मेरी आखरी उम्मीद मैं खुद हूं...
और जब तक मैं हूं, मेरी उम्मीद कायम है...!
आत्मविश्वास और आत्म-निर्भरता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं। जब तक हम खुद पर विश्वास रखते हैं, तब तक कोई भी चुनौती हमें हरा नहीं सकती। यह एक सकारात्मक दृष्टिकोण है।
@plgandher ❣️
बाड़मेर में गरीब भील आदिवासी परिवारों के आशियाने उजाड़ दिए गए, महिलाएँ और बच्चे खुले आसमान के नीचे आ गए। भजनलाल सरकार बताए कि घर तोड़ने से पहले इन परिवारों के रहने की व्यवस्था क्यों नहीं की गई?
जयपुर के बिंदायका में सेकेंडरी स्कूल सेंटर पर NEET UG 2026 री-एग्जाम में रविवार को थ्री लेयर सुरक्षा के बावज़ूद सेंटर के अंदर मोबाइल से चीटिंग करने वाली आरोपी छात्रा #हिमांशी_तिवाड़ी (22)को कोर्ट में पेश किया गया जहा कोर्ट ने छात्रा को जेल (ज्यूडिशियल कस्टडी) भेज दिया है
गरीबी बहुत दर्द देती है, और हमने उसे करीब से जिया है। भूख, अभाव, संघर्ष और बेबसी का दर्द वही समझ सकता है जिसने इसे अपनी जिंदगी में महसूस किया हो। शायद इसी वजह से गरीब की तकलीफ़ देखकर मेरा दिल आज भी बेचैन हो उठता है।
बोर्ड ने आज मीटिंग में निम्नलिखित एजेंडा का अनुमोदन किया;
1. टीचर भर्ती लेवल 1 का प्री डीवी रिजल्ट
2. Lab Asst exams के प्राथमिक Keys
L1 के सभी सफल हुए कैंडिडेट्स को बहुत बहुत बधाई!
People who can act with kindness using their own resources and time without expecting anything in return. I respect them ✨
Watching videos like this is so soothing ☺️💓😍
आदिवासियों से उनके जंगल और जमीन छीन कर व्यापारी मित्रों के हवाले किए जा रहे हैं।
पूरे देश से जंगल साफ करके धरती को तपती भट्टी बनाया जा रहा है।
देश का दुर्भाग्य है कि मीडिया को देश के आदिवासियों की सिसकती आवाजें सुनाई नहीं दे रही, कटते जंगल नहीं दिख रहे।
जब JEN साहिबा को नवलगढ़ में पानी की समस्या पर ग्रामीणों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया
JEN साहिबा रोने लगी दूसरी और वहाँ महिलाओं ने कहा हम तो पानी के लिए 2 साल से रो रहे है 🙏
जहाँ सम्मान नहीं, वहाँ जाना भी अपमान को न्योता देना है।
घटना लूणी विधानसभा क्षेत्र जोधपुर की बताई जा रही है। एक तरफ पूर्व विधायक महेंद्र बिश्नोई मफलर और गद्दे पर विराजमान हैं, और दूसरी ओर दो मेघवाल युवक ज़मीन पर बैठे दिखाई दे रहे हैं।
सवाल सिर्फ बैठने का नहीं, मानसिकता का है।
महेंद्र बिश्नोई के दादा रामसिंह बिश्नोई मारवाड़ के बड़े कांग्रेसी नेताओं में गिने जाते थे।
लूणी क्षेत्र से 1972, 1977, 1980, 1985, 1990, 1998 और 2003 में विधायक चुने गए।
फिर इनके पिताजी मलखान सिंह बिश्नोई वर्ष 2008 में कांग्रेस से विधायक बने। दलित भंवरी देवी हत्याकांड में जेल गए।
लगभग 50 वर्षों से लूणी विधानसभा क्षेत्र जोधपुर में इस परिवार का राजनीतिक कब्जा रहा है।
अगर इतने वर्षों की राजनीति के बाद भी समाज में बराबरी का संस्कार नहीं आया, तो फिर विकास के दावों का मतलब क्या है?
