@RailwaySeva traveling to delhi in 12565 with RAC ticket. Last status before chart preparation was RAC/6. There are Seats vacant but I have not yet been allotted any seat. Seems something wrong. Please look into this.
माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी, माननीय मुख्यमंत्री श्री @NitishKumar जी, माननीय गृह मंत्री श्री @AmitShah जी, माननीय बिहार विधानसभा अध्यक्ष श्री @DrPremKrBihar जी, सादर नमस्कार! महोदय मिथिला मिरर मैथिली भाषा का अग्रणी समाचार संस्थान है जो कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान है। 1 दिसंबर 2025 को बिहार विधानसभा में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह का विधानसभा द्वारी जारी वीडियो के आधार पर मिथिला मिरर मिथिला क्षेत्र के उन सभी विधायकों का शपथ ग्रहण समारोह का प्रसारण किया जो मैथिली भाषा मे शपथ लिए थे। दरभंगा से मैथिली में शपथ लेने वाले विधायकों में अलीनगर से विधायक सुश्री मैथिली ठाकुर @maithilithakur का भी शपथ ग्रहण का वीडियो उसी में था। कल रात करीब 12 बजे मैथिली ठाकुर के द्वारा मिथिला मिरर पर अपलोडेड वीडियो को स्ट्राइक मारकर हटवा दिया गया। महोदय क्या संसद या विधानसभा के सत्र का वीडियो किसी विधायक द्वारा स्ट्राइक मरवाकर हटवाया जा सकता है ? जो विशेषाधिकार माननीय लोकसभा अध्यक्ष एवं माननीय विधानसभा अध्यक्ष को प्राप्त है उसे कोई व्यक्ति या विधायक हटा सकता है ? क्या यह उचित है, क्या कोई पत्रकार संसद या विधानसभा की कोई कार्रवाही का प्रसारण अब नहीं करता सकता है?
2000: Central minister in the Vajpayee govt.
2025: Reduced to a party spokesperson in the Modi era.
This is how the current leadership treats some of its most seasoned, grounded and battle tested leaders.
बिहार की मंत्री लिस्ट PMO से फाइनल होती है, और PMO में गुजराती बिजनेस मैन कम्युनिटी का पूरा ख्याल रखा जाता है कि कही, उन्हें सस्ते मजदूर मिलने ना बंद हो जाएं !!
एक दम ब्रिटिश स्टाइल में, जैसे इंग्लैंड में भारत के लिए फैसले लिए जाते थे कि गिरमिटिया मज़दूर कहा कमाने जायेंगे !!
नीतीश कुमार ने शपथग्रहण कर लिया।
अब नीतीश कुमार को defend करने की जिम्मेदारी JDU IT Cell और कार्यकर्ताओं की है।
मेरी नहीं।
अब मेरा पूरा ध्यान PM Mitra Park, Semiconductor Projects, Defense Corridor, SEZs, Delimitation और Bihari subnationalism को promote करने पर रहेगा।
कौन रोक रहा है बिहार और मिथिला को?
नीतीश मिश्र जैसे विज़नरी नेता को कैबिनेट से बाहर रखना विकास पर सीधा प्रहार है। जिन विभागों में उन्होंने जान डाल दी, उसी नेता को मौका न मिलना जनता की उम्मीदों का अपमान है।
मिथिला ने विश्वास दिया, पर सम्मान वापस नहीं मिला।
क्या होगा बिहार का, कौन बनेगा उद्योग मंत्री ? बेहतर न हुआ, तो बिहार का कुछ नहीं होने वाला. शपथ लेने वाले मंत्रियों की लिस्ट से कुछ समझ नहीं आ रहा अब तक.
