कानपुर के कचहरी थाना का यह मामला है जहां एक दीवान जी सुबह एक पानवाले की दुकान पर पहुँचे। नशे की हालत में।
5 हजार रुपये की वसूली करने लगे। दुकान के गल्ले में हाथ डालकर पैसा निकालने की कोशिश की और धमकी दी – नहीं दिया तो परेशान करेंगे।
दुकानदार ने पीछे हटने को कहा, लेकिन बदतमीजी जारी रही। गाली-गलौज की और जाते-जाते कहा – मैं फिर आऊँगा MC..!
दुकानदार गरीब है, छोटे-छोटे बच्चे हैं।रोजी-रोटी की छोटी सी दुकान…!
“अल्ला कसम” अब कभी UP नहीं आऊंगा-
शब्बीर का एक पैर काटा गया, और माशाअल्ला की गाँठ के नीचे पूरी सरिया पड़ी है---यूपी में बाबा 🔥
भोपाल से बनारस लूटने करने पैरों पर आये थे, यहाँ पैर ही गायब हो गया... 😂😂
🚨 ये लड़की CJP द्वारा ठगी गई और उसने पूरी पोल खोल दी 🚨
मीरा पटेल कहती है: “मैंने CJP के लिए सब कुछ किया। प्लानिंग वर्क, आइडियाज दिए और ‘Cockroach’ नाम भी मैंने ही दिया था।
कल फिर बुलाया, ‘साथ बढ़ो भारत’ नाम सुझाया, लेकिन AAP वाले के ‘क्या बोलती पब्लिक’ के आगे खारिज कर दिया।
अब CJP से जाने को बोल दिया। क्यों? क्योंकि मैंने दिपके को बताया था कि मेरे पापा BJP सपोर्टर हैं (मैं खुद ज्यादा नहीं)।
सिर्फ इसलिए हटा दिया कि मैं गुजराती हूँ और वो सोचते हैं मैं गद्दार बनूँगी। यही असली डिक्टेटरशिप है।
पूरा CJP कुछ नहीं, सिर्फ AAP है। अरविंद केजरीवाल का ड्राइवर यहाँ आया है, जिसे भारतीय युवाओं की कोई जानकारी नहीं, फिर भी बड़ा पद दे दिया।
अभिजीत दिपके सौ रील्स बनाकर कहेगा कि सिर्फ युवा Gen Z से जुड़ें, मोदी जी से नहीं। लेकिन खुद 45+ उम्र के AAP वाले भर रहे हैं और हम जैसे युवाओं को सिर्फ गुजराती होने के कारण निकाल रहे हैं।
मेरे पापा सही थे। BJP भले बेस्ट पार्टी न हो, लेकिन इन सब जितनी खराब नहीं।”
हमेशा से पता था… फंडिंग मिलते ही CJP अपने उन वॉलंटियर्स को स्कैम करना शुरू कर देगा जिनका AAP से कोई नाता नहीं 🙏
पत्नी प्रेग्नेंट है, घर जाना जरूरी है… लाइन में पहला नंबर था, काउंटर पर बैठी महिला ने ₹500 लेकर किसी ओर को दे दी टिकट।
रेलवे के तत्काल टिकट काउंटर पर एक आदमी दो दिन से टिकट के लिए परेशान था। गर्भवती पत्नी घर पर इंतजार कर रही थी। लाइन में सबसे पहले था।
आरोप है कि काउंटर पर बैठी महिला कर्मचारी कुछ लोगों से 500-500 रुपये लेकर उनका नंबर पहले कर टिकट दे रही थी।
जब आदमी ने विरोध किया तो बहस हो गई। बदतमीजी की गई, फोन छीनने की कोशिश हुई और धमकी भी दी गई कि अंदर करवा दूंगी। OTP गलत होने का बहाना भी बनाया गया।
मुस्लिम के खेत से गन्ना चूस लेने पर भारतीय हुआ बांग्लादेश में गिरफ्तार,
यहाँ इसी इस्लामी मुल्क के घुसपैठियों पर लुटाया जा रहा सरकारी धन,
साथ ही अदालतों में एक टांग पर खड़े हैं लाखों की फीस वाले वकील..
