव शरीर में सप्तचक्रों का प्रभाव.....!!
1. मूलाधारचक्र
यह शरीर का पहला चक्र है। गुदा और लिंग के बीच 4 पंखुरियों वाला यह 'आधार चक्र' है। 99.9% लोगों की चेतना इसी चक्र पर अटकी रहती है और वे इसी चक्र में रहकर मर जाते हैं। जिनके जीवन में भोग, संभोग और निद्रा की प्रधानता है उनकी ऊर्जा इसी चक्र के आसपास एकत्रित रहती है।
सुनील गावस्कर को कल सोनी स्पोर्ट्स पर लाइव सुना। वो हर तरफ से इंग्लैंड के खिलाड़ियों, पूर्व खिलाड़ियों, खेल पत्रकारों, मीडिया और बैजबॉल को रगड़ रहे थे।
सुनील गावस्कर हर बार गोरों की रंगभेदी मानसिकता को पटक के भारतीय खिलाड़ियों का साथ खुल कर देते दिखते रहे हैं।
चाहे 2001 का दक्षिण अफ्रीका का वो टेस्ट, जिसमें भारत के 6 खिलाड़ियों को बेवजह अधिक अपील के नाम पर सस्पेंड किया गया हो।
चाहे कुंबले की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर ऑस्ट्रेलिया टीम की बेईमानी की बात हो, चाहे 2018 के दक्षिण अफ्रीका दौरे पर कोहली की टीम की साथ देने की बात रही हो, चाहे आईपीएल का समर्थन हो, या चाहे पंत जैसे खिलाड़ियों को सपोर्ट करना।
कोहली की पाकिस्तान के खिलाफ मेलबर्न में पाकिस्तान के खिलाफ यादगार पारी खेल मैच जिताने पर हमने उनका डांस भी देखा है और नीरज चोपड़ा के ओलंपिक गोल्ड जीतने पर उनका गाना भी सुना।
गावस्कर भारतीय क्रिकेट के उन दादाजी जैसे हैं जो अभी भी जीवन में बच्चों की तरह रुचि लेते हैं।
अपने नाती पोतों को डांटते भी हैं और समझाते भी।
#WATCH | Mumbai: On Maharashtra language row, Actor Ashutosh Rana says "...Bhasha samwaad ka vishay hoti hai, bhasha vivaad ka vishay nahi hoti hai...Samwaad mein vishwas rakhta hai Bharat, Bharat kabhi bhi vivaad mein vishwas nahi rakhta."