बस यही देखना बाकि था
कितने पीठ पर वार करोगे, कितना और आज़माओगे..
हम पश्चिमांचल के किसान मजदूर गिरकर भी संभल जाएंगे,
ये कब समझ पाओगे..
दुश्मन बनकर सामने आते तो शायद बात और होती..
मुस्कुराकर ज़���्म देने वालों को आखिर कब तक छुपाओगे
😔😓
रास्ते बदल जाएँ तो बदल जाएँ इरादे नहीं बदलते अपने लोगों से जुड़े रिश्ते कभी नहीं बदलते खेत की डोल गाँव की गलियाँ अपनों का प्यार और किसानों का सम्मान@jayantrld जी की ताकत है यही उनका संस्कार और यही उनक��� पहचान #ट्रैक्टर #बुलडोज़र #कलम तीनों जनता और किसानों के हितों के लिए ही चलेंगे
@sirohi_c@jayantrld बस यही देखना बाकि था
कितने पीठ पर वार करोगे, कितना और आज़माओगे..
हम पश्चिमांचल के किसान मजदूर गिरकर भी संभल जाएंगे,
ये कब समझ पाओगे..
दुश्मन बनकर सामने आते तो शायद बात और होती..
मुस्कुराकर ज़ख्म देने वालों को आखिर कब तक छुपाओगे
😔😓
@ramveertanwarg जिस तरह से बाहरी लोगों का दबाव हमारे पश्चिमांचल के इस जिले पर बढता जा रहा है आने वाले समय में यहां की हवा पानी तो छोड़ो
भाषा संस्कृति सब खतरे में पड जाएगा
प्रदेश विभाजन एकमात्र विकल्प है
@haryanvitai पर थारी पूरी फील्म इंड्रस्टी तो पश्चिमांचल के छौरे छौरी चला रे
और म्हारे टिकैत के बिना थारे कोई आंदोलन सफल नी होते
पश्चिमांचल को हमेशा याद रखना ☠️
उत्तर प्रदेश –
बरेली के सरकारी टीचर अब भूसा दान करेंगे। आदेश जारी हो गया है। बरेली में जो आवारा गोवंश घूम रहे हैं, उनके लिए भूसा इकट्ठा किया जाएगा। हर स्कूल को 46 KG भूसा दान करने का आदेश मिला है। जो स्कूल यह काम नहीं करेगा, उसकी खैर नहीं है।
@A1Morality लेकिन ये तो थारे NCR वालों की वहां कुटाई कर रहे हैं...और इनके यहां तम डोमिसाइल नीति के कारण नौकरी भी नही कर सकते बेशक आप भारत के नागरिक हो😀🤣
धारा 370 तो यहां है
और तुमने मुख्यमंत्री इनका बना रखा है
I am a CBSE Class 12 student.
After receiving unexpectedly low marks in Physics, we applied for photocopies of my answer sheets through the CBSE reevaluation process.
Today we received the copies.
And I am shattered because the Physics answer sheet uploaded by CBSE is not mine
@Hrycockroach यही हाल म्हारे पश्चिमांचल के जिला गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर का है सब बाहरी सासंद विधायक बाहरी बने बैठे हैं
चाहे वो पूर्वांचल का हो या राजस्थान का
भाषा, संस्कृति सब खतरे में है अगर जल्दी नही जगे तो
गजब है..दिल्ली सरकार..रिपोर्टिंग करने सामाजिक मुद्दे उठाने सवाल पिछले के लिए भी परमिशन लेनी पड़ेगी...!
सुबह 7 बजे से..जब नेता..मंत्री.. सांसद..विधायक सोकर भी नहीं उठती तब से बेचारी दिल्ली की जनता जन औषधी केंद्र के बाहर घंटों से लाइन में बैठी है..!
एक स्थानीय पत्रकार समस्या दिखाने दवाईयों के स्टॉक की जानकारी लेने क्या प��ुंच गया...सिक्योरिटी आ गई.. परमीशन का हवाला देकर बाहर निकाल गई..!
ये हाल है दिल्ली के सरकारी सिस्टम का...?