यह बीजेपी की मलीहाबाद से वर्तमान विधायक है इनके पति श्री कौशल किशोर बीजेपी से 2014 तथा 2019 में मोहनलालगंज से सासद और केंद्र सरकार मे मंत्री भी रहे है। इनको मंदिर मे किसी ने पूछा भी नहीं इनके जैसे नेता खुद को मान सम्मान अधिकार नहीं दिला प रहे तो दलितों को क्या हक दिला पाएंगे।
मैं सिद्धि सिंह, विवेकानंद विद्या मंदिर सेक्टर 2 धुर्वा रांची की छात्रा हूं। मेरा कसूर मात्र इतना है कि स्कूल के द्वारा जबरन बढ़ाई जा रही फीस और सिलेबस का विरोध मेरे पिता के द्वारा किया गया, और इसकी शिकायत उपायुक्त रांची और स्कूल से किया गया। बदले में आज चार महीना बीत जाने के बाद भी स्कूल ने मेरा एडमिशन नहीं लिया। जबकि मेरे द्वारा लगातार 2 - 3 महीने तक बकाया फीस अकाउंट में जमा करने के लिए स्कूल दौड़ लगाया गया, लेकिन मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के अलावा कोई निष्कर्ष नहीं निकला, इसकी शिकायत DC रांची, CBSE और अन्य सभी जगहों पर किया। लेकिन किसी ने भी मेरा साथ नहीं दिया, जबकि मेरे द्वारा DC रांची, DSE रांची, CBSE रांची के ही आदेशों का पालन किया जा रहा था।
अब मैं स्कूल नहीं जाती घर में ही रहती हूं, सिस्टम में बैठे लोगों ने मिलकर मेरा भविष्य खराब कर दिया। माननीय उच्च न्यायालय झारखंड से अनुरोध है कि मुझे इंसाफ दिलाया जाए। @JharkhandCMO@JmmJharkhand@JharkhandPolice@jhar_governor
@SurajpalJatav@Mayawati@AnandAkash_BSP ये पुलिस वाले पक्का मेरिट धारी या फिर आर एसएस संघ के होंगे इनको पढ़ाई लिखाई से ज्यादा लेना देना नही होता है वैसे जो भीं हों इनको ऐसा करने का अधिकार कौन सा क़ानून मे दिया है जरा विस्तार से बतलाना कि छोटे छोटे बच्चों को ढक्का देकर रोड पर क्या साबित करना चाहते है पुलिस प्रसासन के
बूढ़ी चाची और तमाम मनुवादियों के लिए बुरी खबर .🥲😭
अंकित जाटव से @rapidoapp_ ने 99 साल का बैन हटाया साथ ही फिर से ज्वाइन करने की अपील की है।
भाई बहुजनों से पंगा लोगे तो बुरे फंसोगे rapido को इतना रेला गया कि मजबूरी में बैन हटाना पड़ा।
मुख्य बदलाव :- rapido की रेटिंग 4.8 थी जो घटकर 4.1 पर आ गई rapido को लगा कंपनी का बाजा बज सकता है इसलिए तत्काल प्रभाव से उन्होंने अंकित जाटव को unban किया।
आज दिनांक 20/08/2026 को बहुजन समाज पार्टी हरियाणा प्रदेश के जोन नं 1 के तत्वाधान पंचकुला एवं अंबाला की बैठक आयोजित हुई और इस बैठक में मुख्य अतिथि रूप में माननीय सी.पी सिंह जी केंद्रीय स्टेट प्रभारी हरियाणा पहुंचे और बैठक साथ श्री विशाल गुर्जर जी स्टेट प्रभारी हरियाणा शामिल हुए
उत्तर प्रदेश के बहराइच के 4 साल के अंशुमान को कई दिनों से तेज बुखार था। इलाज बहराइच जिला अस्पताल में चल रहा था। हालत नहीं सुधरी तो डॉक्टरों ने 3 दिन बाद लखनऊ रेफर कर दिया।
पिता बेटे को लेकर एंबुलेंस से लखनऊ के लिए निकल पड़े। लेकिन रास्ते में ही हालत और बिगड़ने लगी। उन्होंने मजबूरी में बाराबंकी जिला अस्पताल ले गए। वहां पर डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
बेटे की मौत की खबर सुनते ही पिता पूरी तरह टूट गए। पिता मासूम को गोद में लेकर फूट-फूटकर रोने लगे।
पिता का आरोप है कि – अगर हालत गंभीर थी तो 3 दिन तक क्यों रोका? पहले ही रेफर कर देते तो शायद मेरा बेटा बच जाता।
पुलिस का पहले उस नौजवान पर हमला करना गलत था, और जवाब में उस नौजवान का गुस्से में और लापरवाही से उन पर हमला करना भी गलत था। किसी न किसी तरह उस नौजवान को जेल में पीटेंगे।
अगर काम ज़रूरी है, परिवार ज़रूरी है, तो किसी तरह अपने गुस्से पर थोड़ा कंट्रोल करना भी ज़रूरी है।