यह कहानी किसी काल्पनिक नगर की नहीं, बल्कि बिहार के उस शैक्षणिक तंत्र की है जहाँ मेधा की बलि चढ़ाना एक परंपरा बन चुकी है। यह कहानी अविनाश की है, जिसके नाम का अर्थ तो 'जिसका नाश न हो सके' होता है, लेकिन व्यवस्था ने उसकी उम्मीदों और प्रतिभा को नेस्तनाबूद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
## मुजफ्फरपुर की वो स्याह दोपहर
बिहार विश्वविद्यालय (BRABU) के परास्नातक भूगोल विभाग के बाहर जेठ की दुपहरी से ज्यादा तपिश वहाँ के माहौल में थी। अविनाश गलियारे में खड़ा था। उसके हाथ में डिग्रियों की एक ऐसी फाइल थी, जिसे कोई भी यूनिवर्सिटी पलक-पावड़े बिछाकर स्वीकार कर ले।
* **बिहार विश्वविद्यालय (BRABU):** परास्नातक (M.A.) भूगोल विभाग का **टॉपर**।
* **जयप्रकाश विश्वविद्यालय (JPU), छपरा:** पैट (PAT) परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण।
* **ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU), दरभंगा:** पैट (PAT) परीक्षा में भी सफलता का परचम।
* **राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET):** पूरे देश के स्तर पर पात्रता सिद्ध कर चुका था।
अविनाश सिर्फ एक छात्र नहीं था, वह भूगोल के नक्शे पर अपनी किस्मत खुद लिखने वाला एक अदम्य हौसला था। उसे पूरा भरोसा था कि जब वह अपने ही 'मातृ विश्वविद्यालय' के पैट (PAT) के मौखिक परीक्षा (Interview) कक्ष में घुसेगा, तो उसकी मेधा का सम्मान होगा।
## बंद कमरे का खेल: जहाँ मेधा की हत्या हुई
इंटरव्यू रूम का दरवाजा खुला। अंदर वातानुकूलित कमरे में कुछ 'मठाधीश' बैठे थे, जिनकी आँखों में काबिलियत के लिए सम्मान नहीं, बल्कि अपने चहेतों को उपकृत करने की भूख थी।
सवाल-जवाब का दौर शुरू हुआ। अविनाश ने भू-आकृति विज्ञान (Geomorphology) से लेकर मानव भूगोल तक के हर पेचीदा सवाल का जवाब ऐसे दिया मानो वो कागज पर नक्शा उकेर रहा हो। इंटरव्यू बोर्ड के पास उसकी मेधा को खारिज करने का कोई अकादमिक बहाना नहीं था।
लेकिन जहाँ मेरिट का पहले से ही सौदा हो चुका हो, वहाँ ज्ञान की कीमत कौड़ियों के भाव लगा दी जाती है।
> जब पैट का अंतिम परिणाम जारी हुआ, तो अविनाश के पैरों तले से जमीन खिसक गई। लिखित परीक्षा और अकादमिक रिकॉर्ड में शीर्ष पर रहने वाले अविनाश को मौखिक परीक्षा (Viva) में जानबूझकर इतने कम अंक दिए गए थे कि वह मेरिट लिस्ट से बाहर हो जाए। वहीं, जो सफारिशी और रसूखदार छात्र भूगोल की बुनियादी परिभाषाओं में अटक रहे थे, उनके नाम के आगे 'चयनित' का ठप्पा लगा था।
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यह सिर्फ कम अंक मिलना नहीं था, यह दिन-दहाड़े एक गरीब, मेहनती और मेधावी छात्र की **मेधा की सांस्थानिक हत्या (Institutional Murder)** थी।
## माहौल गर्म है: आक्रोश की चिंगारी
नतीजा आते ही भूगोल विभाग का वो शांत गलियारा सुलग उठा। अविनाश विश्वविद्यालय के उस मुख्य द्वार के सामने बैठ गया, जहाँ कभी उसने टॉपर बनकर तस्वीरें खिंचवाई थीं। आज उसकी आँखों में आँसू थे, लेकिन उन आँसुओं में लाचारी नहीं, बल्कि व्यवस्था को भस्म कर देने वाला आक्रोश था।
"अगर नेट (NET) क्वालीफाई करने वाले और दो-दो विश्वविद्यालयों की पैट परीक्षा पास करने वाले यूनिवर्सिटी टॉपर को आप फेल करते हैं, तो बंद कर दीजिए इन डिग्रियों की दुकान!" एक छात्र नेता की आवाज माइक पर गूंजी, और पूरा परिसर 'इंकलाब' के नारों से दहल उठा।
* **छात्रों का गुस्सा:** विभाग के बाहर कॉपियों और डिग्रियों की फोटोकॉपी जलाई जाने लगी।
* **शिक्षकों की चुप्पी:** जो प्रोफेसर कल तक अविनाश की पीठ थपथपाते थे, वे आज मेरिट घोटाले के इस दलदल में अपनी गर्दन बचाने के लिए कमरों में दुबक गए।
* **प्रशासन का डर:** वीसी ऑफिस के बाहर पुलिस की गाड़ियाँ तैनात हो चुकी थीं, क्योंकि उन्हें पता था कि उन्होंने एक छात्र को नहीं, बल्कि बिहार के स्वाभिमान को जख्मी किया है।
## अविनाश का सवाल: क्या यही है बिहार का भविष्य?
शाम ढल रही थी, लेकिन बिहार विश्वविद्यालय का माहौल ठंडा होने का नाम नहीं ले रहा था। अविनाश ने अपनी नेट (NET) की सनद और यूनिवर्सिटी गोल्ड मेडल को हाथ में लिया, उसे राजभवन और कुलपति कार्यालय की ओर लहराते हुए भारी आवाज में कहा:
> "मैंने भूगोल पढ़ा है सर। मुझे पता है कि भूकंप कैसे आते हैं और ज्वालामुखी कैसे फटते हैं। आज मेरे सीने में भी वही लावा है। आपने मुझे नहीं हराया, आपने इस सूबे के हर उस गरीब मां-बाप के भरोसे को मार डाला है जो अपने बच्चे को इस उम्मीद में पढ़ाते हैं कि एक दिन उनकी काबिलियत चोर-दरवाजे से आने वाली सिफारिशों को हरा देगी। यह लड़ाई अब सिर्फ मेरी पी-एच.डी. की नहीं है, यह इस सड़े हुए सिस्टम के खिलाफ जंग है!"
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अविनाश की आँखों से टपका एक-एक आँसू अब विश्वविद्यालय की दीवारों पर 'मेरिट घोटाला' लिख रहा था। हवा में कड़वाहट थी, छात्रों के हाथों में तख्तियां थीं, और यूनिवर्सिटी के गलियारों में पसरा वो सन्नाटा चीख-चीख कर कह रहा था कि जब तक अविनाश जैसे बेटों को न्याय नहीं मिलेगा, बिहार की धरती पर मेधा की यह तड़प इस व्यवस्था की नींद हराम करती रहेगी। @samrat4bjp@yadavtejashwi@atahasnain53@GovernorBihar@ugc_india@brabu_ac_in@DineshCRai@mkrtiwari_bjp@officecmbihar@PMOIndia@rashtrapatibhvn@samrat4bjp
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पूरे भारत में पहली बार माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 2019 ऑनलाइन आयोजित की गई और बिहार के के लिए सर्वोत्तम शिक्षकों का समूह सेवा देने को तैयार है आप जल्द से जल्द एसटीइटी 2019 के तीन विषयों का रिजल्ट का प्रकाशन करें
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