ये है आपके एक सही वोट की असली ताकत! ✅
ये है दिल्ली की चर्चित मिंटो रोड...
कभी हल्की-सी बारिश में यह सड़क जलभराव और घंटों के जाम की पहचान थी। बसें तक पानी में फंस जाती थीं। आज भाजपा सरकार के सुशासन और तेज विकास कार्यों की बदौलत, बारिश के बीच भी यहां यातायात बिना रुके दौड़ रहा है।
देखिए, काम बोलता है... ⬇️
यह मोहम्मद सनुफ है जो केरल के रहने वाले हैं और सऊदी अरब में काम करते हैं
जब यह सऊदी अरब में काम कर रहे थे तभी पहलगाम का आतंकी हमला हुआ
26 निर्दोष हिंदुओं को उनका धर्म पूछ पूछ कर कलमा पढ़ने को बोलकर कर मारा गया
जिन लोगों को कलमा नहीं मालूम था वह मारे गए
एक बंगाली हिंदू प्रोफेसर को कलमा पता था तो वह बच गए
तो यह मोहम्मद शनुफ उस वक्त फेसबुक पर पहलगाम हमले पर खूब सेलिब्रेट कर रहे थे खुशी मना रहे थे और कह रहे थे कि हमारे धर्म के लोगों ने काफीर लोगों को मार कर बेहद पुण्य का काम किया है
यह कश्मीर को भारत से अलग करके एक इस्लामिक देश बनाने की चाह रखते हैं इन्होंने फेसबुक पर इस बारे में भी लिखा और कहा की सैकड़ो स्लीपर सेल्स जिसमें मैं खुद भी हूं इस पवित्र दिन और इस पवित्र काम के लिए तन मन धन से लगे हुए हैं
इनको लग रहा था कि इन्होंने सऊदी अरब में रहते हुए यह फेसबुक पोस्ट लिखा इनको कुछ नहीं होगा
पहलगाम हमले के कुछ साल बाद यह कल भारत आए
इनको पता नहीं था की जांच एजेंसीया लगातार इन पर नजर रखी थी और इनको तुरंत कोची एयरपोर्ट पर ही UAPA और आतंकवादी वाली धाराओं में गिरफ्तार कर लिया गया
अब यह लंबे समय तक जेल में रहेंगे
अब उनके परिवार वाले कह रहे हैं कि मेरा बेटा ने ऐसे ही पोस्ट कर दिया था उसे माफ कर दो
अखिलेश ने राम मंदिर के पूरे ढांचे को बदलने की माँग की है
मुस्लिम वहाँ क़यामत तक फिर से बाबरी मस्जिद बनाने की बात कहते रहते हैं
अखिलेश के मुँह से सच निकल ही गया
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के लिए पहले पोर्टेबल टॉयलेट की मांग हुई, अब बारिश से बचाने के लिए शेड बनाने की मांग भी आ गई🤣
लगता है आंदोलन कम और सुविधाओं की लिस्ट ज़्यादा बन रही है। 🤔
अब अगली मांग क्या होगी?
• AC की व्यवस्था?
• 24×7 बुफे?
• रीक्लाइनर चेयर?
• फ्री वाई-फाई?
• VIP लाउंज?
कमेंट में बताइए, अगली मांग क्या हो सकती है! 😄
अयोध्या में चोरी हुयी है या करायी गयी है?
भड़क गये साधू संत! बहस इस बात पर छिड़ी है, कि आखिर अखिलेश को सबसे पहले पता कैसे चला?
संतों की माँग है! कि अखिलेश यादव कह दें जैसे अयोध्या में मंदिर बना है वैसे ही मथुरा में बनेगा।
खबर ऐसी कि दिल ख़ुश हों जाए, ये हैं वहीं नीलांजन दास है जो TMC का स्पोक्सपर्सन और IT सेल हेड था
ये सोशल मीडिया पर RW और BJP सपोर्टर्स को चुप कराने के लिए धमकाता था और झूठी FIR करा अंदर करा देता था
आज सड़कों पर पिटने के बाद वो रो रहे हैं और रहम की भीख मांग रहे हैं...✍️
बड़ी खबर🚨
ये राजस्थान की उस भयानक घटना के आरोपी हैं एक रिक्शा चालक ने 13 साल की लड़की को कुछ हज़ार रुपयों में बेच दिया, फिर उसे 32 दरिंदों के हवाले कर दिया गया, जिन्होंने होटल के कमरों में लगातार 5 दिनों तक उसे प्रताड़ित किया।
उसके हाथ बंधे हुए थे।
उन्हें जानवरों की तरह घुमाया गया, सबके सामने उनका शोषण किया गया।
होटलों पर बुलडोज़र चल चुका है।
कुछ लोगों को गिरफ़्तार किया गया है।
उन्हें क्या सज़ा मिलनी चाहिए?
