BHU बना… तो उसके “कम्पटीशन” में AMU भी बना 🤔
नाम देखिए
📍 बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU)
📍 अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU)
एक हिंदू, एक मुस्लिम
दोनों यूनिवर्सिटी, नाम भी धर्म आधारित।
पर फर्क कहाँ आ गया?
👉 BHU सबके लिए है
👉 AMU “अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय” है
अब ज़रा जोर से बोलिए
❓ अल्पसंख्यक कौन है?
संविधान में कहीं साफ़-साफ़ लिखा है क्या?
कोई कॉलम, कोई परिभाषा, कोई निश्चित मापदंड?
❌ नहीं।
फिर भी AMU माइनॉरिटी यूनिवर्सिटी है और BHU न माइनॉरिटी है, न मेजॉरिटी। बस — सबका साथ, सबका विकास।
अब ज़रा इतिहास की दूसरी लाइन पकड़ते हैं 📜
🗓️ 1925 — बना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS)
🗓️ 1926 — ठीक एक साल बाद बना एक और संगठन… 👉 तबलीगी जमात
अब गूगल कर लीजिए
🌍 दुनिया के कितने देशों ने तबलीगी जमात पर प्रतिबंध लगाया है?
👉 9 देश
किन-किन में?
किर्गिज़स्तान, अज़रबैजान, अरब के कुछ देश…
और हैरानी की बात यह कि जिस संगठन का
📌 मुख्यालय भारत में है
📌 सुप्रीम कोर्ट से ~3 किमी
📌 संसद से ~4 किमी
📌 निज़ामुद्दीन में
उसके बारे में
❌ न Gen-X जानती है
❌ न Gen-Y
❌ न Gen-Z
❌ न बुज़ुर्ग
❌ न आम जनता
कोविड नहीं आता, तो शायद
👉 यह नाम भी सामने नहीं आता 😷
अब ज़रा और सीधे सवाल ❓
🩸 भारत-पाक विभाजन में
सबसे बड़ी भूमिका किसकी थी?
🩸 बांग्लादेश में हिंदुओं के नरसंहार में?
🩸 अफ़ग़ानिस्तान में हिंदुओं के सफ़ाए में?
और फिर पूछिए
🌍 दुनिया की सबसे बड़ी जमात कौन-सी है?
👉 जवाब वही है।
फिर सवाल यह भी
❓ जब 9 देशों ने बैन किया
तो भारत में
✔️ न बैन
✔️ न संसद में चर्चा
✔️ न राष्ट्रीय बहस
तो हम
👉 वाकई सुरक्षित हैं?
या
👉 बस चुप हैं?
📊 1931 की जनगणना याद कीजिए
अंग्रेज़ों ने 1881 से हर 10 साल में कराई।
1931 में
📍 सिंध में हिंदू ~70%
📍 लरकाना सहित कई इलाकों में 65–70%
तो ज़रा सोचिए
❓ क्या उन्होंने कभी सोचा होगा कि 15 साल बाद क्या होगा?
जवाब ज़ोर से बोलिए
👉 नहीं।
🔚 निष्कर्ष
ये सवाल
❌ न नफ़रत के हैं
❌ न डर फैलाने के
ये सवाल हैं
👉 इतिहास की अनदेखी
👉 नीति की असमानता
👉 संविधान की व्याख्या
👉 और चुप्पी की कीमत
सवाल पूछना ग़लत नहीं है।
ग़लत है — सवालों से भागना।
🗣️ सोचिए। पूछिए। समझिए।
सुप्रीम कोर्ट वरिष्ठ अधिवक्ता आदरणीय @AshwiniUpadhyay जी
@ARanganathan72@HMOIndia
स्वर्गीय जगदेव कुशवाहा पर बिहार में एक प्रोपोगेंडा फ़िल्म बनाई गई। जिसमें ब्राह्मणों/सवर्णों के खिलाफ जमकर नफ़रत फैलाई गई।
मैं चाहूँ तो इस पर चुप रहूं। अपने होंठ सिल लूँ। लेकिन इतिहास मुझे माफ नहीं करेगा। मेरा जमीर मुझसे बार-बार कहेगा कि जब ये प्रोपगेंडा फ़िल्म रिलीज हुई तो तू क्या कर रहा था? तूने पोल क्यों नहीं खोली? तो अब पढ़िए:-
- जगदेव कुशवाहा ने जातीय राजनीति को अपने राजनीतिक जीवन का मूल आधार बनाया। उन्होंने बिहार में कुशवाहा समाज के वोट बैंक को साधने की कोशिश की
- 1957 में वो बिक्रमगंज लोकसभा चुनाव से बुरी तरह हारे
- 1962 में कुर्था विधानसभा से बुरी तरह चुनाव हारे
- 1967 में पहली बार विधायक बने। CM महामाया प्रसाद सिन्हा के मंत्रिमंडल में मंत्री बने
- 5 सितंबर 1974 को जगदेव प्रसाद को कुर्था (तत्कालीन गया जिला, बिहार) में आंदोलन के दौरान पुलिस की गोली लगी। जिसमें उनकी मौत हो गई।
