उनको भी पुरे सम्मान के साथ 12 month का देना चाहिए और जो सुप्रीम कोर्ट का आदेश आया हैं लागु करना चाहिए. जैसे की और आदेश तुरंत लागु करती हैं उनको क्यों नहीं लागु कर रही हैं.
उत्तर प्रदेश में अनुदेशक को 15 दिन के लिए बेरोजगार कर दिया गया हैं. 1 जून से 15 जून तक क्या ये खाना पीना नहीं खाते हैं. 15 दिन जो सरकार इनको केवल 11 month का मान देती हैं. क्यों नहीं उनकी परेशानी को समझती हैं 12 month का देना चाइये. जो की जनगरना में भी dutty लगी हैं सबकी.
उत्तर प्रदेश के अनुदेशकों को सरकार के वकील द्वार�� सुप्रीम कोर्ट से हमेशा भाग 2 कर क्या साबित करना चाहती है।आज कानून भी मज़ाक बन कर रह गया है।वही अनुदेशकों के वकील नही आते तो दुरन्त फाइनल हो जाता परन्तु सरकार के वकील के ना आने पर फिर एक तारीख।अब तो सुप्रीम कोर्ट भी क्या करे।
अनुदेशक ओर शिक्षामित्र भी आपकी जनता है माननीय।
शिक्षामित्रों अनुदेशकों को अल्पमानदेय मिलता है जिससे परिवार का बीस दिन का खर्च नहीं चल पाता है तो और जिम्मेदारी कैसे निभाऐ ।।
अनुदेशक मित्रों के लिए अच्छी खबर का इंतजार लंबा हो चला है !! आज फिर अदालत में तारीख पड़ गई ! कारण कि सरकारी वकील फिर किन्हीं करणों से नहीं पहुंच��! अगले हफ्ते की तारीख पर पहुंचेगी या नहीं ये तो वो जाने या ईश्वर जाने !!
तारीख फिर अगले हफ्ते की लगी है ! जज साहब मामला सुनना चाहते हैं ! सरकार को न्याय देने में सहयोग करना चाहिए न कि .....
#upgovt
#SupremaCorte
उत्तर प्रदेश के अनुदेशक शिक्षकों को 9000 रुपया महीना जीवन यापन के लिए मिलता है।
वही विधायकों को टेलीफोन भत्ता 9000 मिलता है। जबकि 349 रू० के रिचार्ज से महीने भर असीमित बात हो सकती है।
क्या योगी आदित्यनाथ सरकार मे
इसी को....
“रामराज्य या
सबका साथ ,सबका विकास कहा जाता है”
@awanishvidyarth वाह रे उत्तर प्रदेश सरकार यहाँ अनुदेशक लोग खाये बिना मर रहे है।यहाँ नेताओ का 40% बढ़ रहा है।उसको बढाने से उत्तर प्रदेश में बोझ नही पड़ रहा परंतु अनुदेशक का बढ़ाने में बोझ पड़ता है सरकार को।डूब मरो नेता जी जो इनकी तकलीफ नही दिखती आपको।
@awanishvidyarth वाह रे उत्तर प्रदेश सरकार यहाँ अनुदेशक लोग खाये बिना मर रहे है।���हाँ नेताओ का 40% बढ़ रहा है।उसको बढाने से उत्तर प्रदेश में बोझ नही पड़ रहा परंतु अनुदेशक का बढ़ाने में बोझ पड़ता है सरकार को।डूब मरो नेता जी जो इनकी तकलीफ नही दिखती आपको।