हालांकि है वीडियो स्क्रिप्ट से लग सकती है आपको मगर यह वीडियो हकीकत पर आधारित है क्योंकि मैंने बहुत से छोटे-बड़े बच्चों को देखा है जो गैर SC जाति से होते हैं जो मजाक मजाक में अपने यार दोस्तों को जाति सूचक शब्दों से नवाज़ते है क्योंकि यह सब वह खुद पेट से नहीं सीख कर आते हैं बल्कि उनको सिखाया जाता है उनके सामने उनके घर वाले उनके आसपास के लोग ऐसी जातिसूचक गालियां देते हैं जात पात जैसी चीज़ के बारे में बात करते होंगे शायद इसलिए ही दर पीढ़ी दर जात-पात जैसी व्यवस्था चली आ रही है क्योंकि जाति को मानने वाले लोगों ने कभी इसको खत्म करने का प्रयास ही नहीं किया अगर प्रयास किया होता तो आज भारत जातिवादी व्यवस्था से मुक्त हो चुका होता।
यूपी में 69000 शिक्षक भर्ती के आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों पर केशव प्रसाद मौर्य के आवास पर पिछड़े दलितों पर पुलिस द्वारा लाठियाँ बरसाई गयी। हाई कोर्ट के आदेश का पालन कर अपनी नियुक्ति की कर रहे थे मांग।
@CMOfficeUP@RahulGandhi@INCIndia
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69000 शिक्षकभर्ती में पिछले 5 वर्षों से संघर्ष कर रहे आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी आज @kpmaurya1 के आवास का घेराव किया! अब तो हाइकोर्ट ने भी अपना फैसला इन आरक्षितों के पक्ष सुना दिया,फिर क्यों @UPGovt इनको इनका न्याय इनकी नियुक्ति नही दे रही?
"पिछड़ों के मुद्दे खासकर 69 हजार शिक्षक भर्ती का मुद्दा मैने बीजेपी की सेंट्रल लीडरशिप और मुख्यमंत्री के सामने कई बार उठाया लेकिन उसका समाधान नहीं हुआ। केंद्र के दखल देने पर 2022 के पहले कुछ रिक्तियां बढ़ाई गई लेकिन वो मामला कोर्ट में अटक गया। इस मामले में कोर्ट में सरकार ने प्रभावी पैरवी नहीं को। पिछड़े दलितों के हक के साथ कहीं गलत होगा तो मैं बोलूंगी। मैने बंद कमरे में कितनी बार कहा लेकिन समाधान नहीं हुआ तो मैंने सार्वजनिक रूप से कहा। हमें चुनाव इसका नुकसान हुआ है। विपक्ष जनता के बीच ये फैलाने में कामयाब रहा की हक नहीं मिल रहा है..और हम समय रहते इसका समाधान नहीं पाए"
ANI को दिए गए इंटरव्यू में केंद्रीय मंत्री और अपना दल के अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने पिछड़े और दलितों के मुद्दों पर यूपी सरकार को ही घेर लिया...
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ट्रांसफर आदेश आने के बाद दिव्या मित्तल ने ट्वीट किया, “आज घर पर सामान पैक करते समय मेरे हाथ और दिल भारी महसूस हो रहे हैं। सरकारी नौकरी में घूमना-फिरना नौकरी का हिस्सा है, लेकिन मिर्ज़ापुर ने मुझे जो प्यार दिया है, उसे मैं कभी नहीं भूल पाउंगी।”
आईआईएम बैंगलोर से एमबीए और आईआईटी दिल्ली से बी.टेक करने वाली दिव्या मित्तल ने सिविल सेवाओं में शामिल होने के लिए लंदन में एक विदेशी डेरिवेटिव व्यापारी के रूप में अपनी नौकरी छोड़ दी थी |
सभी अधिकारी एक जैसे नहीं होते, कुछ को देखकर सबको एक जैसा समझना कहीं की भी बुद्धिमत्ता नहीं है।
दिव्या मित्तल जैसे भी अधिकारी होते हैं जो जनता की मजबूरियों को समझते हैं |
@divyamittal_IAS
@R_patel99 ये न्यूज कई साल से आ रहें है कभी अमर उजाला तो कभी दैनिक जागरण और आज दैनिक भास्कर में क्या फर्क पड़ता है ये अखबार तो इन्हीं का है जो कहेंगे छपेगा और धरातल पर कुछ नहीं दिखेगा ये भर्ती 2025 में आएगी देखना
@JaikyYadav16 ₹18,000 करोड़ की लागत से बना मुंबई का अटल सेतु जिसका उद्घाटन नरेंद्र मोदी ने 12 जनवरी, 2024 को किया था
खूब PR हुआ, फ़िल्मी सितारों का शूट भी कराया गया
पर अब उस पुल की मौजूदा हालत यह कि हर जगह दरारें पड़ गई हैं
इस लूट को क्या नाम दीजियेगा??
@Vaishali0055 @PRMundru@JaikyYadav16 तो 10 साल आपकी सरकार थी आपने किया क्या? आप लोग ये सब बैठ कर देखते रहें तो 10 साल का बेईमानी से मदरसों में गए पैसों का आप हिसाब दो अब।