87000 vacancy 66000 result jisme se keval 51000 hajar hi niyukti Patr usme bhi 1 student ke 2-3 jagah result or DV farji bhi hai jis se keval 30000 hajar se 35000 hi seat lock ho payega hamre shiksha mantri bhi Wada kiye hai dene ke liy #BPSC_TRE_3_SUPPLEMENTARY_RESULT_JARI_KRO
दुल्हन इतना रो रही है कि दूल्हा भी भावुक हो गया है
जिस पल बेटी अपने घर से विदा होती है वह पल बहुत ही भावुक करने वाला होता है।
क्योंकि जिस घर में बेटी जन्म लेती है खेलती है बड़ी होती है भाइयों बहनों से मम्मी पापा से लड़ती झगड़ती है वह घर पराया हो जाता हैं।
@sunilkbv आपको Bpsc tre 3 के सप्लीमेंट्री अभ्यर्थी और Bpsc tre4 अभ्यर्थी की बद्दुआ लगेगी। हार की अग्रिम शुभकामनाएं(पीड़ित अभ्यर्थी)
Tre 3 supplementary results
बिहार में मुख्यमंत्री से लेके शिक्षा मंत्री और पूरा प्रशासन-शासन झूठ की खेती में महारथ हासिल कर चुका है।
BPSC TRE-4 में लाखों सीट का हल्ला मचाया गया। लेकिन अब मुट्ठी भर सीट दिखाया जा रहा, हालांकि संदेह तो इन मुट्ठी भर सीट पर भी है!
लेकिन सरकार अगर परीक्षा लेगी ही तो रिक्तियों के आधार पर ले। ये चुनावी जुमला हेतु मुट्ठी भर सीट का तमाशा बंद हो। #Release_tre4_with_1lakh20k
जीएसटी के नाम पर ‘उदाहरण के साथ’ सब चीज़ों का रेट 50% पर बतानेवाले ऐसे लोग, जिन्हें कुछ भी नहीं पता वो ना ही बोलें तो भला है। ये झूठे भले न हों पर अज्ञानी ज़रूर हैं। अभी इनके पास दिल्ली या वित्त मंत्री जी की तरफ़ से ‘समझाइश के रूप में डपटाई’ का फ़ोन आता होगा… ऐसा फ़ोन लखनऊ से नहीं आएगा क्योंकि उधर भी हाल ऐसा ही है। जनता ऐसे लोगों को साथ में बाज़ार लेकर जाए और इनके झूठ की पोल खोले तो इनकी अक़्ल ठिकाने आए।
भाजपाई मुँह पर झूठ बोलने का ब्रह्मांड रिकार्ड बना रहे हैं।
ज़रा गौर से सुनिए !!!
"सीट चोर , कुर्सी छोड़ "
"सप्लीमेंट्री नहीं तो वोट नहीं"
👆ये नारे लगाने वालों के शब्द है और ये लोग कांग्रेसी, सपाई या तेजस्वी यादव की पार्टी से नहीं हैं। ये छात्र हैं ! सप्लीमेंट्री रिजल्ट मांगते हुए महीनों गुजर चुके हैं ! कुछ नहीं मिला इन्हें , सिवाय आश्वासनों और लाठियों के ! क्या है जो इन्हें उद्वेलित किए हुए है !? क्यों इनकी मांगों पर लम्बा मौन छाया हुआ है !?
कल इस पर विस्तृत वीडियो !
#release_tre3_supplementary_results
चित्रा त्रिपाठी वो नाम है, जो टीवी पर नैतिकता का पाठ पढ़ाती हैं, पर निजी जीवन में खुद उन उसूलों की धज्जियाँ उड़ाती हैं।
लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती। कैमरे के सामने आदर्शों की मूरत बनने वाली चित्रा का निजी जीवन भी उतना ही दिखावटी है जितनी उनकी पत्रकारिता।
संस्कार, संस्कृति और महिला मर्यादा पर भाषण देने वाली एंकर तब खामोश हो जाती हैं जब खुद के परिवार और रिश्तों की सच्चाई उजागर होती है — फिर वो OYO विवाद हो या वैवाहिक नाटक।
जो दूसरों को ‘संस्कृति’, ‘संस्कार’ और ‘राष्ट्रधर्म’ पर लेक्चर देती हैं, वही अपने जीवन में रिश्तों में झूठ, छल और नाटक का नमूना बन चुकी हैं।
पत्नीत्व की गरिमा और पारिवारिक मूल्यों पर बोलने वाली चित्रा, खुद ऐसे विवादों में रही हैं जो उनके निजी चरित्र और प्राथमिकताओं पर बड़े सवाल उठाते हैं।
सवाल ये नहीं कि उन्होंने कौन-सा जीवनसाथी चुना, सवाल ये है कि क्या आप मंच पर जो छवि गढ़ती हैं, वही सच में जीती भी हैं? या फिर ये सब केवल कैमरे के सामने दिखने वाला मुखौटा है?
सच्चाई ये है कि जब पर्दे का आदर्श और परदे के पीछे का चरित्र मेल न खाए, तो लोग विश्वास नहीं करते — केवल तमाशा देखते हैं।
#चित्रा_त्रिपाठी