भारत के गृह मंत्री अमित शाह गर्व से बता रहे हैं कि एक स्वयंसेवक श्री अशोक सिंघल जी से क्या-क्या सीख सकता है।
“मुझे वह मौका याद है। VHP ने अशोक जी के लिए एक बहुत अच्छा सम्मान कार्यक्रम रखा था।
उनकी तबीयत खराब थी, सांस फूल रही थी, फिर भी सबने उनसे गाना गाने को कहा।अशोक जी ने शुरू में कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है।
लेकिन मोहन जी (सरसंघचालक जी) वहीं थे।
मोहन जी ने उनसे कहा- ‘अशोक जी, कोशिश करो।’
उन्होंने माइक्रोफ़ोन लिया और कहा, ‘मोहन जी ने कह दिया है। सरसंघचालक ने कह दिया है। अब मेरे पास कोई ऑप्शन नहीं बचा है।’🫡
और उस दिन, उन्होंने अपनी ज़िंदगी का आखिरी गाना गाया।
एक स्वयंसेवक की क्या भूमिका हो सकती है? इतना बड़ा इंसान, फिर भी जब सरसंघचालक कहते हैं, चाहे वह ठीक से सांस ले रहा हो या नहीं, कोई दूसरा ऑप्शन नहीं है।
यह भावना सिर्फ़ एक सच्चे स्वयंसेवक में ही उभर सकती है और पक्की रह सकती है।
फिर सवाल आता है संघर्ष…”❤️👏🏻
या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता |
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
जगतजननी सम्पूर्ण विश्व का पालन पोषण करने वाली पीतांबरा माई के दर्शन करने का सौभाग्य मिला |
माता रानी सदैव सबका कल्याण करें |
जय माई की 🚩
लखनऊ कचहरी के सम्मानित अधिवक्ता बड़े भाई राजेंद्र सिंह (सुनील सिंह) जी के आकस्मिक निधन के उपरांत उनके बुद्धेश्वर स्थित आवास पर आयोजित तेरहवी संस्कार में पहुंच कर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की |
आपका आकस्मिक जाना हम सबके लिए अपूरणीय क्षति हैप्रभु आपको अपने चरणों में स्थान दे
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ लखनऊ जिले के सरोजनी नगर (नगर एवं खंड ) द्वारा संघ के शताब्दी वर्ष में आयोजित युवा संवाद का कार्यक्रम आयोजन सरोजनी नगर स्थित होटल DVSR में किया गया |
जय माँ भारती 🚩
भगवान श्री कृष्ण के प्राकट्यउत्सव श्री कृष्ण जन्माष्टमी की आप सबको हार्दिक शुभकामनायें |
योगेश्वर भगवान श्री कृष्ण सबका कल्याण करें |
जय श्री कृष्णा
आप सबका
कवि प्रभाकर शुक्ला
यह आवश्यक नही की हर व्यक्ति हरेक के हर विचार से सहमत ही हो |
यह सम्भव नही है अपेछित है, जितने व्यक्ति उतने विचार |
परम् पूजनीय माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर जी
द्वितीय सर संघचालक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ |
प्यारी बहनें!
आप सबको रक्षा बंधन के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनायें |
हमारी सनातन संस्कृति में मातृशक्ति के सम्मान और कृतज्ञता के भाव को प्रकट करने का अनुपम उदाहरण है हमें गर्व है अपनी सनातन संस्कृति और अपने पूर्वजों पर |
अयोध्या के श्री निशुल्क गुरुकुल महाविद्यालय में विद्यार्थियों को आधुनिक कंप्यूटर लैब के माध्यम से तकनीक से जुड़ते देखना सुखद है। उनकी एक छोटी-सी इच्छा पूरी करने में हम सहभागी बन सके, यह हमारे लिए प्रसन्नता की बात है।
हमारी प्राचीन ज्ञान परंपरा को डिजिटल युग से जोड़ने का यह विनम्र प्रयास नई पीढ़ी को अपनी जड़ों के और करीब लाए और उनके लिए सीखने के नए अवसर खोले, यही कामना है।
गुरुकुल के सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं।
मृत्युलोके महाकालं त्रयलिंगम नमोस्तुते ||
पवित्र श्रावण मास के चतुर्थ सोमवार की आप सबको हार्दिक शुभकामनायें |
बाबा महाकाल की कृपा सदैव सब पर बनी रहे |
जय श्री महाकाल 🚩
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह श्री कृष्ण गोपाल जी ने केशवकुंज में किया ध्वजारोहण
नई दिल्ली, 15 अगस्त 2026। भारत के 80वें स्वाधीनता दिवस के अवसर पर शनिवार 15 अगस्त 2026 को दिल्ली के केशवकुंज में श्री केशव स्मारक समिति के तत्वावधान में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के माननीय सह सरकार्यवाह श्री कृष्ण गोपाल जी ने ध्वजारोहण किया तथा उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित किया। समारोह के प्रारंभ में राष्ट्रगीत वन्दे मातरम तथा ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान जन गण मन का गायन किया गया। केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के दल ने ध्वज को सलामी दी।
देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए माननीय सह सरकार्यवाह श्री कृष्ण गोपाल जी कहा कि भारत अपनी स्वतंत्रता की 80 वीं वर्षगांठ मना रहा है। आज ही के दिन 15 अगस्त 1947 को अपना देश सदियों की पराधीनता के बाद स्वतंत्र हुआ। अपनी स्वतंत्रता के पीछे लगभग एक हजार वर्षों की स्वतंत्रता का संग्राम है। इसके लिए हजारों लाखों लोगों ने बलिदान दिया है।
उन्होंने कहा कि आज सबसे पहले उन महान पुरुषों एवं महिलाओं को स्मरण करें जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी अथवा जीवन भर कारागारों के पीछे रहे। सिंध के राजा दाहिर, दिल्ली के राजा अनंगपाल, पृथ्वीराज चौहान, राणा सांगा, शिवाजी महाराज, महाराणा प्रताप, छत्रशाल महाराज, दक्षिण भारत की चिन्नमा एवं विजय नगर साम्राज्य के वे लोग जो स्वतंत्रता के लिए लड़ते हुए बलिदान हुए। देश के भिन्न-भिन्न स्थानों पर स्वतंत्रता के लिए यह संघर्ष जारी रहा। अंग्रेजों के आने के बाद यह संघर्ष फिर प्रारंभ हुआ। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, बिपिन चंद्र पाल, डॉ केशव बलिराम हेडगेवार, भगत सिंह, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकुल्ला खान, चंद्र शेखर आजाद एवं लंबे समय तक संघर्ष करते रहने वाले देश के प्रत्येक प्रांत के बंधुगण, माताएं एवं बहने, हम उन सभी का स्मरण करते है जिनके बलिदानों के कारण यह स्वतंत्रता प्राप्त हुई।
डॉ कृष्ण गोपाल जी ने कहा की स्वतंत्रता के बाद देश ने तेजी से प्रगति किया। हमारा देश अब महान देश के रूप में आगे बढ़ रहा है। इस स्वतंत्रता दिवस पर मैं सभी देशवासियों को शुभकामना देता हूँ कि सारा देश एकजुट होकर आगे बढ़े और विश्व के सामने एक सुंदर आदर्श प्रस्तुत करें।