प्रशांत किशोर एक भारतीय राजनीतिक रणनीतिकार और जन सुराज पार्टी के सूत्रधार हैं। 26 फरवरी 1977 को बिहार के रोहतास ज़िले के कोनार गांव में जन्मे प्रशांत किशोर ने सार्वजनिक नीति और जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्य किया है
यह कोई पारंपरिक चुनावी रैली नहीं थी, बल्कि बिहार की बदहाली को जड़ से समझने, समाज के अंतिम व्यक्ति से संवाद करने और सत्ता के चेहरे नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था के परिवर्तन का एक ईमानदार प्रयास था।
अक्टूबर 2022 को जब देश महात्मा गांधी की जयंती मना रहा था, तब बिहार के पश्चिम चंपारण स्थित भितिहरवा गांधी आश्रम से एक ऐसी यात्रा शुरू हुई जिसने राजनीति की पारंपरिक परिभाषा को चुनौती दी। पिछले 10 वर्षों तक देश के दिग्गज नेताओं और दलों के लिए
रणनीति बनाने वाले प्रशांत किशोर ने जब राजनीति के 'चाणक्य' का काम छोड़कर बिहार को सुधारने का संकल्प लिया, तो उन्होंने 'जन सुराज अभियान' की नींव रखी। इसी अभियान के आधार के रूप में उन्होंने पूरे बिहार में 'पदयात्रा' का मार्ग चुना।
बिहार में विधानसभा चुनाव के समय जनसुराज के सूत्रधार @PrashantKishor ने नेपाल से आने वाली बाढ़ से बिहार का सुरक्षित करने का जो मास्टर प्लान बताया था बिहार सरकार को उस पर कोई उच्च स्तरीय समिति से अध्ययन करना चाहिए
बिहार में जब से बाकीपुर उपचुनाव में @PrashantKishor जीते है तब से बिहार सरकार द्वारा रोजगार, शिक्षा और अन्य मुद्दों पर बात होने लगी हैं @jansuraajonline