#Bangladesh@ChiefAdviserGoB
बहुत सही सवाल किया है इन महाशय ने
पैसे लेकर देश विरोधी कंटेंट वायरल करने के बाद META के माफ़ी मांगने से केजरीवाल को खुजली क्यों हुई?
क्या पैसा देने वाला ये केजरीवाल ही था??
झारखंड सरकार ने JSSC-CGL रद्द करने और CBI जांच कराने की माँग को ठुकरा दिया-
अब छात्र कल विधानसभा का घेराव करेंगे।
JSSC-CGL रद्द मतलब रद्द-
CBI जांच तो करानी ही होगी-
इस Video को तबतक शेयर करें जबतक ये पुलिस वाला सस्पेंड नहीं हो जाता।
मैनपुरी के थाना बेवर क्षेत्र की नवीगंज चौकी के इंचार्ज राजकुमार गौतम पर दरवाजे के विवाद के दौरान अभद्र भाषा का आरोप लगा है।
प्रथम पक्ष गजेंद्र प्रताप समेत राजवीर सिंह के बेटों की शिकायत पर राजस्व टीम के साथ गांव बल्लूपुर पहुंचे चौकी इंचार्ज ने पुरुषों की गैरमौजूदगी में महिलाओं से गालियां बककर समझाया।
झारखंड के युवाओं आज सिस्टम हिला दिया🔥
पप्पू UP आया है, जहाँ काँग्रेस की सत्ता है, वहाँ नौकरी बेंचों, जहाँ चुनाव है वहाँ छात्रों को गुमराह करो?
योगी जी ने 9 लाख सरकारी नौकरी दिया है, काँग्रेस शासित प्रदेशों में तुमने क्या किया देखो 👇
भई इस पुलिस वाले के सस्पेंड होने तक Video को शेयर करते रहना 😡
देख रहें हो @adgzonekanpur कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र से @Uppolice की छवि को धूमिल करने वाला एक मामला आया सामने... चकेरी थाने में तैनात एक सिपाही पर पास के ही एक पान दुकानदार ने ₹5,000 की रंगदारी/वसूली मांगने का गंभीर आरोप लगाया है।
घटना के दौरान सिपाही कथित तौर पर अत्यधिक शराब के नशे में धुत आया नजर... आरोप है कि सिपाही ने थाने के पास स्थित पान दुकानदार को डरा-धमकाकर ₹5,000 की अवैध मांग की... पीड़ित दुकानदार ने मौके पर ही सिपाही की हरकतों और नशे की हालत का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर किया वायरल.... चकेरी थाना क्षेत्र का मामला...
ट्रेनों को बना दिया गया है चरमपंथ का चलता सेंटर,
आला हजरत और गरीब नवाज़ जैसे नामों से रेलगाड़ी चलाने का रिटर्न गिफ्ट,
अभी तक रेलवे प्रशासन या मंत्रालय की तरफ से इन करतूत पर कोई एक्शन नहीं..
#Railways@AshwiniVaishnaw@RailMinIndia@RPF_INDIA
BIG______🔥🔥
नेपाल को..
पुनःवैदिक सनातन हिन्दू राष्ट्र अधिराज्य *घोषित* किया गया..
हिंदू एकजुट हो जाए तो
सबकुछ संभव है..
