सहमत है तो रिपोस्ट कर देना ✊✊
तो इसको शंकराचार्य जैसे सम्मानित पद से हटाने के लिए एक आंदोलन होना चाहिए... ये शंकराचार्य नहीं विपक्ष का एजेंट है
#षडयंत्राचार्य_गद्दी_छोडो
पितृपक्ष चल रहे हैं, सनातन में इस समय कोई नई चीज नहीं खरीदी जाती, लेकिन जानबूझ कर आपका धर्म भ्रष्ट करने के लिए इस समय फ्लिपकार्ट और अमेज़न जैसे ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफार्म महासेल ले कर आए हैं, सेल तो आगे पीछे भी लाई जा सकती थी फिर पितृपक्ष में ही क्यों? क्योंकि भले ही समान सस्ता बेचना पड़े, भले ही नुकसान हो जाए लेकिन आपका धर्म भ्रष्ट होना चाहिए, आपको आपकी जड़ों से काटना है, आज आप सस्ते के चक्कर में लेंगे, फिर आपको आदत पड़ जाएगी, और धीरे धीरे आप पितृपक्ष में नया विलासिता का सामान खरीदने लगेंगे, यह कह कर कि अरे इस सब से कुछ नहीं होता फालतू की बातें हैं, बस यही इन कंपनियों को भी चाहिए है, की आप अपने धर्म से दूर हों, उनका एजेंडा बहुत दूरगामी है, इस समय नया सामान खरीदना ठीक वैसा ही है जैसा प्रसाद के लड्डू में गौमांस की चर्बी खाने जैसा, बाकी आपकी इच्छा 🙏
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने जीवन के सबसे बड़े संकट से गुजर रहे हैं।
इंसानियत के नाते उनके प्रति सहानुभूति है।
कॉंग्रेस पार्टी ने भी उन्हें सार्वजनिक रूप से समर्थन दिया है।
लेकिन वे भारतीय राजनीति में नैतिकता की जो नई परिभाषा लिख रहे हैं,उसने मुझे यह पोस्ट लिखने के लिए मजबूर कर दिया।
एक समय था जब एक हवाला कारोबारी जैन की कथित डायरी में अडवाणी जी,माधवराव सिंधिया और कमलनाथ जैसे नेताओं के नाम आए थे और उनपर रिश्वत लेने के आरोप लगे,तब उन्होंने नैतिकता का तक़ाज़ा देकर तत्काल अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था।
लाल बहादुर शास्त्री ने एक ट्रेन दुर्घटना पर इस्तीफ़ा दे दिया था।
अभी हाल में जब वे इंडिया अगेंस्ट करप्शन का तमाशा पूरे देश को दिखा रहे थे तब #UPA सरकार के मंत्रियों ने भ्रष्टाचार के छिछले आरोपों पर भी अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था।
कुछ महीने पहले की बात है,झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गिरफ़्तारी से पहले पद छोड़कर एक नैतिक आचरण पेश किया था।
हज़ारों साल पीछे जाएं तो अपने पिता के वचन के लिए राम ने राजपाट त्याग दिया था।जिसके लिए राजपाट छीना गया था,वह कभी भी राजा रामचंद्र के सिंहासन पर नहीं बैठा।बल्कि खड़ाऊँ रखकर तब तक राज चलाया जब तक उनके बड़े भाई राम लौटे नहीं।
भारत की ऐसी समृद्ध परंपरा रही है।
दिल्ली के शराब घोटाले की सच्चाई क्या है,इसका फ़ैसला अदालत को करना है।
पर एक मुख्यमंत्री पर इस घोटाले में भ्रष्टाचार का आरोप लगा है।उनकी गिरफ़्तारी हुई है।वे कस्टडी में है और मुख्यमंत्री के पद से अभी तक चिपके हुए हैं?
यह कैसी नैतिकता है ?
