मेरी कविता पुस्तक "सफऱ रिश्तों का" सामाजिक एवं पारिवारिक रिश्तों पर आधारित है तथा अपने परिवार के सदस्यों,मित्रो आदि को भेंट करने योग्य।निम्न लिंक पर उपलब्ध है:
Notion… https://t.co/F74T8OVlMV
(जीवन तो कुछ ऐसे बह गया)
जीवन तो कुछ ऐसे बह गया,
जैसे झरने से बेतहाशा बहता पानी ||
कल-कल का शोर ऐसा हआ,
कभी समझ में नहीं आयी जिंदगानी ||
बारिश का दौर भी अब थम गया,
बहते झरने का शोर कुछ कम होने लगा ||
सरद मौसम भी आ… https://t.co/UVqP5wkxoP
(जीवन तो कुछ ऐसे बह गया)
जीवन तो कुछ ऐसे बह गया,
जैसे झरने से बेतहाशा बहता पानी ||
कल-कल का शोर ऐसा हआ,
कभी समझ में नहीं आयी जिंदगानी ||
बारिश का दौर भी अब थम गया,
बहते झरने का शोर कुछ कम होने लगा ||
सरद मौसम भी आ… https://t.co/gQJgpw3JN5
बीते साल की बहुत सी यादें हमारे जहन में होगी,
कुछ खट्टी-मीठी यादें जिंदगी भर याद रहेगी।।
आओ मीठी यादों को हमेशा के लिए दिल में बसा ले,
भुल जाए कटु बातें वरना जख्मों को हरा करती रहेगी।।
सपने में भी छू ना पाए गम कभी… https://t.co/L5U8Ya2KKb