बधाई हो नेपाल के हिन्दू भाईयों🚩
कल 8 अगस्त की वो एतिहासिक और ख़ुशनुमा शनिवार: जब बिहार के स्कूलों में फिर लौट आई मुस्कान
दिसंबर 2023 में तत्कालीन अपर मुख्य सचिव के.के. पाठक द्वारा शनिवार का हाफ-डे निरस्त कर सुबह 9:00 से शाम 5:00 बजे तक का फुल-डे लागू करने के बाद से ही स्कूलों का माहौल काफी बोझिल हो गया था। लगातार छह दिनों के लंबे घंटों ने न सिर्फ छोटे-छोटे बच्चों को मानसिक रूप से थका दिया था, बल्कि शिक्षकों के लिए भी पाठ-योजना और मूल्यांकन का समय निकालना कठिन हो गया था।
लेकिन कल, 8 अगस्त का दिन बिहार के सरकारी स्कूलों के इतिहास में एक बेहद हल्का, ताज़ा और यादगार दिन साबित हुआ।
कल का वो अविस्मरणीय दृश्य: चेतना सत्र से ही बदला माहौल
कल सुबह जैसे ही विद्यालयों के चेतना सत्र (प्रार्थना सभा) में यह आधिकारिक घोषणा की गई— "बच्चों, आज से प्रत्येक शनिवार को हाफ-डे रहेगा और दोपहर 1:00 बजे छुट्टी हो जाएगी" — पूरे विद्यालय परिसर का नज़ारा ही बदल गया:
छात्रों का उल्लास: घोषणा सुनते ही बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। पूरे मैदान में ज़ोर-ज़ोर से तालियाँ बजने लगीं, बच्चे एक-दूसरे को देखकर मुस्कुराने लगे और अपनी खुशी का इज़हार करने लगे। जिन बच्चों के चेहरे पर शनिवार को भी एक थकान दिखती थी, कल उनमें गज़ब की ताज़गी और उमंग थी।
शिक्षकों की राहत भरी मुस्कान: सिर्फ बच्चे ही नहीं, बल्कि शिक्षकों के चेहरों पर भी एक सुकून भरी हल्की मुस्कान तैर गई। सालों पुरानी इस परंपरा की वापसी से पूरे विद्यालय परिवार ने एक आत्मीय राहत की सांस ली।
कल का दिन इतना 'हल्का' और खास क्यों महसूस हुआ?
तनावमुक्त माहौल: कल दोपहर 1:00 बजे जैसे ही अंतिम घंटी बजी, बच्चों के चेहरों पर शनिवार शाम तक रुकने का बोझ नहीं था। वे हंसते-खेलते, एक-दूसरे को शनिवार हाफ-डे की बधाई देते हुए घरों की तरफ रवाना हुए।
शिक्षकों को मिला प्रशासनिक समय: दोपहर 1:00 बजे बच्चों की छुट्टी के बाद शिक्षकों को अगले सप्ताह की पाठ-योजना (Lesson Planning) तैयार करने, बच्चों की कॉपियाँ जांचने और स्कूल के रजिस्टरों को बिना किसी आपाधापी के अपडेट करने का पर्याप्त समय मिल गया।
उपस्थिति में अभूतपूर्व उत्साह: कल की इस घोषणा के बाद यह तय हो गया है कि अब शनिवार को बच्चे स्कूल बंक करने के बजाय खुशी-खुशी शत-प्रतिशत संख्या में उपस्थित होंगे।
सप्ताहांत का संतुलन: कल हाफ-डे होने से बच्चों को खेल-कूद, अपनी हॉबीज़ और परिवार के साथ बिताने के लिए डेढ़ दिन (शनिवार दोपहर + रविवार) का समय मिल गया, जिससे वे सोमवार को बिल्कुल ताज़ा दिमाग से स्कूल लौटेंगे।
निष्कर्ष:
के.के. पाठक के दौर की उस कठोर प्रशासनिक व्यवस्था के बाद कल 8 अगस्त को लागू हुई शनिवार हाफ-डे की वापसी ने बिहार की स्कूली शिक्षा में मानवीय संवेदना, खुशी और व्यावहारिक संतुलन को पुनः स्थापित कर दिया है। कल का दिन यह साबित करने के लिए काफी था कि कड़ाई से कहीं ज्यादा असरदार 'खुशनुमा और संतुलित माहौल' होता है।
विपक्ष का रुख देखिए। उन्होंने अपने राजनीतिक हितों के लिए सदन की कार्यवाही को लगातार बाधित किया है, जो लोकतंत्र की भावना के बिल्कुल विपरीत और किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है।
जब सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, तब हमने बार-बार यही कहा है कि "आप जिस विषय पर चर्चा करना चाहते हैं, जिस मुद्दे पर बहस करना चाहते हैं, कृपया सदन को चलने दीजिए।"
सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद से ही सरकार इन सभी विषयों पर लगातार संवाद कर रही है। हमारे मंत्री और प्रतिनिधि विपक्ष के विभिन्न नेताओं से लगातार मुलाकात कर रहे हैं और बातचीत कर रहे हैं। इसके बावजूद विपक्ष अपने रुख पर कायम है।
मेरा मानना है कि वे इस पूरे मामले का केवल राजनीतिकरण कर रहे हैं, जो एक स्वस्थ और सशक्त लोकतंत्र के लिए बिल्कुल भी हितकारी नहीं है
: श्री @iChiragPaswan