It is disgusting that thieves can operate so freely on your trains while paying passengers, especially vulnerable students, are left completely unprotected....
@RailMinIndia@AshwiniVaishnaw
Now the bag they were travelling has been stolen. Thanks for such a great experience when kids are travelling for their exams and relying on the @RailMinIndia@AshwiniVaishnaw
Hi @RailMinIndia,
My family (2 female members) is travelling on Shramjeevi: 12391, PNR: 6833353070. The 3AC coach is so overcrowded, it’s worse than general. It’s not only extremely suffocating but also raises serious safety concerns.
Requesting immediate intervention.
दिल मानने को तैयार नहीं कि Vibha Kaul Ma'am आप हमें छोड़कर चली गईं.
काम के साथ आपसे दिल का रिश्ता रहा. आप जैसी पॉजिटिविटी देने वाले लोग बहुत कम होते हैं. आपने हमेशा हौसला बढ़ाया.
कई दिनों से...हफ्तों से सोच रही थी कि आपको कॉल करूं… लेकिन कर नहीं पाई. ये अफसोस शायद हमेशा रहेगा.
जब भी आपके बारे में सोचूंगी, आपकी यही प्यारी मुस्कान सामने आएगी!
#vibhakaulbhat
सोशल मीडिया पर एक शर्मनाक घटना का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें लव मैरिज करने वाले एक कपल को लोगों ने पकड़कर जूतों की पाला पहनाकर सरेआम घुमाया और साथ ही मुंह पर कालिख भी लगाई.
उत्तर प्रदेश के कासगंज में सड़क पार कर रही छह साल की बच्ची को तेज रफ्तार बुलेट ने टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मासूम की मौके पर ही मौत हो गई. घटना से इलाके में मातम छा गया.
उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के घुघली थाना क्षेत्र के घघरुआ खड़ेसर गांव का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें मोबाइल चोरी के आरोप में गांव वालों ने एक नाबालिग बच्चे को पेड़ से उल्टा लटकाकर तालिबानी सजा दी. पुलिस मामले की जांच में जुटी.
उत्तर प्रदेश के देवरिया के सलेमपुर से भावुक वीडियो सामने आया, जिसमें जाम में फंसी एम्बुलेंस के बाद पिता अपनी बीमार बेटी को गोद में उठाकर अस्पताल की ओर दौड़ता दिखा.
राजस्थान के जयपुर के लोहा मंडी इलाके से एक चौंका देने वाला मामला सामने आया है, जहां शराब के नशे में धुत एक युवक 100 फीट से ऊंचे टावर पर चढ़ गया और फिर वहां से कूदने की धमकी देने लगा. लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी.काफी देर की कड़ी मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतरा गया
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के बगलूर इलाके में एक महिला द्वारा पालतू कुत्ते को बेरहमी से मारने का मामला सामने आया है. घटना सीसीटीवी में कैद हुई है जिसमें महिला कुत्ते को लिफ्ट में फेंकती और झकझोरती दिखी.
महाराष्ट्र के सोलापुर से हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां बीजापुर रोड पर समर्थ ज्वैलर्स में दो नकाबपोश युवकों ने पिस्तौल दिखाकर लूट की कोशिश की गई.
मध्य प्रदेश के ग्वालियर के स्कूल में चलती क्लास में एक नाग और नागिन घुस आए, जिसके बाद स्कूस परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. राहत की बात यह है, सांप ने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया.
मैं पत्रकारिता के अपने विद्यार्थियों को, और कई विषयों के साथ पिछले कई सालों से मीडिया और पत्रकारिता के एथिक्स और मूल्यों के बारे में पढ़ाता रहा हूँ।
लेकिन मेरे विद्यार्थियों को यह लगता है कि आज न्यूज़रूम में एथिक्स और उसके मूल्य बेमानी हो चुके हैं।यह केवल कक्षाओं और किताबों में है।वास्तविक और प्रोफेशनल जीवन में उसे कोई नहीं पूछता है।
देर-सवेर विद्यार्थियों की ओर से यह सवाल आ ही जाता है: “सर, ये सब किताबों की बातें हैं।आज के न्यूज़रूम में कौन एथिक्स की परवाह करता है?”