- आपको ये सभी बताएँगे कि जगदेव प्रसाद की मौत पुलिस की गोली से मौत हुई। लेकिन ये कोई नहीं बताएगा कि:- तब बिहार के मुख्यमंत्री “अब्दुल गफ़ूर” थे।
- जगदेव प्रसाद पूरे जीवन ब्राह्मणों/सवर्णों के विरोध की राजनीति करते रहे। फिर भी पूर्णतः सुरक्षित रहे। लेकिन जब एक मुस्लिम CM की सरकार के लिए संकट बने तो पुलिस की गोलीबारी में मारे गए।
क्या आपने अबतक पहलवानों के गिरोह विशेष द्वारा मीनाक्षी गोयत की प्रशंसा में एक शब्द भी लिखा हुआ देखा? सन्नाटा है, सब केवल विनेश फोगाट-विनेश फोगाट का रट्टा मार रहे।
25 वर्ष की मीनाक्षी गोयत भी हरियाणा की ही हैं। बजरंग पूनिया ने भी विनेश फोगाट की तारीफ़ तो की, मीनाक्षी का नाम तक नहीं लिया। इसी साल मीनाक्षी गोयत ने 2 बार की वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडलिस्ट अंतिम पंघाल को भी मात दी थी।
जींद के चाबरी गाँव की हैं, साधारण किसान परिवार से आती हैं। उनके पिता ने सोनीपत में डेरा डाला, ताकि उनकी बेटी को कोई दिक्कत न हो। देश का मीडिया और पहलवानों का गिरोह विशेष उनका उत्साहवर्धन तक नहीं करना चाहता। कारण - उन्होंने उसी लॉबी की एक पहलवान को हरा दिया।
ये हत्या का ज़िम्मेदार @Kanchanyadav000@rajkumarbhatisp जैसे लोग है जिन्होंने ब्राह्मणवाद के नाम पर दिन रात ब्राह्मणों को गाली दिया है |
अंबेदरकवाद के नाम पर लगाकर ब्राह्मणों को गाली दी है ।
अफ़्रीका में रवांडा में जो नरसंघार हुआ था उसके जनक में ऐसे ही लोग और ऐसी ही राजनीति थी ।
सबसे पहले क़ानून में ऐसे लोगो के लिए सज़ा का प्रावधान होना चाहिए ।
छाबाश मेरे शेरों 💪🔥
सहारनपुर उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण पुजारी के साथ भीम आर्मी ने मारपीट की, अब ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य कायस्थ और सर्व समाज एक साथ आ गया है।
भारत में अब भीम आर्मी बैन हो, चंद्रशेखर रावण जैसे आदमी को अराजकता फैलाने के लिए हमेशा के लिए जेल में डालना चाहिए।
इतनी भयावह तरीके से, तड़पा तड़पा कर, 15 साल के बच्चे गौरव शर्मा की हत्या कर दी गयी!
शव की हालत देखने लायक नहीं!
माता पिता पर क्या गुज़र रही होगी, इसका अंदाजा भी नहीं लगा सकते!
आखिर इस हत्याकांड पर चुप्पी क्यों??
#Justice_Gaurav_Sharma
Shocker from Saharanpur, UP❗️
Ambedkarites allegedly beating a Brahmin Pujari in order to encroach the land of a Hindu Temple.
They also booked the Pujari under a false case of the SC/ST Act & moIestation charges.
@myogiadityanath Is this Ram Rajya?
यास'मीन खान, जो एक ब्यूटी सैलून की मालकिन थी, कथित तौर पर युवा हिंदू लड़कियों को आकर्षित करने के लिए मुफ्त कोर्स ऑफर करती थी।
जब वे वहाँ आती थीं, तो उनके पेय में नशीला पदार्थ मिलाकर उन्हें बेहोश कर देती थी। जब वे होश खो देती थीं, तो वह अपने पति मोह'म्मद को बुलाती थी, जो कथित तौर पर उनका शोष'ण करता था जबकि वह बाहर निगरानी रखती थी।
उन अत्याचारों की रिकॉर्डिंग की जाती थी ताकि उन्हें ब्लै'कमेल किया जा सके और अन्य पुरुषों के साथ सं# बंध बनाने के लिए मजबूर किया जा सके। पूछताछ के दौरान, यासमीन ने इन अपराधों को यह कहकर सही ठहराया कि “का@ फर लड़कियों” के साथ ऐसा करने से उन्हें @न्नत मिलेगी।
यह @सली मज़ा हब है।
बाकी कुछ मुफ्त मिले बस...तो हिन्दू सब सीख भूल जाता है...
