BJP का भ्रष्टाचार
मध्य प्रदेश में करोड़ों रुपए खर्चकर रीवा-सतना बाईपास बनाया गया, लेकि��� ये 2 साल में ही धंस गया।
ये दिखाता है कि इसे बनाने में घटिया क्वालिटी का सामान इस्तेमाल ह��आ और BJP के नेताओं ने पैसों का घालमेल कर अपनी जेब भरी।
साफ है- BJP सरकार करप्शन के दलदल में धंस चुकी है और उन्हें जनता की सुरक्षा से कोई फर्क नहीं पड़ता।
अक्सर बड़े मामलों में छोटे लोगों की गिरफ्तारियां हो जाती हैं और बड़ी मछलियों को बचा लिया जाता है।
लेकिन अब राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में BJP के कुछ गुर्गे कह रहे हैं कि ये हमारा आपसी मामला है, हम निपट लेंगे।
मगर वो भूल गए कि मंदिर में ��ेश के गरीब से गरीब और अमीर से अमीर व्यक्ति ने अपने सामर्थ्य के अनुसार चढ़ावा चढ़ाया था, ये किसी की बपौती नहीं है।
आज नरेंद्र मोदी चढ़ावा चोरी पर जुबान सिल कर बैठे हैं, जबकि उन्हें जनता के सामने आकर जवाब देना चाहिए।
: Smt. @NayakRagini
📍 दिल्ली
80%+20% या 95%+5% ही मिलेगा - 100% पेट्रोल ⛽️ पीछे से आना बंद हो गया है - आगे की दास्ताँ ख़ुद सुनिए - आज़ादी नहीं तानाशाही चल रही है देश में - आपके फ़ैसले आपको बिना शामिल किए लिए जा चुके हैं अब कोई दूसरा रास्ता नहीं है.
#StopForcingE20Fuel
यह भयानक है। अगर देश में ईमानदार जाँच व्यवस्था होती तो एक दिन में जाँच हो जाती मगर वो तो अयोध्या में भी नहीं है। देश का हर संस्थान पीएम केयर फंड जैसा हो गया है।
⛽ तेल कंपनियों के "मुनाफ़े की चौकीदारी" में तैनात मोदी सरकार, अब "सस्ते कच्चे तेल का फ़ायदा" जनता को देने की जरूरत पर "मुनाफाखोरी की चादर" तानकर सो रही है !
🔴 वैश्विक तनाव के बहाने तेल कंपनियों के मुनाफे पर आई आँच का हवाला देकर मुंह फुलाए "घाटे के झूठ का शोर मचाने वाले" पेट्रोलियम मंत्री श्रीमान हरदीप पुरी अब "जनता को राह��" के सवाल पर मुंह फेर रहे हैं !
🔴 अंतरराष्ट्रीय बाजार में क़रीब $120 प्रति बैरल तक जा पहुँचा #CrudeOil अब $70 प्रति बैरल से भी नीचे आ गिरा है, मतलब कच्चा तेल करीब 42%🔻 तक सस्ता हो गया है...
❓मगर "वसूली सरकार" के पेट्रोलियम मंत्री के कहे मुताबिक तो- डीजल, पेट्रोल और सीएनजी के बढ़ाए दाम घटाना तो दूर अभी इसके बारे में सोचना भी देशविरोधी है?
❓सरकार के नाम पर लूट की दुकान चलाने वाली भाजपा ने बहाने से तो डीज़ल/पेट्���ोल पर ₹8 प्रति लीटर और सीएनजी पर ₹10 प्रति किलो दाम बढ़ा लिए...मगर अब कच्चे तेल के दाम करीब आधा गिर जाने के बाद भी, बेशर्मी से लूट के नए बहाने बुनने में लग गए हैं !
❓12 साल में पेट्रोलियम प्रोडक्ट पर देश की जनता से हर दिन 1000 करोड़ रुपए के औसत से 43 लाख करोड़ रुपए वसूलने वाली "भाजपा की लुटेरी सरकार" का मन ह�� कि मानता ही नहीं !
