हाथ में संविधान दिल में अराजकता का सामान।
इस देश ने ऐसा नेता विपक्ष कभी नहीं देखा जो सांसदों को वेल में जाकर हंगामा करने शोर मचाने के लिए उकसाए। शर्मनाक।
@RahulGandhi यहां राहुल जी कुछ फोटो ऐड करके लिख रहे हैं...
"हर धर्म सिखाता है - डरो मत, डराओ मत"
क्या राहुल जी ने धर्म विशेष की फोटो इसलिए नहीं लगाई क्यूंकि उन्हें लगता है धर्म विशेष का काम ही डराना है? 🙄
शिव जी ने कहाँ कब कहा के डरो मत डराओ मत
किस पुराण में स्रोत में कहाँ कहा ये हमारे भगवान ने ??
अगर कॉंग्रेसी मुझे या देश को बता दें समझा दें
तो मैं बताने वाले को एक लाख रुपए का दूँगा
कांग्रेसी देश को बतायें और पैसे ले जायें
ये आदमी अनपढ़ है इसे ना धर्म ना देश का ज्ञान है
हिंदू वो है जिसे आप जैसे चाहें बदनाम कर सकते हैं..जिसके धर्म पर मनमानी टिप्पणी करने का आपको "freedom" है..जिसके देवी देवताओं की अश्लील तस्वीरें,कार्टून बनाना "creativity" है..जिसके धर्मग्रंथों पर आप सवाल खड़े कर सकते हैं क्योंकि आप जानते हैं कि कोई आपके ख़िलाफ़ कुछ नहीं करेगा🙏
जो चिरकुट यह कह कर विदेशी हायब्रिड का बचाव कर रहे हैं कि उसने सत्ता पक्ष के लोगों को हिन्दू बोला था, वो नासिर के जने यह बताएँ कि सत्ता पक्ष में हिन्दू बैठी है या भाजपा?
तुम्हें बोलना ही था तो तुम कहते कि भाजपा का मतलब हिंसा, असत्य, नफरत, स्कोडा, लहसुन। तुमने चुना हिन्दू, क्योंकि तुम भी जानते हो कि तुम्हारा लक्ष्य है क्या।
इस विदेश पोषित गर्दभ को वोट देने वाले नहीं समझते कि वह तुम्हारा वोट भी लेगा और तुम्हारे मंदिर भी तुड़वाएगा, तुम्हें सार्वजनिक स्थलों पर गाली भी देगा। जिन्हें संशय था कि ये राम मंदिर नहीं तुड़वाएगा, वो यह बताएँ कि नफरती, असत्यवादी और हिंसक हिन्दुओं के नए मंदिर को ऐसे महान दार्शनिक और तपस्वी राजा क्या वहीं रहने देंगे?
मुझे ये देखकर बहुत खुशी है कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस अभियान से जुड़ने वाले अपनी तस्वीरों को #Plant4Mother और #एक_पेड़_माँ_के_नाम के साथ साझा करके दूसरों को प्रेरित भी कर रहे हैं। #MannKiBaat
मैं आत्महत्या कर रहा हूं,
मेरे आत्महत्या की आरोपी कांग्रेस सरकार है।
कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने मेरी जमीन हड़प ली है।
तेलंगाना की सरकार मेरी कोई मदद नहीं कर रही है।
मैं असहाय महसूस कर रहा हूं, अब मेरे पास आत्महत्या के अलावा कोई उपाय नहीं है।
: तेलंगाना का किसान
असम में अवैध बांग्लादेशियो के एक समूह ने एक रैली निकालकर अलग देश की मांग की
उन्होंने 'आज़ादी' के नारे भी लगाए
असम पुलिस द्वारा उनका तत्काल उपचार किया गया
बांग्लादेशी समूह के अधिकांश लोग अपने 'आजादी नारे' के साथ बिना सिर वाले मुर्गे की तरह वापस भाग गए।
🚨नहीं नहीं कंफ्यूज मत होना ये तालिबान नहीं बंगाल है 😡
और हाँ एक और चीज़ में कंफ्यूज मत होना 🤡
इंडी अलायन्स वालों की ज़बान इस पर नहीं खुलेगी क्योंकि घटना बंगाल की है……
ये किसान यूनियन के नेता मंजीत सिंह हैं !
अनुसूचित जाति के युवक की बेरहमी से पिटाई कर रहे हैं।
पंजाब के संगरूर में दो दलित युवकों की बेरहमी से पिटाई की गई है।
क्या किसी दलित चिंतक या दलित नेता ने इसके खिलाफ बोला ?