Surgical strikes need proof but vote chori doesn’t.
EVMs can be hacked, but ballot boxes can’t be looted.
Modi’s mother can be abused, but smash patriarchy?
Congress can conduct SIR, but BJP can’t.
Sonia Gandhi can appoint the CEC, but the Modi can’t?
This isn’t about democracy. It’s about convenience.
Activists detained by Bengaluru Police during a protest near KR Circle, demanding the resignation of CEC Gyanesh Kumar over SIR exercise.
Watch till the end, This video is for Bollywood’s paid PR brigade.
If Congress ruled Karnataka’s police can detain protesters, how is Delhi Police wrong for doing the same?
RT to make this video reach Bollywood stooges!
आज नई दिल्ली के श्री विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना की।
भगवान श्री गणेश से देशभर के अपने परिवारजनों की सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
विघ्नहर्ता की कृपा से सबका कल्याण हो और देश निरंतर प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ता रहे।
फिर एक बार सरकार ने भाई - बहन को बचा लिया … अगर पुलिस उठा नहीं लेती तो भाई - बहन से धरना ना उगला जाता ना निगला जाता। AC में सोने वाले दोनों तो परेशान होते साथ में चमचे भी परेशान हो जाते ।
हर काम करने का एक तरीक़ा निश्चित होता है, जो काम लट्ठ से होता है उसे ल��्ठ बजा कर ही करना चाहिए, यूँ टूरिस्ट बस में दिल्ली दर्शन करवाने से कुछ नहीं होगा, पुरानी कहावत है कि लातों के भूत बातों से नहीं मानते 🙄😐😑
इस देश में जो लोग एक उड़ते जहाज में हुए आतंकी हमले पर यकीन नहीं कर रहे और उसे एक फर्जी ड्रामा बता रहे हों, तुम्हें लगता है वे लोग EVM, चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार पर कभी भरोसा करेंगे।
पहली बात तो बीजेपी 70 साल पहले थी ही नहीं । बीजेपी बनी 1980 में, उसके बाद पहला चुनाव हुआ 1984 में तब इंदिरा गांधी की ह*या के बाद सहानुभूति थी तो कांग्रेस आ गई।
अगला चुनाव हुआ 1989 में तो बीजेपी 2 सीट से सीधे 85 पर पहुंची और 2 साल बाद फिर से 1991 में चुनाव हुए तो 120 पर पहुंच गई। अब ये बाद दादाओं ने ही वोट दिए होंगे जो दो साल में 2 से 120 पहुंची।
और फिर 1996 में तो सरकार ही बन गई थी।
अब बात करते हैं बाप दादाओं के वोट देने की । तो बाला साहेब ठाकरे जिनकी वजह से तुम्हारा वजूद है उन्होंने ही कांग्रेस को वोट नहीं दिया बल्कि बीजेपी से गठबंधन में रहे। 1984 में पहली बार बीजेपी चुनाव लड़ी और तब से ही बालासाहेब जी का बीजेपी से गठबंधन था। हालांकि 1984 में अनौपच���रिक था जहाँ शिवसेना में उम्मीदवार बीजेपी के सिंबल पर चुनाव लड़े थे। उसके बाद 1989 से तो औपचारिक ही गठबंधन रहा। अब टेक्निकली(गठबंधन के नजरिये से) देखें तो आपके बाप दादाओ ने तो जबसे बीजेपी बनी इसको ही वोट दिया।
और बाप दादाओं ने जब वोट नहीं दिया बीजेपी को उन्होंने इमरजेंसी भी झेली, अंधेरे में भी जिए और लौटा लेकर भी जाते थे बाहर। जब से ��मय बदला
लौटे में फिर कांग्रेस के अस्तित्व का विसर्जन कर आए।
वैसे लॉजिकली सोचे तो 2014 में जब मोदी सरकार आई और कांग्रेस 44 पर सिमटी तो वो आज की तथाकथित Gen-Z(जिन्हें मैं टैलेंटेड युवा या Zen Zeal कहता हूँ) के बाप दादाओ का ही वोटिंग का दौर था जिन्होंने भयंकर लहर बनाई मोदी जी की।
खैर, इस मुद्दे पर लिखने को बहुत है और अपने पास अब ब्लू टिक है तो लिख भी सकते हैं😜 मगर आप पढ़ते पढ़ते बोर हो जाओगे।
"Aapko jab bhi jarurat lage me ek phone call away hu, Andar ki baat Personal mil kar karenge"
“If you had not saved the aircraft, the world would have looked at Indian pilots differently”-PM .@narendramodi Ji
Those words say it all. ❤️🇮🇳
"Captain Smit, you didn’t just save an aircraft that day, you made an entire country proud"
"Right now, the whole country is with you, praying for you and hoping to see you back on your feet soon." 🙏
Stay strong, Captain.
