For the nation, its democracy and our future, let’s all come together.
Irrespective of your political inclinations, march with the youth to Jantar Mantar on October 10.
Vote bachega toh desh bachega. 🇮🇳
It is now established beyond doubt that Gyanesh Kumar changed Form 6 illegally and unilaterally.
This is just one more proof of him abusing his position to help the BJP.
He and everyone else involved in this criminal assault on our democracy will be held accountable.
Watch this acceleration by Vithya Ramraj to overtake the Chinese athlete in the final leg!
- Helped India win its first Athletics Gold Medal at Asian Games 2026! 🥇
🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥
•पार्टियां मैनीफेस्टो वाला वादा न पूरा करें तो?
•नेता और अधिकारी काम न करें तो?
•पुलिस FIR न लिखे तो?
•सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर इलाज न करे तो?
•सरकारी स्कूलों में अध्यापक पढ़ाएं न तो?
उनसे कैसे भुगतान लिया जाये?
कुछ दिन पहले IAS से त्यागपत्र दिया था और आपके मन में कई सवाल छोड़ दिए थे। अपनी बात इस वीडियो में कह दी है। अगर आपको लगे कि ये आपकी भी बात है, तो 9198956957 पर whatsapp मैसेज करिए।
'मां, मैं जीना चाहता हूं, लेकिन...'
BLO सर्वेश सिंह इस आखिरी वीडियो में वो कितने असहाय नजर आते है, देखकर दिल कांप जाता है।
इस देश में SIR की प्रक्रिया में कई BLO ने अपनी जान दे दी, इन सबके हत्यारे ज्ञानेश कुमार है। ये व्यक्ति कानून से बचना नहीं चाहिए!
Removing Gyanesh Kumar is not enough.
The next election commissioner MUST be appointed by a panel of PM, Leader of Opposition and CJI. Only a person chosen by all three 'ayes' would be deserving of the post.
Modi cannot be trusted, he will install another puppet otherwise.
The video from Jamui, Bihar is deeply disturbing.
Two Class 10 students were stopped on a road. Harassed. Humiliated. Molested. A young girl, hands folded, begged to be let go while goons groped her and dragged her away.
Who gave these men the right to behave like this? This is not "culture." It is patriarchy: the belief that any man can police a girl's body, her movement, her choices.
When control is mistaken for culture, and such attitudes are normalised by Andhbhakts, mobs start believing they are the law.
Every individual in that video must be identified and prosecuted under POCSO, and justice must be swift. And if the incident happened on September 19th, why are the culprits not behind bars yet?
And the Bihar government must answer why a girl is not safe on a public road at 7 pm?
बिहार के जमुई का एक वीडियो बहुत बेचैन करने वाला है।
10वीं क्लास के एक छात्र और छात्रा को रास्ते में जबरदस्ती रोक लिया गया। उन्हें प्रताड़ित किया गया, अपमानित किया गया और छात्रा के साथ उत्पीड़न किया गया। बच्ची हाथ जोड़कर उसे जाने देने की विनती करती रही, मगर गुंडे उसे गलत तरीके से छूते और खींचतान करते रहे।
इन लोगों को ऐसी बदतमीज़ी करने का हक किसने दिया? यह "संस्कृति" नहीं है, यह patriarchy है: ये सोच कि किसी भी पुरुष का किसी लड़की के शरीर, उसके आने-जाने और उसकी पसंद-नापसंद पर नियंत्रण है।
जब नियंत्रण को ही संस्कृति मान कर 'अंधभक्त' ऐसी सोच को सामान्य ठहराते हैं, तो भीड़ को लगने लगता है कि वही कानून है।
उस वीडियो में दिख रहे हर व्यक्ति की पहचान होनी चाहिए और उन अपराधियों पर POCSO के तहत मुकदमा चलाकर उन्हें जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए। और अगर ये घटना 19 सितंबर की है तो गुनहगार अब तक सलाखों के पीछे क्यों नहीं हैं?
