माँ को कुर्सी दो! यह कौन सा अपशब्द है?
और मोदी की स्वर्गीय माँ तो जब जीवित ही नहीं हैं, तो यह बात जाहिर है कि यह उनके लिए नहीं कही गई।
पुलकित ने मोदी की उसी नौटंकी की मिमिक्री की, जिसमें मोदी अपने भाषण के बीच ऐसे ही कहते हैं, “माँ को कुर्सी दो, इनसे मेरी पेंटिंग ले लो, इनको मेरा सिग्नेचर दे दो” वगैरह-वगैरह।