कांग्रेस ने जो जिलाध्यक्षों की सूची जारी की है उसमे छोटे स्मुदायों की उपेक्षा की मूल obc (यथा कुम्हार ,सुनार ,स्वामीं ,लुहार ,नाईं ,धोबीं आदि chhoti छोटी जातीयों )की जाती के एक व्यक्ति को भी शामिल नहीं किया
@GovindDotasra@ashokgehlot51@SachinPilot
बाबा साहेब अंबेडकर जी ने हमें हमारा संविधान दिया, हर नागरिक को अधिकार दिया। भाजपा ने जिस तरह उनका अपमान किया, उससे पूरे देश की जनता आहत है।
बाबा साहेब का इस तरह से अपमान देश नहीं सहेगा।
📍जिला मुख्यालय हनुमानगढ़।
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मुख्यमंत्री जी.. कब तक सहेगा राजस्थान?
सिर्फ नारे देने और झूठे दावे करने से बेटियों को सुरक्षा नहीं मिल सकती है।
ये शर्मनाक तस्वीरें आपके गृह जिले भरतपुर में डीग की ह���ं, जहां पुलिस थाने के बाहर से 10वीं की छात्रा का अपहरण हुआ है।
बालोतरा के बाद डीग में बेटी का सरेआम अपहरण एवं आए दिन दरिंदगी की घटनाएं बताती हैं कि प्रदेश में कानून का राज ख़त्म हो चुका है, और आपके सारे दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
प्रदेश फिर हुआ शर्मसार!
कब बंद होगा बहन-बेटियों पर अत्याचार?
मुख्यमंत्री जी, यह वीडियो आपके गृह जिले भरतपुर के डीग का है, जहां दिनदहाड़े भरी भीड़ के बीच बेखौफ होकर बच्ची के अपहरण की घटना हुई है।
यह बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है। यह घटना न केवल प्रदेश की लचर कानून व्यवस्था को उजागर करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था को सुधारने में पूरी तरह से विफल है।
आखिर ऐसा कब तक चलेगा?
मैं सरकार से मांग करता हूं कि सरकार इस मामले में तुरंत कार्रवाई करे और पीड़िता के साथ न्याय हो।
#JusticeForGirlChild #LawAndOrder #GovernmentAccountability
@BhajanlalBjp@RajCMO@RajGovOfficial@INCRajasthan@INCIndia
बेटी की शादी के लिए रखे 40 लाख के गहनों से भरा बैग गंवा चुके पिता की खुशी राजस्थान पुलिस ने लौटाई।
वरिष्ठ नागरिक बालचन्द माधवलाल सोनी का बैग कार से गिर गया था जिसे उदयपुर की खेरवाड़ा थाना पुलिस ने 60 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की मदद से ढूंढा।
हर समय आपकी सेवा में तत्पर है राजस्थान पुलिस।
#RajasthanPolice
हनुमानगढ़ में इंदिरा गांधी नहर परियोजना के प्रथम चरण में जल वितरण एवं उपयोग हेतु गठित परामर्शदात्री समिति की बैठक में विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हुआ, जिस���ें जल संसाधनों के संरक्षण, वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं किसानों को इसका अधिकतम लाभ कैसे मिल सके|
@INCRajasthan
क्या पुलिस इतनी अदूरदर्शी हो सकती है?
नरेश मीणा ने सार्वजनिक स्थान पर पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में पुलिस की आंखों के सामने थप्पड़ मारा। पुलिस ने ही एसडीएम को छुड़ाया। और नरेश मीणा को जाने दिया। क्या पुलिस को तत्काल हिरासत में नही��� ले लेना चाहिए था? फिर, घटना का वीडियो भी था और हर किसी के मोबाइल में था। पुलिस के बड़े से बड़े अफसरों के पास भी पहुंचा ही होगा। क्या नीचे से ऊपर तक के पुलिस अफसरों को नहीं लगा कि नरेश को उसी वक्त गिरफ्तार कर लेना चाहिए था? फिर शाम से पहले ही आर ए एस एसोसिएशन समेत दूसरे अधिकारी संगठनों ने भी गिरफ्तारी नहीं होने की स्थिति में कल पेन डाउन हड़ताल की चेतावनी दे दी थी। तब भी पुलिस को ��हीं लगा कि अब गिरफ्तारी कर लेनी चाहिए? फिर नरेश ने एक और वीडियो जारी कर गैंती फावड़ों सहित लोगों से जुटने के आह्वान का वीडियो जारी किया, तब भी पुलिस को नहीं लगा कि अब गिरफ्तार कर लेना चाहिए?
हालात कब बिगड़ें और फिर उन्हें संभालकर अपनी पीठ थपथपाएं, इसका इंतजार क्यों कर रही थी पुलिस? क्या जिले के पुलिस कप्तान के हाथ किसी ने बांध रखे थे या वे खुद किसी "गुप्त" आदेश से बंधे हुए थे? अन्यथा यह तो किसी सू���त में संभव ही नहीं है कि एक चुनाव ड्यूटी पर तैनात एसडीएम स्तर के अफसर को ऑन कैमरा थप्पड़ मारने के आरोपी को आराम से जाने दिया जाए। एसडीएम तो छोड़िए, चुनाव ड्यूटी कर रहे किसी छोटे कर्मचारी के साथ मारपीट करने वाले को भी इतनी आसानी से नहीं जाने दिया जा सकता।
आज जो हालात इस घटनाक्रम से बने हैं, उनकी खटास और खराश लंबे समय तक रहेगी। रात वाले दुर्भाग्यपूर्ण हालात पूरी तरह पुलिस की अदूरदर्शिता और लाप��वाही के कार�� बने हैं। अनेक युवाओं और अनेक पुलिसवालों ने जो चोटें खाई हैं, वे रोकी जा सकती थी। एक असुरक्षा का ऐसा भयावह माहौल बना, जिससे लोगों का कानून के राज से भरोसा डगमगाया। यह सब कुछ अफसोसजनक तरीके से उस विधानसभा क्षेत्र में हुआ जहां एक अनुभवी पूर्व डीजीपी के विधायकी छोड़ने के कारण उपचुनाव हुए हैं। सरकार और चुनाव आयोग को चाहिए कि वे ऐसे अदूरदर्शी और निर्णय लेने में अक्षम पुलिस के अफसरों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करें। ऐसी लाचार और बेबस पुलिस किस काम की जो लोगों की जिंदगी खतरे में डाल दे। समय रहते हालात को काबू ही नहीं कर पाए।
@ECISVEEP @RajCMO @BhajanlalBjp @PoliceRajasthan
देवली-उनियारा में बेकाबू उपद्रव एवं तनावपूर्ण हालात अत्यंत चिंताजनक हैं। राज्य की भ��जपा सरकार स्थिति पर नियंत्रण पाने एवं कानून व्यवस्था कायम करने में पूरी तरह विफल रही है।
इसमें अगर नरेश मीणा ग़लत था तो तुरंत गिरफ़्तारी क्यों नहीं हुई
पुलिस ने जर्नल डायर की भूमिका निभाई है