मैं यह जवाब देता हूँ- तुम्हारा सवाल बिल्कुल जायज़ है। हाँ, आज कई जगह पत्रकारिता पर दबाव हैं- राजनीति का, बड़ी पूंजी और कॉरपोरेट का, टीआरपी और क्लिकबेट का।
ऐसे में, नैतिकता की बातें सचमुच आदर्श लगती हैं, ज़मीन से कटे हुए शब्दों की तरह।
लेकिन ज़रा सोचो- अगर पत्रकारिता का मक़सद सच पर पर्दा डालना और झूठ परोसना हो; प्रोपैगंडा करना हो; सिर्फ़ किसी तरह ध्यान खींचना हो; अगर खबर का मूल्य सिर्फ़ उसकी छिछली “वायरलिटी” हो तो फिर पत्रकार और प्रचारक/ में फर्क क्या रह जाएगा?
आखिर पत्रकारिता की ज़रूरत क्या है? अगर हम यह मानते हैं कि पत्रकारिता की असली पहचान और उसका पहला लक्ष्य सत्य की खोज है और लोकतंत्र में सत्ता और ताक़तवर संस्थाओं की जवाबदेही तय करना है।
यह दोनों तभी संभव हैं जब हमारे भीतर एक नैतिक कम्पास हो- जो हमें बताता रहे कि क्या सही है, क्या ग़लत। एथिक्स कोई नियमों की सूची नहीं है, यह असल में, हमारे-तुम्हारे भीतर की आवाज़ है जो कहती है-
“मैं झूठ नहीं लिखूंगा।”
“मैं किसी की गरिमा नहीं कुचलूंगा।”
“मैं सत्ता के सामने सच बोलने से नहीं डरूंगा।”
शायद तुम्हें लगे कि इस रास्ते पर चलने वाले अकेले हैं। लेकिन याद रखो, हर सच्चे बदलाव की शुरुआत एक अकेले व्यक्ति से ही होती है। हर वह पत्रकार जो भीड़ से अलग खड़ा होता है, वही पत्रकारिता को ज़िंदा रखता है।
एथिक्स अगर कई छोटे-बड़े न्यूज़रूम में कमज़ोर पड़ गए हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि वे बेमानी हो गए हैं।इसका मतलब सिर्फ़ इतना है कि अब उन्हें हमें-तुम्हें जिंदा रखना है।इसलिए उन्हें पढ़ना और समझना ज़रूरी है।
थोड़ा-बहुत समझौता सभी करते हैं लेकिन हमारा नैतिक कंपास उसकी लक्ष्मण रेखा तय करने में मदद करता है कि इससे आगे नहीं।जहां लोगों का जीवन दाँव पर लगा हो, सामाजिक सौहार्द खतरे में हो और सच को पूरी तरह दबा देने की कोशिश हो, वहाँ यही नैतिक कंपास हमारी रीढ़ को झुकने से बचाता है।
वहीं हमें पूरी तरह से फिसलने और अनैतिकता के कीचड़ में सनने से बचाता है।
हाँ, अगर सब समझौता कर लेंगे, तो फिर पत्रकार कौन रहेगा?
#MediaEthics #Journalism #Truth #JournalisticValues
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले का एक खौफनाक वीडियो वायरल हो रहा है, यहां गुलदार ने घर में घुसकर एक पालतू डॉगी पिटबुल को अपना निशाना बनाया. पूरी घटना सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गई.
यूपी के प्रतापगढ़ से हैरान करने वाली घटना आई, यहां एक महिला की पुलिसकर्मी के साथ बहस हो गई. जिस पर पुलिसकर्मी ने महिला का फोन तोड़ा और उसे थप्पड़ जड़ा. महिला मनगढ़ धाम दर्शन करने गई थी.महिला ने अपनी गाड़ी को नौ पार्किंग जोन में खड़ा किया. इस पर महिला और सिपाही के बीच बहस हो गई.