@Profdilipmandal
An Open Challenge:
इस श्लोक का अर्थ बताएं....
"अष्टापाद्यं तु शूद्रस्य स्तेये भवति किल्बिषम्।
षोडशैव तु वैश्यस्य द्वात्रिंशत्क्षत्रियस्य च॥
ब्राह्मणस्य चतुःषष्टिः पूर्णं वापि शतं भवेत्।
द्विगुणा वा चतुःषष्टिस्तद्दोषगुणविद्धि सः॥"
(अध्याय 8, श्लोक संख्या 337/338)
@Sujmooknayak@Punam_Kumari77 भाई अगर वो दोषी है besak fansi ho koi समस्या किसीको।का हो सकती है ...
लेकिन जिसको फर्जी फसाया जाए उसके लिए क्या होना चाहिए
मुझे तो आश्चर्य होता है ऐसा कौन सी जांच चल रही थी कि २० साल लग गए ।। अब इसे क्या कहे सिस्टम की फेलियर या सिस्टम की लापरवाही।एक तो ऐसा अंधा कानून बना कर नेता बैठ कर खा रहे है और भुगत आम जनता रही है जाग जाओ देश वासियों चाहे किसी वर्ग का हो #आरक्षण_मुक्त_भारत_आंदोलन#BAN_SCST_ACT