प्रयागराज के आस पास व प्रदेश के तमाम बेरोजगार युवा अपने हक व अधिकार की खातिर प्रयागराज में पहुंचकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन का सहयोग करें,
प्रशासन को अपना काम करने दे,
हमे अपने मुद्दे से नहीं भटकना है,
हमारा लक्ष्य एक ही है - शिक्षक भर्ती
हम छात्रों के साथ खड़े हैं।
: CJP
नाम - सोनिया सेहरावत
पद - सीआरपीएफ कमांडेड
उपलब्धि - एक्टिंग में गोल्ड
जंतर मंतर प्रोटेस्ट में 21 जुलाई को मैडम ने बेटियों पर दमभर लाठियां चलाई थी फिर शाम को खुद ही हाथ में प्लास्टर बांधकर आ गई थी।
लेकिन 30 जुलाई को मैडम का वो हाथ सही हो गया बढ़िया रील बना रही है मतलब 7 दिन में प्लास्टर गायब।
ऐसे भ्रष्ट अधिकारी भूल जाते हैं कि सत्ता बदलती है फिर ऐसे झूठे के लिए सजा भी मिला करती है।
और लोग सोच रहे हैं बात जनता के हित की क्यों नहीं हो रही कैसे होगी
पहले कब्ज़ा हटाओ वरना यही हश्र होता रहेगा बात सिर्फ सत्ता पक्ष की सुनी जाएगी और हमें पांच किलो राशन पर ही जीवन व्यापन करना पड़ेगा
कल प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक पत्रकार ने ऐसा सवाल पूछ लिया कि अमित शाह को पानी पीना पड़ गया 😂
पत्रकार ने पूछा कि 2014 में आपकी पार्टी ने नियम बनाया था कि 75 साल से ऊपर के नेता
मार्गदर्शक की भूमिका में जाएंगे
इसलिए जो नेता इस उम्र को पार कर चुके हैं क्या उन पर भी ये नियम लागू होगा?
जवाब में अमित शाह ने कहा कि आप मेरी पार्टी की चिंता छोड़िए, बंगाल की चिंता करिए😂
आपको क्या लगता है क्या नियम सब पर बराबर लागू होने चाहिए?
वीडियो कमेंट बॉक्स में है
ग्वालियर में यह लड़का सड़क पर खुलेआम संविधान निर्माता की फोटो जला रहा है।
अब जल्द ही इसके माफी मांगते हुए वीडियो देखने का इंतजार है।
बाबा साहब आंबेडकर और महापुरुषों का अपमान करना इस देश में नॉर्मल होता जा रहा है जोकि निंदनीय है।
पोस्ट क्रेडिट:- @priyanshu__63
अर्नब गोस्वामी बीजेपी प्रवक्ताओं की जमकर क्लास ले रहा है😂
कल लाइव डिबेट में अर्नब ने बीजेपी प्रवक्ता से पूछा कि जिस पानी को पीने से 10 लोगो की मौत हुई
क्या कैलाश विजयवर्गीय या उसका परिवार वो पानी पी सकता है?
बीजेपी का कोई नेता वो पानी पी सकता है?
जवाब में बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि दुखद स्थिति है
अर्नब ने पूछा जब बीजेपी सरकार है तो दुखद स्थिति क्यों है?
Arnab की पिछले 10 दिन की डिबेट देख लो आप इसके फैन बन जाओगे
चीफ जस्टिस के इन निर्णय से;
"रोहित वेमुला विवाद खत्म हो गया"
जिसमे जांच समिति का आरोप था कि रोहित की माँ ने एक ओबीसी से शादी की थी लेकिन तलाक ले लिया था इसलिए रोहित वेमुला को ओबीसी माना जाए। जबकिं रोहित की माँ का कहना था कि वो रोहित के पैदा होने के कुछ समय बाद ही तलाक लेकर अपने समाज मे वापस आकर रहने लगी थी, जँहा रोहित वेमुला का पालन पोषण हुआ। इसलिए वो एससी माहौल में रहा है इसलिए माँ की जाति उंसकी मानी जानी चाहिए।
आज का निर्णय मेने नही पढा लेकिन;
1.रोहित वेमुला जैसी कंडीशन अगर है कि उसकी माँ वापस अपने समाज मे आकर रहने लफी, वंही पला बढ़ा और शिक्षा की तब माँ की जाति बच्चे को मिलनी चाहिए।
2.लेकिन ऐसा नही की किसी एससी महिला ने ब्राह्मण, वैश्य या ओबीसी से शादी कर ली और शादी चल रही है तो भी मनमर्जी से वो एससी का सर्टिफिकेट बच्चे का बनवा ले। क्योंकि इंहा "वातावरण" मुख्य है अथार्त एससी समाज के वातावरण में उसका लालन पोषण नही हुआ। ।।
दलित संगठनों को निर्णय को ध्यान से पढ़ना चाहिए और नजर रखनी चाहिए।
विकास कुमार जाटव