वेद धर्म है पूरन धर्मा, वेद अतिरिक्त और सब भर्मा
वेद धर्म की सच्ची रीता, और सब धर्म कपोल प्रतीता
वेदवाक्य उत्तम धरम, निर्मल वाका ज्ञान
यह सच्चा मत छोड़कर, मैं क्यों पढ़ूँ कुरान-रविदास जी
सामाजिक समरसता के अग्रदूत, संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन।
#RavidasJayanti
शिक्षा, समानता और न्याय के बल पर सामाजिक क्रांति की नींव रखने वाले बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर जी आजीवन वंचितों के अधिकारों के लिए कटिबद्ध रहे। समता, स्वतंत्रता और बंधुत्व पर आधारित संविधान की रचना कर उन्होंने भारत की महान लोकतांत्रिक विरासत को सुदृढ़ आधार प्रदान किया। न्यायपूर्ण और समतामूलक समाज निर्माण की दिशा में बाबासाहेब के विचार आज भी हम सभी को प्रेरणा प्रदान करते हैं।
महान संविधान शिल्पी और करोड़ों देशवासियों के आत्मगौरव के प्रतीक बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर जी को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन करता हूँ।
बाधाएँ आती हैं आएँ
घिरें प्रलय की घोर घटाएँ,
पावों के नीचे अंगारे,
सिर पर बरसें यदि ज्वालाएँ,
निज हाथों में हँसते-हँसते,
आग लगाकर जलना होगा।
क़दम मिलाकर चलना होगा।
भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी को 100वीं जन्म-जयंती पर श्रद्धांजलि।
आवश्यक सूचना!
आयकर अधिनियम, 1961 के अनुसार, सभी पैन धारकों के लिए, जो छूट की श्रेणी में नहीं आते हैं, 31.03.2023 से पहले अपने पैन को आधार से जोड़ना अनिवार्य है।
01.04.2023 से जो पैन आधार से नहीं लिंक किए गए हैं, वे पैन निष्क्रिय हो जाएंगे।
कृपया देर न करें, आज ही लिंक करें!
हमारी यात्रा चाहे कितनी भी कष्टदायक हो हमारी राह कितनी भी भयानक ओर पथरीली क्यों ना हो…. फिर भी हमें आगे बडना ही हे, सफलता का दिन दूर हो सकता हे, पर उसका आना अनिवार्य हे।
-सुभाष चंद्र बोस