#WamanMeshram
बामसेफ का 34वां, पाँच दिवसीय राष्ट्रीय स्तरीय संगठनात्मक प्रशिक्षण शिविर
दिनांक: 09 जून, 2026 से 13 जून, 2026 तक (मंगलवार से शनिवार)
स्थान: मसूरी, उत्तराखंड
बहुजन समाज को संगठित, शिक्षित एवं संघर्षशील बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में वैचारिक जागरूकता, संगठन निर्माण, सामाजिक परिवर्तन, संविधान एवं नेतृत्व विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा।
सुधांशु मौर्या
(अधिवक्ता, इलाहाबाद हाईकोर्ट)
राष्ट्रीय महासचिव (सोशल मीडिया)
भारतीय विद्यार्थी मोर्चा, नई दिल्ली
Bamcef Org. II Bharat Mukti Morcha
#BAMCEF #भारत_मुक्ति_मोर्चा #बहुजन_क्रांति_मोर्चा #बहुजन_मुक्ति_पार्टी #RPVM #BMP #BharatiyaVidyarthiMorcha
धार्मिक कट्टरता व जातीवादा ही समाजाला लागलेली एक कीड आहे, जिने स्वातंत्र्य, समता, बंधुता ही लोकशाहीची मूल्य रुजू दिली नाहीत. परिणामतः लोकशाहीच्या निर्मितीचे मूळ प्रयोजन अपयशी ठरतो की काय असा प्रश्न निर्माण झाला आहे.
#WamanMeshram
महाबोधि महाविहार मुक्ति आंदोलन के प्रणेता अनागारिक धम्मपाल जी ने अपने जीवन के 40 वर्षों में भारत, श्रीलंका और विश्व के कई देशों में बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार के अनन्य उपाय किए। आपने कई स्कूल और अस्पतालों, बुद्ध विहारों का निर्माण किया। विनम्र अभिवादन!💐🙏💐
बहुजन समाज पार्टीच्या स्थापनेपूर्वी "बामसेफ" ही पहिली संघटना स्थापन करण्यात आली होती. कांशीराम साहेब यांनी महाराष्ट्रातील पुणे येथील खडकीत "बामसेफ" ची स्थापना केली. या सर्व चळवळींची मुळे जर तुम्ही पाहिले, तर ती प्रामुख्याने महाराष्ट्रातच आहेत !
- राज ठाकरे, मनसे अध्यक्ष
#WamanMeshram
सामाजिक न्याय के मूल सिद्धांतों को सर्वोपरि रखते हुए बामसेफ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के वर्ष 2026 के नियमों से संबंधित वर्तमान प्रकरण में हस्तक्षेप करने का निर्णय लिया है। यह नियम आज के समय की आवश्यकता हैं और उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता, जवाबदेही तथा भेदभाव के विरुद्ध ठोस तंत्र स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
हाल ही में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा UGC- 2026 नियमों पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद, बामसेफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वामन मेश्राम ने इस मामले में सामाजिक न्याय के पक्ष को प्रभावी ढंग से रखने के उद्देश्य से माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष एक Intervention Application (हस्तक्षेप याचिका) दायर की है।
इस प्रकरण में बामसेफ की ओर से एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड रितेश पाटील तथा एडवोकेट अमन रावत अधिवक्ता के रूप में उपस्थित हैं। बामसेफ इन दोनों अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त करता है कि उन्होंने सामाजिक न्याय से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे को न्यायालय के समक्ष आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी उठाई है।
बामसेफ इस अवसर पर रोहित वेमुला, डॉ. पायल तड़वी, दर्शन सोलंकी तथा उन सभी साथियों को याद करता है जिन्हें शैक्षणिक संस्थानों में भेदभाव और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा और जो संस्थागत हिंसा के शिकार बने।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर और मान्यवर कांशीरामजी की विचारधारा और विरासत को आगे बढ़ाते हुए बामसेफ यह स्पष्ट करता है कि शिक्षा संस्थानों में समानता, गरिमा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए यह लड़ाई आगे भी मजबूती से लड़ी जाएगी।
Bamcef Org. II Bharat Mukti Morcha