जर्सी गाय
50 करोड़ की गर्लफ्रेंड
कांग्रेस की विधवा
हायब्रिड बछड़ा
ऐसी गालियां बोलने पर जिसके ऊपर कार्रवाई नहीं हुई वह आज़ इसलिए केस कर रहे हैं क्योंकि उन्हें किसी ने गाली दिया !
20 से ज्यादा बच्चों ने आत्मह*त्या कर ली और यह सोचते हैं कि सब शहद टपकाए।
"मनुस्मृति में लिखा है: जो शूद्र वेद सुने उसके कानों में शीशा डाल देना चाहिए, वेद का उच्चारण करने पर जीभ काट दी जाए, तथा वेद मंत्र धारण करने पर उसका शरीर काट देना चाहिए.."
खड़गे जी ने घृणित किताब का जिक्र जैसे ही किया सारे भाजपाई बिलबिलाने लगे! खड़गे जी मनुस्मृति का पोस्टमार्टम कर रहे है।
आज अमित शाह लोकसभा में नहीं आए, क्योंकि वे Guilty हैं।
अगर Guilty नहीं होते तो.. सदन में आकर जवाब दे देते। इसलिए हम कह रहे हैं कि इन्हें गृह मंत्री के पद से हटना होगा।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
राहुल गांधी ने अपने भाषण से संसद को अलग ही स्तर पर पहुंचा दिया है।🔥🔥
"RSS नहीं चाहता कि आप छात्र बनें, वे चाहते हैं कि लोग अंधभक्त बनें" 🤣🤣
BJP के सांसद सचमुच में उन्हें भाषण देने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं 🔥
सत्य और सत्याग्रह - दोनों से डरती है मोदी सरकार।
मध्य प्रदेश के आदिवासी भाई-बहन जल सत्याग्रह और भूख हड़ताल पर इसलिए बैठे थे क्योंकि केन-बेतवा परियोजना में उनकी ज़मीन छीन ली गई, लेकिन उन्हें न न्यायपूर्ण मुआवज़ा मिला और न सम्मानजनक पुनर्वास।
"सत्य" यह है कि आदिवासी देश के पहले मालिक हैं - जल, जंगल और ज़मीन पर सबसे पहला हक़ उन्हीं का है।
और उनका "सत्याग्रह" इसलिए है क्योंकि वही हक़ आज उनसे छीना जा रहा है।
अपने अनोखे तरीके से उनकी मांग बस इतनी है कि गुज़र-बसर करने के लिए उचित सहारा तो दो - वरना जिंदगी तो चिता के ही समान है।
मगर यह भी भाजपा सरकार को मंज़ूर नहीं। उनकी बात सुनने के बजाय पुलिस बल से उनका शांतिपूर्ण विरोध भी कुचला जा रहा है।
हम अपने आदिवासी भाई-बहनों के साथ हैं। उन्हें न्याय दिला कर रहेंगे - मुआवज़ा और पुनर्वास तो देना ही पड़ेगा।
Credits for video: Shiksha Pareek and Lok Singh
@faeloreeah @lok_singh_
सुना है कई चाटूकार एंकर्स आज जंतर- मंतर और Gen Z की महिमा का बखान कर रहे हैं .
यही वो एंकर्स हैं , जिन्होंने लगातार जंतर - मंतर के प्रोटेस्ट के ख़िलाफ़ एजेंडा चलाया . प्रोटेस्ट में आने वालों के लिए दुष्प्रचार किया . सरकार के पक्ष में नैरेटिव गढ़ने की कोशिश की . सरकार को लगे थप्पड़ का असर इनके गालों पर भी हुआ है . तो गाल सहलाते हुए Gen Z की शान में कसीदे पढ़ रहे हैं .