Bharat is standing with you. 🇮🇳❤️
राहुल गांधी अखिलेश यादव अरविंद केजरीवाल उद्धव ठाकरे तेजस्वी यादव सदमे में है
वह सोच रहे हैं काश वह विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया होता सभी यात्री और दोनों पायलट मारे जाते तो हम यह थ्योरी देते कि हिंदू आतंकवादी होते हैं और एक हिंदू आतंकवादी स्मिथ मछर ने प्लेन को दुर्घटनाग्रस्त करके लोगों की जान लिया
लेकिन क्योंकि स्मिथ मच्छर ने बहादुरी दिखाकर न सिर्फ यात्रियों बल्कि हिंदुओं की अस्मिता को भी बचा लिया इसीलिए राहुल गांधी अखिलेश यादव सहित पूरा विपक्ष इतने सदमे में है कि इन दोगले इन हिंदू द्रोहियों ने एक बहादुर हिंदू भारतीय पायलट की इस अदम्य अप्रतिम साहस पर एक ट्वीट तक नहीं किया
जबकि डोनाल्ड ट्रंप बेज़मींन नेतन्याहू फ्रांस के राष्ट्रपति मेक्सिको के राष्ट्रपति भारत के प्रधानमंत्री यूएई के राष्ट��रपति सऊदी के प्रिंस सहित दुनिया के 16 देश के राष्ट्र प्रमुख यूनाइटेड नेशन के चीफ तक ने भारतीय पायलट के अदम्य साहस की तारीफ की
राहुल गांधी सहित पूरे विपक्ष ने हिंदू भारतीय पायलट को बधाई इसलिए नहीं दिया क्योंकि आतंकी एक मुस्लिम पायलट था और इसके अलावा इसमें इजराइल का एंगल था
और यह दोगले यह नीच सोचते हैं कि हिंदू इनको वोट देगा ??
किधर है मेरा जूता
#Hero : अगर ये पांच लोग उस प्लेन में नहीं होते तो 9/11 जैसा हो जाता :
1. कैप्टन स्मित: प्लेन के पायलट । सिर , गर्दन, हाथ पर हमला । प्लेन को सँभाला , distress कॉल भेजा , हमलावर को रोका और बेहोश होने से पहले कॉकपिट का दरवाज़ा खोला
2. यानिव : इज़रायली पलंबर: सबसे पहले कॉकपिट में गए। हमलावर को पकड़ा । एयरक्राफ़्ट को ऊपर खींचा । टीवी सीरिज़ में जो देखा वैसा ही किया । नर्वस नहीं हुए ।
3. Doctor: कॉकपिट में गए । हमलावर को चार्जिंग केबल से बाँधने में मदद की । घायल कैप्टन स्मित को first aid दिया । होश में रहते हुए कैप्टन ने पूरी बात बताई कैसे को पायलट एक सुसाइड मिशन पर था , वो ��्लेन क्रैश करना चाहता था ।
4. बैंकर : इज़राइल के बैंक के CEO . इनकी बेटी वॉशरूम में थी । पत्नी कॉकपिट के पास खड़ी थी। चीख की आवाज़ सुनी तो उसने बताया । फिर वो कॉकपिट की तरफ आगे । सिचुएशन सँभाला । दो एक्स्ट्रा पायलट अंदर थे उन्हें भेजा ।
5. Asaf: करीब 50 मिनट तक हमलावर को पकड़कर रखा ताकि वो दोबारा प्लेन क्रैश करने की कोशिश ना करे । हवा में ये लड़ाई चलती रही ।
इसके अलावा दो एक्स्ट्रा पायलट जिन्होंने प्लेन क��� कंट्रोल में किया और फिर सऊदी अरब में रनवे पर उतारा
PM Modi spoke about Indian Captain Smit Macchchhar and praised his bravery.
Quoting Netanyahu he said, an Indian helped prevent another 9/11.
A proud moment for every Indian. 🇮🇳
liberals won’t be able to digest this. 🤣🔥
ये घटना अगर कोई डायरेक्टर फ़िल्मों में भी दिखाये तो
लोग कहेंगे सब काल्पनिक है।
पर इंडियन पायलट और इज़राइलियों की बहादुरी ने ये संभव कर दिखाया है ।
PM नेतन्याहू की ज़ुबानी पूरी घटना सुनिए- पूरी दुनिया के वामपंथी-इस्लामिक ईको सिस्टम में सन्नाटा पसरा हुआ है।
भारत में ममदानी, फुटबॉल प्लेयर यमाल आदि सब की प्रेमिकाएं कोमा में चली गई है , हाथो से एक ट्वीट टाइप नहीं हो पा रहा है।
विशेष म्हणजे...
भाजपा साठी प्रचार करणारे...मोदींना निवडून आणा म्हणत सभा घेणारे राज साहेब निवडणूक निकालावर प्रश्न उपस्थित करत आहेत...
ही म्हणजे स्वतःवर प्रश्न उपस्थित करणे झाले..
🫤🫤🫤