UGC Equity regulation 2026 पर पुनः विचार करे
यूजीसी में 3 प्वाइंट और जोड़ दे कोई आपत्ति नहीं होगी ......
1. अगर शिकायत फर्जी पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्यवाही हो
2. जांच के लिए जो टीम गठित होगी उसमें कम से कम दो सामान्य वर्ग के भी सदस्य हो
3. सामान्य वर्ग के लोगों के साथ कोई जातिसूचक और शोषण हो तो उसके लिए भी सजा का प्रावधान हो फिर कोई आपत्ति नहीं होगी।
4. पीड़ित एवं दोषी दोनों का नारको मैपिंग टेस्ट होना चाहिए, तब मानेंगे सबका साथ सबका विकास वरना तो यह भी पक्षपात है।
न्याय का अर्थ होता है- समानता और निष्पक्षता।
कोई भी कानून समावेशी होने चाहिए, किसी के खिलाफ पक्षपातपूर्ण नहीं होने चाहिए।
#UGC_RollBack