उन्हें तत्काल अपने पद से इस्तीफ़ा देना चाहिए।
भारत की राजनीति में महज़ 11 साल पुरानी पार्टी राजनीति के पूरी तरह अनैतिक हो जाने की एक मिसाल पेश कर रही है।
हम अपने-अपने राजनीतिक कुनबे के हिसाब से पूरी घटना पर स्टैंड ले रहे हैं,पर ख़तरा यह है कि केजरीवाल जी की अपनी कुरसी से चिपके रहने की ज़िद आगे जाकर भारतीय राजनीति को और खोखली कर देगी।
इस ख़तरे को राजनीति से ऊपर उठकर भाँपने की आवश्यकता है।
#ArvindKejriwal
अम्बानी का 1000 करोड़ खर्चना मायने नही रखता क्योंकि वो अम्बानी द्वारा खर्चा नही जा रहा बल्कि निवेश किया जा रहा है।
वो निवेश है भारतीय कल्चर पर जिसे जब अम्बानी जैसे लोग रिप्रजेंट करते हैं तो दुनिया देखती है। और जब दुनिया मे ये बातें पहुंचती हैं तो हमारे कल्चर को जानने की उत्सुकता दुनिया मे जगती है और इसे जानने जब दुनिया से लोग आया करते हैं तो यही निवेश हजारों करोड़ में वापिस भारत को लौट आया करता है।
इस समय दुनिया मे इस शादी के चर्चे हो रहे हैं। कोई रिहाना के नाम पर चर्चा कर रहा है कि रिहाना भारतीय अरबपति की शादी में गयी तो कोई बिल गेट्स, जुकरबर्ग के माध्यम से चर्चा कर रहा है कि माइक्रोसॉफ्ट फेसबुक के मालिक भारतीय अरबपति के यहां गए हुए हैं।
भारत की मीडिया भी जब दिन रात इस शादी को दिखा रही है तो वो ये सन्देश भी पहुंचा रही है कि कैसे इतना बड़ा आदमी होकर भी अपने कल्चर को एक परिवार ने संजोकर रखा है जिससे उन चिरकुट अमीरों को सन्देश जाता है जो साउथ दिल्ली, साउथ बॉम्बे में रहकर दिन रात पश्चिम की नकल कर भारतीयता से दूर हो गए हैं। भाँडो को वहां नचाकर भी सन्देश ही जा रहा है कि जिनको तुम किंग, क्वीन समझते हो और उनके नक्शे कदम पर जीवन यापन करते हो.. वो भी अम्बानी जैसो के आगे किस तरह नतमस्तक हैं इसलिए औकात से ऊपर उछलना ठीक नही होता।
अभी तो पश्चिम में सिर्फ यही उत्सुकता होती है कि इंडियन वेंडिंग में एकबार जाना है वो कितनी अच्छी होती हैं, लेकिन अम्बानी जैसे जब इस तरह एक भव्य रिप्रजेंटेशन करते हैं तो यही पश्चिम एक दिन ये जानेगा कि वो इंडियन वेडिंग नही, हिन्दू विवाह कहलाता है।
Do you know, 4 elected BJP Govts were dismissed by Centre after 6th December 1992 Babri incident. BJP had to lose very big & important states like Uttar Pradesh, Rajasthan, Madhya Pradesh (Chhattisgarh was also part of it then) & Himachal Pradesh.
BJP had won these states for the first time.
क्या @HDFC_Bank वालों को भी #HinduPhobia हुआ हैं?
बिंदी का हिंदुओं के लिए एक पवित्र महत्व है। निषेध चिह्न यानी 'नहीं' प्रतीक के रूप में डिज़ाइन की गई बिंदी लगाने वाली महिला का आपका चित्रण बेहद अपमानजनक और पूरी तरह से निंदनीय है।
एक 'भारतीय' बैंक के लिए ऐसा करना तब और भी अधिक निंदनीय है, जब हिंदू मां दुर्गा और नारी के सभी रूपों को समर्पित त्योहार, नवरात्रि मना रहे हैं। क्या @HDFCBank_Cares के अधिकारी, जिन्होंने इस विज्ञापन को प्रिंट में हरी झंडी दिखाई थी वह हिंदू थे ?