और बिहार सरकार जवाब दे कि शाम 7 बजे कोई लड़की राज्य की सड़कों पर सुरक्षित क्यों नहीं है?
गुजरात में कुछ ऐसी अनाम पार्टियां हैं जिनका नाम किसी ने नहीं सुना - लेकिन 4300 करोड़ का चंदा मिला!
इन पार्टियों ने बहुत ही कम मौकों पर चुनाव लड़ा है, या उनपर खर्च किया है।
ये हजारों करोड़ आए कहां से? चला कौन रहा है इन्हें? और पैसा गया कहां?
क्या चुनाव आयोग जांच करेगा - या फिर यहां भी पहले एफिडेविट मांगेगा? या फिर कानून ही बदल देगा, ताकि ये डेटा भी छिपाया जा सके?
#VoteChori
अंकिता भंडारी के परिवार से 2 दिन पहले मिला। चार साल बीत चुके हैं, लेकिन आज भी वो न्याय का इंतज़ार कर रहे हैं - अपनी बच्ची के ख़िलाफ़ एक ऐसे अपराध के लिए जिसकी कोई माफी नहीं।
सिर्फ 19 साल की अंकिता वनंतरा रिज़ॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं जहां एक "VIP" मेहमान की शर्मनाक मांग का विरोध करने पर चीला नहर में डुबो कर उनकी हत्या कर दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने हिंसा और डुबोने के सबूतों की पुष्टि भी की।
मगर, रिज़ॉर्ट में अंकिता के रूम को किसी भी तरह की जांच होने से पहले ध्वस्त कर दिया गया जो खुद में संदेहपूर्ण है।
इस दुखद मामले में सबसे शर्मनाक बात है कि राज्य सरकार खुद आज तक उस "VIP" को संरक्षण दे रही है। क्यों? क्योंकि वह BJP-RSS का बड़ा नेता है।
यही BJP की विकृत मानसिकता है बलात्कारियों और अपराधियों को बचाना, उनका राजनीतिक संरक्षण करना, यहां तक कि बलात्कार के दोषियों का फूल-मालाओं से स्वागत करना। दुनिया में सबसे घिनौने इंसान वो होते हैं जो बलात्कारियों की रक्षा करते हैं और BJP में ऐसे लोगों की भरमार है।
भारत तब तक आगे नहीं बढ़ सकता, जब तक महिलाओं को पुरुषों के इस्तेमाल की वस्तु समझने वाली यह अमानवीय मानसिकता खत्म नहीं होती। भारत तभी आगे बढ़ेगा, जब भारत की महिलाएं आगे बढ़ेंगी - सम्मान, सुरक्षा, समानता और न्याय के साथ।
हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे जी की सभा के बाद मंच का “शुद्धिकरण” सिर्फ़ एक व्यक्ति का अपमान नहीं - यह उस संविधान का अपमान है जिसने छुआछूत को अपराध घोषित किया।
और यह कोई इकलौती घटना नहीं है। यह BJP-RSS की सालों से पाली-पोसी मनुवादी सोच का नतीजा है - वो घिनौनी सोच जो आज भी इंसान का दर्जा उसके जन्म से तय करती है, समानता और मानवता से नहीं।
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में समस्याओं का अंबार है 👇
• यूनिवर्सिटी में 400% फीस वृद्धि हुई है
• यूनिवर्सिटी में हॉस्टल फीस की बढ़ोतरी कर दी गई
• लाइब्रेरी सिर्फ 8 घंटे खोली जाती है, जहां पानी भर जाता है
• 24 घंटे लाइब्रेरी खोलने की मांग पर यूनिवर्सिटी प्रशासन कहता है- ज्यादा पढ़कर क्या कलेक्टर बनोगे?
• छात्रों ने गंदे पानी की शिकायत की तो प्रशासन ने कहा- यूनिवर्सिटी पानी पीने की जगह नहीं है
आज मैं इस मंच पर बोलने आया हूं और ये तय है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन हम पर FIR करेगा।
📍 प्रयागराज