दुनिया के सबसे बड़ी मु/स्लिम जनसंख्या वाले देश इंडोनेशिया का राष्ट्रपति कह रहा है कि
“मेरा DNA भारतीय है” ❤️❤️
यहाँ अभी कुछ दशकों पहले तलवार के आगे कन्वर्ट हुआ पंक्च रछाप कहता है अरे भाईजान हम तो सऊदी के हबीबी थे , ऊँटो पर बैठकर बस सीधे ही भारत आए।
अबे अपनी मूल जड़ो को पहचानकर भारतीयता और सनातन की जड़ो को स्वीकार करो- तुम्हारी इस देश में इज्जत भी होगी और देश में कट्टरता का समाधान भी।
हिन्दुओ को मूर्ख बनाना कितना आसान है?
1-केरल सबरी माला मंदिर से 19 किलो सोना गायब?
2- सालार मसूद दरगाह में 100 करोड़ का घोटाला?
3-राजस्थान अजमेर दरगाह से 20 लाख की हेराफेरी?
यूपी में चुनाव हैं भावना सिर्फ राम मंदिर पर आहत होंगी?
बाकी जगह सब उनके रिश्तेदार हैं?
अखिलेश राज का वो जवाहर बाग हत्याकांड
जिसमे मथुरा को खून से नहलाया गया था
इस घटना में SP व SO समेत 29 लोगो को मौत के घाट उतार दिया गया था !
टोंटी चोर की हिम्मत नहीं थी कोई एक्शन ले पाए
सपा का एक ही नारा था, खाली प्लाट हमारा है !
गंगा रिसोर्ट के पास एक मुल्ला
हिंदू साधु का भेष बनाकर छोटी बच्चियों और बच्चों के पास जा रहा था, लेकिन असल में वह एक मुस्लिम मौलाना निकला...
हमारी जागरूक हिंदू बेटियों ने उसकी चाल को नहीं माना.. एक बहादुर लड़की ने निडर होकर उसकी तरफ़ इशारा करते हुए उसे कड़ा जवाब दिया और उससे सवाल किए..
आस-पास के लोग वहाँ पहुँचे, उसे रंगे हाथों पकड़ा और उसे वैसा ही सबक सिखाया जिसका वह हकदार था.. मेरा मतलब धर के कूट दिया..
जागो हिन्दुओं जागो 🖐️
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवल ने उन नामर्दों पर तंज कसा है जो देश के टुकड़े करने वालों को माकूल जवाब नहीं देते।
"कुछ लोग जिन्होंने देश के लिए कोई बलिदान नहीं दिया है, सड़क पर आकर नारेबाजी करते हैं... भारत के टुकड़े करने की बात करते हैं... भारत तेरे टुकड़े होंगे, इंशा अल्लाह।
उन्होंने जो कहा वो अहम नहीं है।
बाकी समाज में इसके खिलाफ कैसी प्रतिक्रिया रही, ये अहम है।
अगर समाज इसको न्यूज मीडिया आइटम की तरह एक इवेंट मानकर मूक दर्शक बना रहता है, अगर ये उनको झकझोरता नहीं है, तो इसका मतलब है कि राष्ट्रीय इच्छाशक्ति उस स्तर पर नहीं है जहां होनी चाहिए।
जब आप सिर्फ नकारात्मक चीजों की बात करते हैं और सकारात्मक चीजों पर आपको गर्व नहीं है, जब आपको उस हर चीज पर शर्म आती है जो आपके पूर्वजों ने किया है — आपका धर्म, संस्कृति, सभ्यता, प्रथाएं, परिवार, गांव — हर चीज को लेकर शर्म महसूस करते हैं, तो इसका मतलब है कि इच्छाशक्ति को अभी उभारने की जरूरत है।"
संदेश का सार:
डोवल कह रहे हैं कि समस्या सिर्फ नारे लगाने वालों की नहीं, बल्कि समाज की चुप्पी और राष्ट्रीय गर्व की कमी की है। जब तक समाज इन चीजों पर जोरदार प्रतिक्रिया नहीं देगा, तब तक देश की इच्छाशक्ति मजबूत नहीं होगी।
बच्ची जब दर्द से तड़पती थी..तब ये दरिन्दे उसे शराब पिला देते थे..जिससे उसकी आवाज़ बाहर न जाए..
और फिर दरिंदगी करते थे उसके साथ..
पांच दिन तक 32 लोग लगातार 13 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करते रहे 😢
एक बच्ची पर इतना अत्याचार करने के बाद भी ये जिंदा हैं..क्योंकि हमारे यहां किसी निर्दोष व्यक्ति से ज्यादा एक अपराधी के भविष्य की और उसके अधिकारों की चिंता की जाती है..अभी इनके अधिकारों के लिए और इनकी रिहाई के लिए दिन रात एक कर दिए जाएंगे!
Glad to receive a copy of Shri. Anand Ranganathan and Smt. Sheetal Ranganathan's book 'Forgotten Heroes of Indian Science'.
Their endeavour to shed light on the great Indian minds who toiled relentlessly to improve the lives of our people is commendable.
These are our Heroes, whose unwavering dedication has saved countless lives and shaped the trajectory of modern science. Stories like these deserve to be told and retold. They are a powerful reminder that India's scientific temper is not a recent phenomenon but a legacy that spans generations.
The book contributes to our innovation economy and the resilient and entrepreneurial spirit of scientists in industry and startups. For our youngsters who dream of contributing to our Viksit Bharat journey, these forgotten heroes are a guiding light.
@ARanganathan72