नई सरकार में मिथिला के गढ़ दरभंगा प्रमंडल से मंत्री पद की कम भागीदारी से लोग नाखुश।
दरभंगा मधुबनी और समस्तीपुर को मिला एक-एक मंत्री पद।
प्रमंडल के तीनों जिलों में 30 सीटो में दरभंगा से एनडीए को इस बार मिली पूरी दस सीट, जहा पिछले बार नौ सीटों पर मिली जीत के बाद चार मंत्री थे इस बार एक मदन सहनी को जगह मिली।
मधुबनी में दो मंत्री थे नीतीश मिश्रा और शिला मंडल इस बार एक खजौली से अरुण शंकर प्रसाद को जगह मिली।
समस्तीपुर से भी दो मंत्री थे, जिनमे विजय चौधरी और महेश्वर हजारी इस बार केवल विजय चौधरी को जगह मिली।
बिहार में एक मंत्री जी हुआ करते थे जनाब "शाहनवाज हुसैन" जब नीतीश कुमार जी उद्योग पर अपने दिए बयान को लेकर हंसी के पात्र बन रहे तब उन्होंने उनके मंत्रिमंडल ने रहते हुए बिहार के कई हिस्सों में वो काम कर दिखाया। जिसकी कल्पना शायद माननीय मुख्यमंत्री जी नहीं कर रहे थे।
याद कीजिए जब 2022 में नीतीश कुमार अचानक इस्तीफा देने राजभवन के लिए निकले उस दिन भी जनाब शाहनवाज हुसैन उद्योग मंत्रालय के बैठक के लिए दिल्ली में मौजूद थे।
फिर चाचा निकल पड़े और उनके रास्ते अलग हो गए।
लेकिन 1.5 साल बाद फिर से वापस आए फिर उसी मंत्रालय को संभाला "नीतीश मिश्रा" जी ने। कई बेहतरीन काम कर दिखाया उन्होंने। विपक्ष के लोगों ने भी उनकी क्षमता को सराहा। बिहार में उद्योग को नया पंख लगाया ।
लेकिन संयोग देखिए, दोनों में से किसी को दोबारा मौका नहीं मिला। सिर्फ प्रयोग बन कर रह गए ।
मैं अक्सर कई मुद्दों पर बीजेपी की खुलेआम आलोचना करता हूं। पार्टी में कौन सा कानून और नियम लागू होता ये समझ से परे हैं। अच्छे लोगों को जिनके पास विजन रहता , क्षमता होता उनको इस्तेमाल करने में घबराती हैं ये पार्टी।
#BiharElection2025
इतना बड़ा मेण्डेट मिलने के बाद भी जैसा मंत्रिमंडल बनाया गया है वो सिद्ध करता है भाजपा का चाल चरित्र और चेहरा सब बदल गया है। क्या मज़बूरी थी सम्राट चौधरी जैसे लोगो को डिप्टी सीएम बनाने की जो कई मामलों में अभियुक्त रहे, अशिक्षित हैं ? आरोप लगे दिलीप जायसवाल को मंत्री बनाने की। कुशवाहा और मांझी के बेटों को मंत्री बनाने की। इसके अलावा नीरज सिंह बबलू और नीतीश मिश्रा जैसे काम करने वाले मंत्रियों को जगह नहीं दी गयी। जनता ने इतना बड़ा मेण्डेट उम्मीद से दिया है कि राजनीति में बदलाव हो, बिहार का विकास हो। लेकिन भाजपा ने वही पुरानी घिसी पिटी राजनीति की है इसलिए किसी बदलाव या विकास की भी उम्मीद ना करें।
इतने प्रचंड बहुमत के बाद बिहार को भाजपा ने जैसा कैबिनेट दिया है, वह हास्यास्पद ही कहा जाएगा।
नीतीश मिश्रा, शाहनवाज हुसैन, इन दोनों मंत्रियों ने इंडस्ट्री डिपार्टमेंट में बढ़िया काम किया था पर कोई स्थान नहीं प्राप्त हुआ वहीं माँझी, कुशवाहा का परिवार सत्ता में है।
लेशी सिंह, विजय सिन्हा, अशोक चौधरी, श्रवण कुमार, विजेंद्र चौधरी/यादव जैसे नेता बरसों से बिहार में जमे हुए हैं और उपलब्धि के नामपर यही है कि लालू का जंगलराज इससे खराब था।
कड़वा सच शायद यही है कि एनडीए के पास काम करने का, प्रोफ़ाइल बनाने का कोई मोटिवेशन नहीं है क्योंकि चुनाव के समय राजद के जंगलराज की याद दिलाकर वोट ले ही लेंगे
𝐈𝐧𝐝𝐮𝐬𝐭𝐫𝐲-𝐥𝐞𝐬𝐬 𝐁𝐢𝐡𝐚𝐫 𝐝𝐫𝐨𝐩𝐬 𝐢𝐧𝐝𝐮𝐬𝐭𝐫𝐢𝐨𝐮𝐬 𝐦𝐢𝐧𝐢𝐬𝐭𝐞𝐫
@NitishKumar, who took oath as the CM of Bihar for the 10th time, dropped former industry minister Nitish Mishra from his ministry. This sparked outrage as people called Nitish Mishra a meritorious minister who worked hard to get industries to the industry-less state in his last stint.
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रवि शंकर प्रसाद ने बिहार में IT Park लगाने का वादा किया तो उनकी कुर्सी छीन गई।
शाहनवाज़ हुसैन ने बिहार में उद्योग लगाने का प्रयास किया तो उनकी भी कुर्सी छीन गई।
नीतीश मिश्रा का भी वही हाल हुआ।
संदीप पौंड्रिक को दिल्ली बुला लिया गया।
ये कैसा पैटर्न है ?
Bihar government - old wine in a new bottle.
I am worried for Bihar.
PS: BJP insiders often say that they work only in states where they have their own CM