एक सवाल जरूर पूछिए—आंदोलन किसके लिए और किसके हित में?
जिस परीक्षा में Coaching संस्थानों की कथित भूमिका और लेन-देन की जांच हो रही हो, उसी मामले में अगर कुछ Coaching संचालक आंदोलन के सबसे बड़े चेहरों में नजर आएं, तो उनके Conflict of Interest पर सवाल क्यों न हो?
#jssc#jssccgl
@power_student07 JSSC CGL में इतने गरीब बच्चों का selection हुआ है कि उनके घर का अर्थिक स्थिति सही नहीं थी....फिर भी लोग कहते हैं कि वे चोरी करके पास हुए हैं....इसलिए सभी को एक तराजू में तौलना कहीं से उचित प्रतीत नहीं होता......एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते मेरी सहानुभूति इनके साथ है
भाजपा नेताओं को छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति करने की आदत छोड़ देनी चाहिए :
भाजपा नेताओं को छात्रों के मुद्दों की आड़ में अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने की कोशिश बंद करनी चाहिए। जो लोग सत्ता में रहते हुए युवाओं और छात्रों के सवालों का समाधान नहीं कर पाए, वे आज छात्रों के पीछे खड़े होकर राजनीतिक ड्रामा कर रहे हैं। जबकि हकीकत अब पूरा देश जान चुका है कि माननीय मुख्यमंत्री ने छात्रों की सभी मांगों को मान लिया है, छात्र अपने घर लौट चुके हैं और 25 अगस्त को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में कई और महत्वपूर्ण निर्णय सरकार छात्र हित में लेने जा रही है।
भाजपा नेताओं की राजनीति अब इतनी कमजोर हो चुकी है कि उन्हें अपनी राजनीतिक लड़ाई लड़ने के लिए छात्रों को आगे करना पड़ रहा है। छात्र-युवा पढ़ाई, रोजगार और अपने भविष्य को लेकर संघर्ष करें, यह उनका लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन उनके आंदोलनों को राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस्तेमाल करना भाजपा की पुरानी कार्यशैली रही है।
भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी बताएं कि यदि उन्हें वास्तव में छात्रों की चिंता है तो वे छात्रों के बीच जाकर उनके मुद्दों पर सकारात्मक संवाद क्यों नहीं करते? हर प्रशासनिक कार्रवाई को राजनीतिक दमन बताकर माहौल गरमाना और फिर थाने पहुंचकर राजनीतिक प्रदर्शन करना समस्या का समाधान नहीं, बल्कि छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति करना है।
कानून अपना काम करेगा और किसी भी मामले में पुलिस को कानून के दायरे में ही कार्रवाई करनी चाहिए। लेकिन किसी व्यक्ति पर कार्रवाई को लेकर बिना पूरी जानकारी के पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाना और उसे राजनीतिक रंग देना जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका नहीं है। भाजपा को कानून और लोकतंत्र की दुहाई देने से पहले अपने राजनीतिक आचरण का आईना देखना चाहिए।
भाजपा नेता लगातार ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे छात्रों और युवाओं के बीच भ्रम और टकराव की स्थिति पैदा हो। लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर कानून हाथ में लेने या राजनीतिक उकसावे की राजनीति को जायज नहीं ठहराया जा सकता।
भाजपा की परेशानी यह है कि झारखंड की जनता ने उसकी राजनीति को नकार दिया है। अब कभी छात्रों के नाम पर, कभी युवाओं के नाम पर और कभी कानून-व्यवस्था के नाम पर भाजपा अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने की कोशिश कर रही है। जनता सब देख रही है और समझ रही है कि कौन छात्रों के भविष्य की चिंता कर रहा है और कौन उनके मुद्दों को अपनी राजनीति का ईंधन बना रहा है।
बाबूलाल मरांडी से सवाल है?.. कि यदि भाजपा को सचमुच छात्रों की इतनी चिंता है तो वह यह बताए कि केंद्र की भाजपा सरकार के कार्यकाल में युवाओं के रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े सवालों पर उसने क्या ठोस कदम उठाए? सिर्फ थाने में दो घंटे बैठ जाने से छात्र हितैषी होने का प्रमाणपत्र नहीं मिल जाता।
झामुमो छात्रों और युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करता है, लेकिन किसी भी आंदोलन को राजनीतिक हथियार बनाने की कोशिश का विरोध करेगा। भाजपा नेताओं को सलाह है कि छात्रों को आगे करके अपनी राजनीति चमकाने के बजाय खुद मैदान में उतरें और जनता के सवालों का सामना करें।
भाजपा नेताओं को यह समझ लेना चाहिए कि छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर झामुमो से राजनीतिक लड़ाई नहीं लड़ी जा सकती। जनता के बीच जाकर लड़ना है तो भाजपा नेता खुद मैदान में उतरें।
@JmmJharkhand
झारखंड के चतरा जिले की इस गांव की तस्वीर को देखकर यही लगेगा,जैसे ये तस्वीर आजादी के पहले की हैं।लेकिन सच तो ये है कि ये तस्वीर आजादी के 75 साल बाद की है।चतरा जिले के कर्मा पंचायत अंतर्गत बसरिया गांव के लोग आज भी नदी में चुआं खोद पानी पीने को मजबूर है।यहां के लोग अब सोचने को मजबूर है कि कब तक गांव में पानी की समस्या से निजात मिलेगा और बिजली से रोशन होगा।नदी में चुआं खोद पानी पीना,अंधेरे में रहना और पगडंडियों में चलना ही ग्रामीण अपनी नियति मान चुके हैं।
#Jharkhand
एक पढ़े लिखे बुद्धिजीवी को सारी सच्चाई पता है की इस नियुक्ति का पटाक्षेप कैसे हुआ।।किसने देना चाहा और किसने रोकना चाहा।।🙏🙏
खैर चयनित सभी दोस्तो को बधाई।।।उम्मीद है आपके मार्गदर्श में राज्य सर्वांगीण विकास की और अग्रसर होगा💐💐
@kunalpratap86
उल्टी गिनती आपका भी स्टार्ट हो चुका है आपके कार्यकाल में JSSC 3-4 बार अपना examination कैलेंडर निकाल चुकी है लेकिन अभी तक सारे के सारे फैल हुई है! एक भी नौकरी दोगे या नहीं या @dasraghubar द्वारा निकाली गयी Vacancies का नियुक्ति पत्र बाँटते रहोगे?? @MithileshJMM@BhoktaSatyanand
ओडिशा के पुरी में श्री जगन्नाथ मंदिर में दर्शन कर राज्यवासियों की खुशहाली की कामना की। महाप्रभु श्री जगन्नाथ जी सभी को सुख, शांति, समृद्धि और स्वस्थ जीवन प्रदान करें।
जय जगन्नाथ!!