दिल्ली मेट्रो में कपल के रोमांस का वीडियो वायरल होने के बाद एक बार फिर सार्वजनिक जगहों पर मर्यादा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
मेट्रो आम लोगों की सुविधा के लिए है, किसी के निजी रोमांस का अड्डा नहीं। ऐसे मामलों को देखकर बच्चों और परिवारों के साथ सफर करने वाले लोगों को भी असहजता होती है।
दिल्ली मेट्रो को ऐसी घटनाओं पर सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए और स्पष्ट गाइडलाइन लागू करनी चाहिए, ताकि सार्वजनिक जगहों की गरिमा बनी रहे।
प्यार अपनी जगह ठीक है, लेकिन सार्वजनिक जगह पर मर्यादा भी जरूरी है।
Rs. 30,000 crore worth of projects across 9 states covering railways, roads and power sectors…this is what we reviewed during today’s PRAGATI session.
Focus areas remain - better connectivity, higher growth, better public services and lesser delays.
Here are the details…
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विनय तिवारी जैसे IPS केवल बिहार नहीं बल्कि पूरे देश को जरूरत है ..! इन्होंने अपने ही SHO को जेल भेजा है, मामला सुनेंगे तो लगेगा इस SHO को जेल नहीं फाँसी होनी चाहिए ..!
एक ग़रीब माँ-बेटी जो गाय ख़रीद-बिक्री के लिए बेतिया से गोपालगंज आयी थी उसे गाँजा तस्करी के झूठे मामले में फँसा कर तीन दिन प्रताड़ित किया असली तस्कर को पैसा लेकर छोड़ इस ग़रीब माँ माँ-बेटी को फँसा दिया ..! बेचारी कैसे कैसे सूद पर पैसा मंगवा कर दी तब उसको तीन बाद छोड़ा गया .! #gopalganj #vinaytiwari
जिस कंपनी के पास एक मकान की चार दीवारी करने की पूंजी नहीं उससे परमाणु क्षेत्र में 22,500 करोड का MOU, वाह रे फर्जी सम्राट सरकार!
बिहार सरकार उद्योग विभाग और विभिन्न औद्योगिक समूहों के बीच कथित रूप से लगभग 51,500 करोड़ रुपये के निवेश के लिए MoU पर हस्ताक्षर का ढिंढोरा पीटा रही है। लेकिन यह सरकार 2024, 2025 और उससे पूर्व में हुए दो लाख करोड़ से अधिक की राशि के समझौतों की प्रगति रिपोर्ट क्यों नहीं बता रही? आख़िर उन MOUs का क्या हुआ?
आपको जानकर हैरानी और दुख होगा कि जिस कंपनी के विषय में बिहार सरकार द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि यह कंपनी परमाणु क्षेत्र में अन्य कंपनियों के मुकाबले सबसे ज्यादा 22,500 करोड रुपए का निवेश करने जा रही है उस कंपनी की स्थापना ही 5 माह पूर्व फरवरी 25, 2026 में हुई है और इस कंपनी के पास केवल ₹11 लाख की ही कुल पूंजी है।
मतलब जिस कंपनी की हैसियत किसी स्कूल-कॉलेज की चार दीवारी बनाने की भी नहीं है अब वह कंपनी बिहार में न्यूक्लियर पावर प्लांट या किसी न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर की स्थापना करेगी। हद है!
बिहार सरकार को यह बताना चाहिए कि ₹11 लाख वाली इस कंपनी के हाथ कौन सा कुबेर का खजाना लग गया है जो अचानक यह कंपनी बिहार में हजारों करोड़ों का निवेश कर देगी?
बिहार की जनता से ऐसा कोरा झूठ बोलने में सम्राट सरकार को जरा सी भी शर्म नहीं आई?
संपूर्ण बिहार जानता है कि अनाड़ी प्रवृति के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी में कितनी गहराई, विवेक और समझ हैं लेकिन कितने ही अधिकारी और मंत्रियों की उपस्थिति में कोई कंपनी इतना बड़ा दावा करके चली गई और किसी ने सवाल-जवाब नहीं किया?
क्या बिहारवासियों को मूर्ख बनाना सभी का संयुक्त लक्ष्य था? क्या सभी लोग इसलिए चुप थे कि भविष्य में इन कागज़ी कंपनियों को राजकीय कोष से हज़ारों करोड़ की फ़्री जमीन और सब्सिडी देकर कमीशन खाया जाएगा। निवेश के नाम पर कागजी कंपनियों को सब्सिडी और फ्री जमीन देकर क्या बीजेपी सरकार बिहार के संसाधनों को बेचना चाहती है?
बड़ी कंपनियां बिहार में आए, उद्योग-धंधे लगाकर यहाँ अपनी पूंजी से निवेश करे तो हम उनका स्वागत ही नहीं बल्कि हर संभव मदद करेंगे लेकिन कागजी कंपनी बनाकर, सरकार से 1 रुपए में जमीन लेकर, एसेट बनाकर, यहाँ से अनुदान लेकर रफू-चक्कर हो जाएँगे तो बिहारवासी इसे सहन नहीं करेंगे।
दो दशक से अधिक बिहार में NDA की सरकार है इसके बावजूद आप राज्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं कर पाए कि निवेशकों का बिहार की सरकार एवं आधारभूत संरचना पर विश्वास बने। कोई बड़ी कंपनी बिहार में बड़ा निवेश करने को राजी क्यों नहीं है?
