@AmitJogi 2300 पदों पर डी.एल.एड. अभ्यर्थीयो का संवैधानिक अधिकार है✊उनका अधिकार उन्हें मिलना चाहिए। 💯 सांय सरकार कृपा करो 😭🙏🙏🙏🥺🥺1:3 में 2300 पदों पर डीएल एड अभ्यर्थीयो को नियुक्ति दो 🙏
@AmitJogi डीएड की आवाज बनने के लिए धन्यवाद श्री अमित जोगी जी , सरकार की ओझी रणनीति युवाओं को गर्त में ढकेल रही है । किसान, ग़रीब, आदिवासी के बच्चों की सुध लेना भी नहीं चाहती ये युवा विरोधी सरकार ।
जोगी बने मोदी, याद दिलाई गारंटी ।।
आमरण अनशन पर बैठे D.Ed साथियों के अधिकारों के लिए और रिक्त पदों पर भर्ती के लिए, ‘मोदी की गारंटी’ याद दिलाने एक प्रयास…. अब तूता, नवा रायपुर जा रहा हूं, D.Ed के साथियों के साथ अनशन पर बैठने।
यह सोचने लायक बात है कि जिन 2621 बीएड वालों को हटाया गया है,क्या वो सब केवल एक ही बार की काउंसलिंग में नियुक्ति पाए थे।
नहीं उन 2621 लोगों की चार बार काउंसलिंग की जा चुकी थी तब वो 2621 पोस्ट पूरा हुआ था।और हमारी सरकार बीएड वालों को हटाने के बाद 2621 पोस्ट को 1:1 में बुला कर एक ही बार में भरना चाहती है क्या ऐसा संभव है नहीं।
सरकार चाहती तो 5 वीं काउंसलिंग को ही 1:3 में बुला कर कुल 2621 पोस्ट को पूरा कर सकती थी।
यह सरकार जानबूझकर पदों को भरना नहीं चाहती है। जबकि हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का सीधा और साफ ऑर्डर था की मेरिट लिस्ट को फिर से सुधारकर पूरा 2621 पोस्ट को डीएड वालों से भरा जाए।
ये सरकार की युवा विरोधी और संकीर्ण मानसिकता को दर्शाती है।
यह सरकार एक भरती को तीन-तीन साल तक रोक कर बैठे हुए हैं अब हमारे सबर का बंद टूट चुका है अब हमारे आगे कोई रास्ता नहीं है सिवा अनशन और मृत्यु का तो हम करें तो करें क्या।
हमें भी तो बताएं सरकार क्यों नहीं कर रही है क्यों समय सीमा बताया जाना संभव नहीं है।
ऐसा जवाब आया हैं हमारी शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की तरफ से
यह सरकार तो ऐसी सरकार है जो सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेशों को दरकिनार कर मनमाने तरीके से शासन कर रही है और हमारा शोषण कर रही है।
एक इंसान कितना इंतजार करेगा सर इंतजार करने की भी एक सीमा होती है हमारी बीजेपी की ये सरकार एक भरती को तीन तीन साल तक रोक कर बैठी है।
छत्तीसगढ़ के ऐसे कोई मंत्री और विधायक नहीं बचे हैं जिसके पास हम जाकर ग्यापन नहीं दिए हैं।
छत्तीसगढ़ के सभी 90 विधायक और शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को भी ग्यापन दिये है और शिक्षा मंत्री के घर जाने पर हमें डंडे से मारकर भगाया जाता है तो हम क्या करें हमारे पास हमारा अनशन करने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा है।
यह सरकार इतने दिनों से उच्च न्यायालय में वह जानकारी क्यों नहीं प्रस्तुत कर रही है जो वह जनसंपर्क विभाग के माध्यम से हमें दे रही है? सरकार हम सबको मूर्ख बनाने के लिए ऐसा कर रही है।