तत्काल निलंबन हो, बर्ख़ास्तगी हो और ऐसा दंड मिले कि कोई दूसरा अधिकारी फिर कभी ऐसी हिम्मत और दुस्साहस न कर सके।
‘नारी वंदन’ का ढोंग करनेवाली भाजपा सरकार है भी या नहीं।
और कुछ नहीं कहना है।
@yadavakhilesh अपने को योगी कहने वाला बाबा 7000 करोड़ रुपए के कॉस्मेटिक फेशियल में बरबाद कर दिए केवल अपना चेहरा चमकाने में फिर भी वैसे का वैसा ही रह गया। जिसका कारण वनस्पति है
ये है भाजपाई तरक़्क़ी की नई हवा… कुछ दिनों पहले ही जिसका उद्घाटन हुआ हो उस सड़क को मरम्मत की ज़रूरत पड़ गई और एक्सप्रेस स्पीड से मरम्मत को सुखाने के लिए पंखे का इस्तेमाल किया जा रहा है ये भी हास्यास्पद है। 2-3 हफ़्ते में ही जिस एक्सप्रेसवे का दम उखड़ने लगा है उस पर चलने का जोखिम कौन उठाएगा?
सवाल ये भी है कि ‘अटल प्रोग्रेस वे’ योजना में ही रहेगा या कभी बनेगा भी… या क��ग़ज़ों में बनकर उसका ‘हिस्सा-बाँट’ हो चुका है।
भाजपा राज में हुआ हर निर्माण चलता कम है… धँसता, ढहता, गिरता ज़्यादा है।
उप्र सरकार को बधाई हो उप्र में ‘गांजागंज’ की शूटिंग शुरू हो गई…
सवाल फिर भी यही है कि आता कहाँ से है, इस बात से ज़्यादा बड़ी बात ये है कि ‘जाता’ कहाँ हैं?
अपराधियों के हौसले तो देखिए देश के प्रधान संसदीय क्षेत्र में ये सब हो रहा है।