बात सुनिये इनकी भी ये एक भी शब्द ग़लत नहीं कह रहे हैं। आजकल का चलन वाक़ई बहुत ख़राब हो चुका है।
शराब की संगति के बाद व्यभिचार-दुर्व्यवहार बहुत आसान हो जाता है। कृपया ध्यान दीजिये।
प्रेमानन्द महाराज जी का आँकड़ा देना ग़लत था लेकिन कहने के भाव ये वाले थे।
भिखारी,OBC,गरीब,माँ का बेटा माँ गंगा का बेटा , वैज्ञानिक,इंजीनियर,लोको पायलट आर्मी ऑफिसर चौकीदार
इत्यादी सबकुछ बन लिए.!
अब जाकर भारत की तमाम महिलाओ के पति बनने का जुनून सवार हैं।
इसलिए "सिंदूरीलाल" अब घर घर सिंदूर भेजने जा रहे है।
शादी-शुदा महिलाए पति से बचकर सहर्ष स्वीकार करें
@JaikyYadav16 भइया इसी के साथ आगे से डालब और पीछे से डालब न छोड़ब अगड़ी पिछड़ी जैसे उत्कृष्ट योगदान के लिए रिंकिया के पापा को भी कुछ दे देते तो और बढ़िया हो जाता
क्या हुआ प्रधानमंत्री जी आज पहलगाम नर संहार को हफ्ता होने जा रहा है और भारत का उत्तर सिर्फ और सिर्फ सिंधु समझौता रद्द करना होगा क्या अगर नहीं तो जवाब दिया जाए हत्यारों को
@PMOIndia@AmitShah@RahulGandhi