मेट्रो बंद करो।
रास्ते बंद करो।
दुकानें बंद करो।
Internet बंद करो।
खाना बंद करो।
अपना हक़ मांग रहे छात्रों के ख़िलाफ़ सरकार ने ये क्रूर कदम उठाए।
बस एक चीज़ बंद नहीं कर पाए, मोदी जी - पेपर लीक।
ये भी अजब बात है कि एक तरफ़ तो भाजपा और उनके संगी-साथी अपने लोगों को प्रोटेस्टर्स के बीच भेजकर युवाओं को गलत साबित करने में लगे हैं; दूसरी तरफ़ जब उन्हें ‘भाजपाई’ कहा जाता है तो वो चिढ़ जा रहे हैं।
आज जिन भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों के घर-मकान-दुकान-प्रतिष्ठान व गाड़ियों से भाजपा के झंडे उतरे हैं कल भाजपा भी उनके दिलोदिमाग़ से उतर जाएगी क्योंकि वो भोले-भाले भावुक लोग हैं लेकिन उनमें भी बुद्धि-विवेक है और वो भी भाजपाइयों की निम्नलिखित काली-करतूतों से बेहद-बेहद शर्मिंदा हैं :
1. अयोध्या में ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरी’ का रामघात
2. दिल्ली में बच्चियों तक पर बेदर्दी से प्रहार
3. पूरे देश में युवाओं पर हिंसक प्रहार
4. मुंबई में आंदोलनकारियों को ड्रग्स के झूठे केस में फँसाने की धमकी
5. लखनऊ अग्निकांड में मृतक बच्चे की दुखी माँ तक के साथ उप्र के मुख्यमंत्री द्वारा किया गया, अति निंदनीय दुर्व्यवहार व माँ का तिरस्कार
अब भाजपा के Paid & Unpaid तथाकथित समर्थक भी अब किसी काम नहीं आ रहे हैं। दरअसल अब वो जनाक्रोश को देखकर घर से बाहर तभी निकल रहे हैं, जब बहुत ज़्यादा मजबूरी हो। इसीलिए मोहल्ले और सोसाइटियों के पार्कों में भी, अब वो बरसाती वायरल बुख़ार या सर्दी-ज़ुकाम के नाम पर तबियत ख़राब होने का बहाना करके नहीं जा रहे हैं, उनके व्हाट्सएप ग्रुप भी ठंडे पड़े हैं।
भाजपा के कट्टर समर्थकों के सामने सबसे बड़ा संकट ये है कि उन्होंने पिछले 10-12 सालों में हर कुतर्क से भाजपा और उनके संगी-साथियों की ढाल बनकर रक्षा की, अपने बचपन के मित्रों, सहपाठियों, सहकर्मियों व सहयोगियों से लड़ाई की लेकिन अब वो भी भाजपा की कारस्तानियों से समझ गये हैं कि असल में वो ख़ुद ही गलत थे, तो वो किस मुँह को लेकर घरों से बाहर निकलें। जिस तरह भाजपा ने लोकतंत्र को ख़त्म किया, सरकारी विभागों-एजेंसियों का भ्रष्टाचारीकरण किया, कमीशनख़ोरी से महंगाई बढ़ाकर लूटा, शिक्षा-परीक्षा में घनघोर धांधली की व भर्ती-नौकरी-रोज़गार की जगह केवल अपने कुछ भाजपा समर्थक गिने-चुने खरबपतियों के लिए श्रमिकों को पैदा करने का काम किया, बलात्कारियों को छुड़वाकर गले में हार डलवाया, दुनिया के सबसे घिनौने अमेरिकी कांड में नाम आने पर भी अपने मंत्री को नहीं हटाया, उत्तराखण्ड हो या उत्तर प्रदेश की बेटी उनके बलात्कारियों को बचाया, लखीमपुर खीरी के थारकांड में किसानों को मारनेवाले के साक्षात् सबूतों को झुठलाया, पीडीए पर हर तरह का अत्याचार किया व उनका आरक्षण मारने के लिए कोर्ट में साज़िशों का जाल बिछाया, संविधान को मिटाने की हर संभव कोशिश की, विपक्ष पर अनर्गल आरोप लगाकर झूठे मुक़दमे किये, बुलडोज़र व एनकाउंटर का अमानवीय दुरुपयोग किया, यहाँ तक कि शंकराचार्य जी पर भी निकृष्टतम आरोप लगाया… ऐसे और भी अनेक कुकृत्य और कुकर्म हैं जिनसे भाजपा का असली चेहरा अब उनके समर्थकों के भी सामने आ गया है।
इसीलिए भाजपा समर्थकों के लिए ये तथाकथित अमृतकाल अब सरेआम अपमान के ज़हर भरे घूंट पीने के ‘विषकाल’ बन गया है।