❓ पेट्रोल पंपों पर "भाजपाई लुटाई" के चलते रोड से लेकर रसोई तक आम आदमी पर बेतहाशा महंगाई और आर्थिक तंगी की चौतरफा मार पड़ रही है, मगर भाजपा बस लूट मचाने में मस्त है !
❓मतलब "बीजेपी एंड कंपनी" का फंडा बिल्कुल क्लियर है- "सारा मुनाफा भाजपाई तिज़ोरी में और लूट-उगाही का सारा बोझ, सारा कर्ज़ा जनता के माथे पर"?
पूरा देश "तेल के खेल" से चल रहे इस "दिनदहाड़े भाजपाई डकैती" को देख रहा है...��नता को राहत से "इनकार की बेशर्मी" और "लूट का लालच" भाजपा बहुत भारी पड़ेगा !
अयोध्या में पहले से ही शंकराचार्यों का ट्रस्ट था जिसने कोर्ट और सरकार को लिख कर दिया कि हमारे पास अनुभव है,हम मंदिर बनाएँगे
लेकिन अपने खास कार्यकर्ताओं को Set करके सरकार ने यह राम मन्दिर ट्रस्ट बनाया क्योंकि वो कुछ ऐसा करना चाहते थे जिसकी भनक किसी को ना लगे
��ो चोर है वही जॉंचकर्ता बनेगा तो कैसे निर्णय होगा ?”
- शंकराचार्य जी महाराज
घोषणाओं की सरकार, काम का इंतज़ार!
मुख्यमंत्री मोहन यादव की बड़ी-बड़ी घोषणाओं की हकीकत अब खुद CM Office की मॉनिटरिंग रिपोर्ट से सामने आ रही है। रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश के 10 प्रमुख विभागों की 711 घोषणाएं अब भी लंबित हैं। यानी विकास के नाम पर किए गए करीब 70% वादे आज भी अधूरे हैं।
सबसे खराब स्थिति PWD की है, जहां 191 में से 149 घोषणाएं अब तक पूरी नहीं हो सकी हैं। वहीं पंचायत, नगरीय विकास, स्कूल शिक्षा, स्वास्थ��य और जनजातीय कार्य जैसे विभागों में भी 70% से अधिक घोषणाएं अधूरी पड़ी हैं।
सवाल यह है कि क्या सरकार के लिए घोषणा करना ही उपलब्धि बन गया है? हर मंच से नए वादे किए जाते हैं, लेकिन पुराने वादों का हिसाब कोई नहीं देता। घोषणाएं होती हैं, फाइलें बनती हैं और फिर वही घोषणाएं वर्षों तक कागज़ों में दबी रह जाती हैं।
विकास की पहचान घोषणाओं से नहीं, बल्कि ज़मीन पर पूरे हुए कामों से होती है। मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं का यह हाल है तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के ढाई साल के कार्यकाल में जनता को अधूरी घोषणाएं ज़्यादा मिलीं या पूरे हुए विकास कार्य? जनता अब नए वादे नहीं, पुराने वादों का हिसाब चाहती है।
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@DrMohanYadav51 @MPRakeshSingh @prahladspatel @KailashOnline @udaypratapmp @rshuklabjp @KrVijayShah
#US12139
आंध्र प्रदेश के पार्वतीपुरम जिले में एम्बुलेंस न मिलने पर वार्डन बीमार आदिवासी छात्रा को बचाने के लिए 6 किमी पीठ पर लेकर पैदल चली लेकिन दुर्भाग��यवश वो बच न सकी।
ये आदिवासी समाज को केंद्र और राज्य द्वारा बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखने का एक उदाहरण है।
इस हत्या का जिम्मेदार ये सिस्टम है, ये सरकार है।
भाजपाइयों की प्राण संस्था, मातृ संस्था, पितृ संस्था — सब कुछ RSS ही है, और पूरी RSS इस ड���ैती में शामिल है।
जिस दिन चंपत राय पकड़ा जाएगा, उसी दिन RSS की पूरी पोल खुल जाएगी।
इसीलिए चंपत राय को कभी पकड़ा नहीं जाएगा।