हम #HDFC बैंक के सभी ग्राहकों से अनुरोध करते हैं कि वे तुरंत अपने रिलेशनशिप मैनेजरों से संपर्क करें और पवित्र हिंदू प्रतीक के इस अपमान पर अपना कड़ा विरोध व्यक्त करें,
अरे सुनो चमचों ,, इधर आओ , एक राज की बात बताती हूँ ,, ख़ास सूत्रों से पता चला हैं,,
अबे कमबख़्तों ,, कान 👂पास मैं लाओ ..!! किसी को बताना नहीं ..ok
सुनो.. ये निर्मोही मोदिया जो हैं ना.. इसने एक पुरी लाइन में से सिर्फ़ एक शब्द ही अभी तक तुम्हारे सामने लाया है… जो हैं भारत !! सिर्फ़ तुम चमचों को तवे पर बैठाने के लिए ..
पुरी लाइन हैं.. भारत हिंदू राष्ट्र ✨🇮🇳🚩✨ समझे
मतलब आने वाले दिनो में यें लाइन पुरी होगी😃😃😎😎🤗😁😁🤷🏻♀️🤷🏻♀️✨✨🇮🇳🇮🇳🚩
#भारत
मुंबई के 5 स्टार होटल में गरीब वंचितों की चिंता करते हुए सजायाफ्ता लालू यादव
कैसे देश के कानून की धज्जियां उड़ा रहा है, विपरीत परिस्थितियों में अपनी जान पर खेलकर अधिकारियों ने लालू की दबंगई और सत्ता से टक्कर लेकर तथ्य इकट्ठे कर मजबूत केस बनाया था, जिसको कोर्ट भी खारिज नहीं कर पाई
भारतीय इतिहास में भ्रष्टाचार का पहला ऐसा केस था जिसमें लालू प्रसाद यादव को अभी तक 5 मामलों मे 32.5 साल की सजा हुई़, यह आज जेल की हवा खाने के जगह चार्टर्ड प्लेन में घूमकर फाइव स्टार के मजे ले रहे है!
ऐसा नहीं कि लालू को अकेले चारा घोटाले मे सजा मिली, तमाम अधिकारियों को भी सजा मिली और वह सब आज जेल में है, केवल लालू मजे ले रहा है?
कहां है CJI साहब और बाकि के मिलॉर्ड ?
क्या देश में आम आदमी और गरीबों के लिए अलग कानून है तथा पैसे वाले और पावरफुल नेताओं या व्यक्तियों के लिए अलग कानून है?
Landed in New York City. Looking forward to the programmes here including interaction with thought leaders and the Yoga Day programme tomorrow, 21st June.
Weird irony
Electricity Rates
Citizens Rs. 7.85 per unit
Masjid Rs. 1.85 per unit
Church Rs. 1.85 per unit
Temple Rs. 7.85 per unit
This is our secular India.
When the bulldozer moves to remove unlawful encroachments of Muslims or Xtians, SC interferes and ask government not to remove.
When Hindus knock on the doors of SC on ethnic cleansing, mass exodus, brutal rape and killing of Hindus in Kashmir, SC has no time to listen.
When Hijab is banned in school, Loud speaker in Mosque 5 times a day, SC recollects Quran and Freedom to Practice religion.
When Hanuman Chalisa is recited inside a temple, the same SC issues orders to arrest Hindus for disturbing religious Harmony.
It's a strange relationship.
If the mosque is a private property, why does the government pay the clerics?
If the temple is a government property, why does the priest not get government salary?
But my fellow Hindus are still sleeping and talking secularism. Digging their own graves & my grave and burying a civilization.
Last 200 years - Hindus became minority in Afghanistan, Pakistan, Bangladesh, Indonesia, Thailand, Srilanka, Punjab, Jammu and Kashmir, Ladakh, Mizoram, Nagaland, Manipur, Meghalaya, Arunachal Pradesh and Lakshadweep. We are on our way to become minority in Kerala, West Bengal.
In the same last 200 years - 57 countries have become Islamic.
Hindus as a civilization will soon be doomed. Thanks to Judicial, Politcians, Presstitutes, KHANgress, our own Secular Hindu brothers and sisters.
#HinduLivesMatters
#GodSaveTheHindus