दलितों को सिर्फ वोट बैंक समझने वालों को यह समझना होगा कि अब समय बदल चुका है।
संविधान ने बराबरी दी है, लेकिन कुछ लोगों की मानसिकता अब भी जातिवाद की चौखट पर अटकी हुई है।
सबसे बड़ा सवाल इन दोनों मेघवाल युवाओं से भी है जो आज भी “नेता जी” के सामने आत्मसम्मान गिरवी रखकर नीचे बैठे हैं।
जिस दिन समाज का अंतिम व्यक्ति अपनी इज़्ज़त की कीमत समझ जाएगा, उसी दिन जातिवाद की सबसे मजबूत दीवार दरकने लगेगी।
कुर्सियाँ बदलने से समाज नहीं बदलता, मानसिकता बदलनी पड़ती है।
और जो सम्मान न दे सके, उसके दरबार में भीड़ नहीं, बहिष्कार होना चाहिए।
@RahulGandhi जी, क्या आपकी कांग्रेस पार्टी में ऐसे नेताओं को संविधान ओर समानता की समझ नहीं है?
ओडिशा में जीतू मुंडा को अपनी बहन के बैंक खाते से मात्र ₹19,300 निकालने के लिए उसकी कब्र खोदकर कंकाल कंधे पर ढोकर बैंक जाना पड़ा। सोचिए, एक इंसान को अपने ही हक के लिए इस हद तक जाना पड़े, इससे बड़ी विफलता और क्या हो सकती है? बैंकिंग व्यवस्था और सरकारी प्रक्रियाएं इतनी जटिल और अमानवीय हो चुकी हैं कि गरीब, खासकर आदिवासी समाज, अपने अधिकार तक पाने में असहाय हो जाता है।
एक तरफ ललित मोदी, नीरव मोदी, विजय माल्या जैसे लोग हजारों करोड़ लेकर भी कानून की पकड़ से बाहर हैं, और दूसरी तरफ एक गरीब भाई को अपनी बहन की कब्र तक खोदनी पड़ती है। यह “विकास” नहीं, यह गहरी असमानता और संवेदनहीनता का प्रमाण है। यह वह भारत है जिसे देखने से अक्सर हम नजरें चुरा लेते हैं।
अगर यहाँ CCTV कैमरे नहीं होते तो इस महिला के पीहर वाले ससुराल वालों पर मुक़दमा दर्ज करवा देते कि ससुराल पक्ष ने हमारी बेटी या बहन को मारकर टाँके में फेंक दिया।
बाकी हो सकता हैं इसके साथ मारपीट हुई हो इसलिए इसलिए इस महिला ने ये कदम उठाया।
बहुत गंभीर मामला है भाई ....
यह भगवा कपड़ा पहन कर साधू के भेष में लोगों को 5 मिनट में तंत्र/झाड़ फूंक विद्या से एक कार चालक को लिफ्ट के बहाने से भयंकर लुटा।
ऐसी विद्या कहा से सिखा यह बाबा.... कितने लोगों को लूट चुका।
मैंने ज़मीन के भीतर से निकली हुई बुद्ध की जितनी प्रतिमाएँ देखी हैं, उतनी शायद ही किसी और देवी-देवता की मिली हों। इतिहास खुद गवाही देता है कि यह विरासत कितनी व्यापक और गहरी है।
भारत का बड़ा मीडिया किसके हाथ में है? 🤯
Zee News — गोयनका परिवार
NDTV — Adani Group
Hindustan Times — बिरला परिवार
Sun News — Kalanithi Maran
News18 India — Reliance Industries
CNBC-TV18 — Reliance Industries
ET Now — साहू जैन परिवार
Times Now — साहू जैन परिवार
The Economic Times — साहू जैन परिवार
The Indian Express — गोयनका परिवार
Aaj Tak — पुरी परिवार
India Today — पुरी परिवार
Dainik Jagran — अग्रवाल परिवार
मीडिया सिर्फ खबर नहीं दिखाता,
कई बार वही तय करता है कि खबर बनेगी क्या। 📺🗞️
सोचिए… देश का नैरेटिव कौन तय कर रहा है? 🤔🔥