सुधीर चौधरी जैसे पत्रकार होना हमारे लिये एक राष्ट्र के लिये शर्म की बात है , ये पत्रकार के रूप में एक चाटुकार है और मोदी जी का भक्त है और इनके आँखों पर पट्टी बंधी है ,
Shame on You Sudhir Chaudhary,
तुमलोगों की नौटंकी दुनिया जानती है, और सुनो अपवित्र, झूठे, दलबदलू, बेगैरत इंसान ये पवित्र हनुमान चालीसा अपने हाथ से दूर रखो तो बेहतर होगा, भाजपाई हो इसका मतलब ये नहीं कि हिंदू धर्म को अपवित्र करोगे.. तुम मोदी पुराण और चालीसा पढ़ो सिर्फ उसी लायक हो..
अनुपम खेर उवाच:
मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम 'द्वापर युग' से से हैं।
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आपको अब तक बताया गया है कि प्रभु श्रीराम 'त्रेता युग' में अवतरित हुए थे।
कृपया अपनी जानकारी अद्यतन कर लीजिए।
और हां तदनुसार भगवान श्रीकृष्ण को द्वापर के स्थान पर त्रेता युग में अवतरित माना जायेगा।
शेष शुभ है।
🙏
अंजना मोदी की वजह से शिक्षक परेशान है,
यह दलाल है एक नहीं दो नंबर लड़की जैसी है ये,
यह शुरू से चटोरी है पैसे की भूखी है चमचागिरी करती आ रही है शुरू से ये 2014 से और करने लगी है,
महिला ने अंजना मोदी को अच्छे से लताड़ा 🔥🔥
चैनल एक - आज तक।
6 अलग-अलग दिन अलग शो और व्यक्ति एक ! पुरी भीड़ में हर बार अंजना ओम कश्यप इसे चुन लेती है और माईक लगा देती है सवाल के लिए !
ख़ैर अब आप बताइए इतनी निष्पक्षता कोई दिखा सकता है ?
बूढ़ा अपने किसी पालतू चैनल के प्रोग्राम में बोल रहा था कि ये देश भर से जो चीखने चिल्लाने की आवाजें आ रही हैं, इन्हें विकास की लत लग गई है। सड़क बनवाता हूं तो मेट्रो मांगने लग जाते हैं। आटा देता हूं तो पिज्जा मांगने लग जाते हैं।
गजब टोपीबाज है ये बुढ़ऊ, हर आपदा में अवसर ढूँढ लेता है।
‘न खाऊँगा न खाने दूँगा’ गैंग के अग्रणी सदस्य शायद ज़्यादा पैसे खा जाने एवं ‘इथेनॉल’ पान की अधिकता के कारण योग के समय भी झुकने-मुड़ने-खड़े होने से लाचार हैं
#अंतर्राष्ट्रीय_योग_दिवस
प्रिय रुबिका लियाक़त!
हिंदी भाषा की एक विधा होती है जिसे ‘व्यंग्य’ कहते हैं. उम्मीद है अब आप इस विधा के बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त करेंगी.
“एंजिल” हा हा हा 😂 😂😂
मास्टर जी तो यूँ भी मूर्ख हैं, उन्हें क्यों ही कुछ कहा जाये!
लोग अलग-अलग उत्सव मनाते हैं, लेकिन ये बूढ़ा खुद ही उत्सव बना हुआ है।
मुझे पद पर 12 साल हो गए, मंदिरों में पूजा करो
मुझे राजनीति में 25 साल हो गए, एक हफ्ते का जश्न मनाओ
मैं एक हफ्ता विदेश घूमकर आया, एयरपोर्ट पर ढोल नगाड़े बजाओ
कितना आत्ममुग्ध और निठल्ला है ये बाईगॉड !
बंगाल इलेक्शन में Rajarhat सीट से बीजेपी का उम्मीदवार जीता मात्र 316 वोट्स से.
97 % आबादी मुस्लिम थीं वहां.
88 % वोट पडे बीजेपी को
1 वोट मिला CPI M को
5 वोट मिले सिर्फ TMC को
जबकि बीजेपी उम्मीदवार पियूष कनोड़िया का सभी ने विरोध किया था वहां.
शाबाश ज्ञानेश कुमार. 😊
10 हजार करोड़ का भ्रष्टाचार?
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना
खर्च : 10 हजार करोड़
ट्रेनिंग दी : 95 लाख युवाओं को।
फर्जी युवा : 90 लाख। CAG की रिपोर्ट में बताया गया कि फॉर्म में बैंक अकाउंट ही दर्ज नहीं था। 5 लाख में भी 52 हजार के फार्म में बैंक अकाउंट रिपीट थे।
देश का मीडिया 157 वें नंबर पर है - क्यों?
>क्योंकि मीडिया बता रहा है कि वेनेज़ुएला से तेल लेना भारत की मजबूरी नहीं फायदे का सौदा है।
>वेणुजुवेला से 114$ प्रति बैरल तेल खरीदना सस्ता है, जबकि रूस का 70$ प्रति बैरल था।
यू आर राइट टीचर्स
AC का स्कैम
ये AC सिर्फ 4 साल पुराना है. 2022 में जब लिया तो एक साल ठीक काम किया, फिर ठंडा कम करने लगा.
2023 में टेक्नीशियन आया तो बताया कि नाले की वजह से गैस खत्म हो गई है. खैर, गैस भरवाई गई और उस वक्त सब मिलाकर करीब 5 हजार बने.
2024 आया, AC का वही नाटक शुरू. अब गैस के साथ कॉइल भी चटक गई थी. रिपेयर और गैस भरवाई में करीब 7 हजार के गए.
2025 में गैस के साथ पूरा कॉइल ही बदलवाना पड़ा. करीब 11 हजार रुपए गए.
इस साल (2026) मार्च में सर्विसिंग करवाई. उस वक्त भी गैस पड़ी. अप्रैल आते-आते ठंडा कम करने लगा.
मई में इसका इलाज कराया तो बताया कि गैस नहीं है- गैस पड़ी और कॉइल रिपेयर भी हुआ.
अब जून में ये फिर बोल गया है. टेक्नीशियन का कहना है- कॉइल बदलेगी, जो कि 2025 में ही बदलवाई थी.
अभी इस साल मार्च से लेकर जून तक इसमें करीब 13 हजार रुपए लग चुके हैं. कॉइल बदलवा दिया तो 7 हजार और मान लीजिए, जो कि 20 हजार हो जाएगा.
इस झंझट से छुटकारा पाने को नया AC ले लिया, लेकिन मुझे यकीन है कि उसके साथ भी 1-2 साल में यही सब नाटक शुरू होगा.
और ये सिर्फ मुझ अकेले के साथ नहीं है. ऐसा तमाम लोगों के साथ हो रहा है.
मुझे आशंका है कि अब लोगों को पहले से चले हुए AC नए करके मिल रहे हैं.
क्योंकि पुराने AC आपसे 5-7 हजार में खरीद लिए जाते हैं. शायद उसी पुराने AC के पार्ट कंपनी को जाते हैं, जिन्हें कंपनियां नया करके मार्केट में उतार रही हैं. ऐसा मुझे लगता है.
क्योंकि मेरे जानने में जिन लोगों ने आज से 8-10 साल पहले AC लिए हैं, वो आज भी अच्छे चल रहे. लेकिन नए वाले AC तुरंत खराब हो रहे हैं.
इसका मतलब है कि पहले अच्छी क्वालिटी के AC आते थे. अब ऐसे आते हैं जो 3-4 साल में ही ठप पड़ जाएं, ताकि मार्केट चलता रहे.