मीडिया में सरकारी प्रचार के दम पर आप अपना गुणगान तो करवा सकते हैं लेकिन धरातल पर दयनीय परिस्थितियों को सुधार नहीं सकते।
ना तो आप में इसके लिए इच्छा शक्ति है और ना ही योग्यता! इसीलिए जाति-धर्म के नाम पर विभाजनकारी नीतियों, 5 किलो मुफ़्त अनाज और चुनाव में ₹10,000 बांट कर ही आपकी झूठी राजनीति चलती है।
बिहार में अब तक का सबसे बड़ा घोटाला..!
डस्टबीन घोटाला..!
एक डस्टबीन की कीमत 1200रु से 1500रु मार्केट में है..!
लेकिन स्वास्थ मंत्री मंगल पांडेय और बिहार सरकार ने एक डस्टबीन 15450रु में खरीदा है..!
और पूरे बिहार में डस्टबीन की खरीदारी 300 करोड़ की हुई है तो सोचिए कितना बड़ा घोटाला हुआ होगा...
सरकारी कंप्यूटर ऑपरेटर पत्नी अधिशासी अभियंता के साथ होटल में गुलछर्रे उड़ाते हुए रंगे हाथ पकड़ी गई,, मोहतरमा पति से बोलकर गई थी कि मैं साहब के साथ साइट का निरीक्षण करने जा रही हूं... पति को थोड़ा बहुत शक हुआ तो वह पत्नी के पीछे स्कूटी से लग गया और होटल में रंगे हाथ पकड़ लिया,, साहब लखनऊ के अधिशासी अभियंता उदय प्रताप सिंह जी है।
#lucknow
आज से ठीक 9 वर्ष पूर्व बिहार में 5500 करोड़ ₹ के सृजन घोटाले का पर्दाफाश हुआ था, सरकारी खजाने के 5500 करोड़ रुपए तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी के चहेते नेताओं, मंत्रियों और अधिकारियों ने अपने नजदीकियों के निजी खातों में ट्रांसफर किए थे।
कई वरिष्ठ बीजेपी नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों के घोटालेबाजों के साथ लेनदेन और घनिष्ठता के स्पष्ट साक्ष्य मिले थे लेकिन जाँच एजेंसियों ने सब पर मिट्टी डाल दी। 9 साल बाद भी लूटे गए 55,00 करोड़ का कोई हिसाब-किताब नहीं, लेखा-जोखा नहीं।
बीजेपी की भ्रष्टाचारी रूपी गंगोत्री में डुबकी लगाकर पापियों के सब पाप धुल जाते है।
बोलो जय सियाराम
5500 करोड़ लूट सृजन के दुर्जन कर रहे आराम!
#Srijan #TejashwiYadav #RJD #Bihar
‘जो कहोगे, वही पद देंगे। महामंडलेश्वर बना देंगे। जगतगुरु भी बना सकते हैं। बस 20 लाख रुपए का व्यवहार करना होगा। आश्रम खोलना है, जमीन अखाड़े के नाम पर होगी। देखरेख और संचालन आप ही करना।’
ये ऑफर रिपोर्टर को देश के तीन बड़े अखाड़ों में ऊंचे पदों पर बैठे महंतों ने अलग-अलग मुलाकातों में दिया। रिपोर्टर ने खुद को अमेरिका से लौटा IT प्रोफेशनल बताया। कहा कि पिछले 15-20 साल से अमेरिका के क्यूपर्टिनो में नौकरी की। वाइस प्रेसिडेंट बना। खूब पैसा कमाया।
उज्जैन और मेरठ में जमीन भी है। अब कॉर्पोरेट लाइफ से मन भर गया। सब छोड़कर धर्म की राह पर चलना है। सामान्य साधु नहीं, सीधे महामंडलेश्वर बनना है। इसके लिए पैसा या जमीन कुछ भी दे सकते हैं।
पड़ताल जूना, निर्वाणी और निर्मोही अखाड़े में हुई। तीनों अखाड़ों के महंत-श्रीमहंत से फोन पर बात की। मिलने का वक्त तय हुआ। नासिक और हरिद्वार में मुलाकात हुई। हर अखाड़े की महामंडलेश्वर बनाने की अपनी-अपनी शर्तें और प्रक्रिया है, लेकिन भास्कर इन्वेस्टिगेशन में पता चला कि ये अखाड़े पैसों और जमीन के बदले महामंडलेश्वर का पद दे रहे हैं।
@Republic_Bharat@alok_ajay https://t.co/bSJ0bYqqmF
Republic bharat ko ye bhi dekhna chachiye।!! Kya is video me chhatr ko dabata huaa insaan Aap logon ka baap hai!!!
छात्रों द्वारा आंदोलन वापस होते ही अब भाजपा ने अपना खेल फिर से चालू कर दिया
भाजपा नेता ने छात्र आंदोलन से लौट रहे युवाओं को पकड़कर पीटा
सोचिए जरा कि ये भाजपाई किस तरह का माहौल देश में बना रहे हैं
दरअसल भाजपा नेतृत्व ने अपने गुंडा एलिमेंट्स को ऐसा करने का आदेश दिया है और जल्द ही युवाओं का एक आंदोलन भाजपाई गुंडागर्दी के खिलाफ भी शुरू होगा