श्री गुरुपूर्णिमा के दिन स्वयंसेवक गुरुदक्षिणा कार्यक्रम में गणवेश में नहीं, बल्कि पारंपरिक भारतीय परिधान (धोती-कुर्ता या पाजामा-कुर्ता) में उपस्थित होते हैं।
भारतीय संविधान की एक प्रस्तावना (प्रियम्बल) है। उसमें नागरिक कर्तव्य बताए गए हैं, उसमें 'डायरेक्टिव प्रिंसीपल्स' हैं और नागरिक अधिकार भी हैं। (भारत का भविष्य, पृष्ठ 56)
शाह आयोग ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि आपातकाल के दौर में आज़ादी के बाद देश के भीतर इतने बड़े पैमाने पर नेताओं की गिरफ्तारी पहली बार हुई थी। उन्हें हिरासत में रखने के लिए जेल अधिकारियों को पूर्व में कोई सूचना भी प्रदान नहीं की गयी थी।#Emergency1975