चोर बाजार से 20 रुपए का नीला गमछा डालकर मुंहे में झौआ भर का फ़िल्टर लगाकर ये गोल्डन दास जो शब्दावली “ब्राह्मणों” के लिए उपयोग कर रहा:-
यही शब्दावली कोई सामान्य वर्ग का या OBC का इसके जाति के लिए कर देगा तो वो जेल चला जाएगा। हफ्तों तक उसकी जमानत नहीं हो पाएगी।
प्रशासन पहले ऐसे गुंडों पर कार्रवाई नहीं करेगी फिर इसका विरोध करने वालों को यहीं X पर सर्टफिकेट बांटा जाएगा।
सभी हिंदुओं को यह सुनना चाहिए।
हिंदुओं के खिलाफ कट्टरपंथी मौलाना और कुछ राजनीतिक पार्टियां क्या साजिश चल रही है यह साजिद नोमानी ने साफ साफ बता दिया।
सिख, बौद्ध, OBC, दलित, लिंगायत, गुर्जर और जाट यह सब हिंदू नहीं हैं, इन्हें कुछ राजनीतिक पार्टियां और मौलाना सोशल इंजीनियरिंग के जरिए मुसलमानों से जोड़ने की कोशिश कर रही हैं।
कल मैं अपना इंस्टाग्राम रील स्क्रॉल कर रहा था और तभी मेरे सामने एक रील आ गई जिसे देखकर मेरा होश खराब हो गया😳
रील एक वेब सीरीज की थी,जिसमे दिखाया गया एक परिवार में मौसी भांजे के बीच और मौसा व भांजी के बीच अवैध सम्बन्ध स्थापित हो रहे हैं।
और ये सब एक हिन्दू परिवार के बीच होता दिखाया गया।
इस तरह की वेब सीरीज न केवल भारतीय संस्कृति का नाश करते हैं बल्कि आपके बच्चों के दिमाक को भी खराब करते हैं।
आखिर चल क्या रहा है।
हमारे गाँव मे कहावत है
"माई मरे तो मौसी जीवावे"
अर्थात जब मां मर जाती है तो मौसी ही बच्चे का पालन पोषण करती है।
लेकिन यंहा यंहा तो कुछ और ही चल रहा है😡
जहाँ हमारी आबादी बढ़ी वहाँ शरीयत लागू, हमारी हिम्मत देखिए हम खुले आम हिंदुओं की शादी में DJ बंद करवा सकते है क्या किसी हिंदू में दम है की अजान बंद करवा सके ?
ये है दिन और ईमान की ताक़त
वल्लाह हूँ आलम🤲
ब्राह्मणों के खिलाफ अगर कोई सबसे ज्यादा कोई खुलकर बोलता है तो वह बामन मेश्राम है।।
वह बोलता ही नहीं बिल्कुल अभद्र बोलता है और बराबर बोलता है।।
लेकिन आज तक किसी को हिम्मत नहीं हुई कि उससे कोई माफी मंगवा दे या उसको कुछ प्रतिकार कर दे।। कारण उसका संगठन बहुत बड़ा है और नागपुर शाखा से है।
ब्राह्मण अंग्रेजों से ज़्यादा ख़तरनाक विदेशी है ?
इस देश में वामन मेश्राम टाइप के लोगों को खुली छूट मिली है की वो ब्राह्मणों को चाहे जितना अपमानित और कलंकित करें !
“जब हिंदू धर्म का उपहास या अपमान किया जाता है, तो उसमें गंभीरता नहीं होती।
दूसरों को दोष देने से पहले, हर हिंदू को इसकी ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए। हर हिंदू को।
हिंदुओं को खड़े होकर अपने धर्म की रक्षा करनी चाहिए।”
~ पवन कल्याण🔥
MP के 163 बीजेपी विधायक कहाँ है?
जो हिंदुत्व के नाम पर चुनाव जीतकर सत्ता में आए लेकिन अब तक भोपाल मामले पर अपना मुंह तक नही खोले.!
अब तक इनका एक भी बयान नही आया कि बजरंगदल के कार्यकर्ताओं ने जो किया सही किया. और उन्होंने अबतक लाखों-- हिन्दू बहन बेटियों को लव G*"हाद" से बचाया है।।
क्या BJP के विधायक हिंदुत्व का चोला पहनकर बस वोट बटोरते है ?
भीम आर्मी अब खुली गुंडागर्दी पर उतर आई है।
गलत तरीके से गाड़ी खड़ी कर रखी थी। पुलिसकर्मी राठी साहब ने फोटो खींच ली तो धमकाने लगा कि “मेरी गाड़ी पर बाबा साहेब की फोटो लगी है, इसलिए फोटो खींची गई।”
जबकि पुलिसवाला साफ बता रहा है कि बाकी गाड़ियाँ सही जगह खड़ी थीं और उनमें ड्राइवर भी बैठे थे।
क्या @Uppolice को इस तरह धमकी देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं करनी चाहिए?