राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव में बेईमानी और बेशर्मी की सारी हदें भाजपा सरकार ने पार ���र दीं। नगरीय निकायों में अपने बोर्ड बनाने के लिए सारी मर्यादाओं और नियम-कानूनों को भाजपा सरकार ने तार-तार कर दिया। पूरा प्रदेश स्तब्ध है, राजस्थान में कभी ऐसा होगा यह सोचा भी नहीं जा सकता था। भाजपा सरकार ने सरकारी मशीनरी, पुलिस और पूरा प्रशासन लगाकर लोकत��त्र की खुलेआम लूट की है। शायद ही कोई निकाय बचा हो जहाँ भाजपा ने सत्ता और धनबल के दम पर जनमत को कुचलने का प्रयास न किया हो।
राजस्थान में एक-एक पार्षद के लिए 2-2 करोड़ रुपये तक की बोली लगाई गई। कांग्रेस पार्षदों को कभी उनके घर को अवैध बताकर नोटिस भेजा गया, कभी उनके प्रतिष्ठानों को सील किया गया, नए-नए मुकदमे दायर कर पुलिस के सामने पेश होने के नोटिस थमाए गए, बाड़ेबंदी में रुके पार्षदों के कैंप में पुलिस भेजकर उन्हें जबरन उठाया गया। भाजपा सरकार के इन कुकर्मों के कारण कल रात 12 बजे तक राजस्थान हाईकोर्ट को सुनवाई कर चुनाव से जुड़ी याचिकाओं का निस्तारण करना पड़ा, जिसमें भाजपा सरकार को अदालत से करारा तमाचा लगा।
यह सिर्फ राजस्थान तक सीमित नहीं रहा, उत्तर प्रदेश और हरियाणा की पुलिस के जरिए भी यहाँ के निर्वाचित पार्षदों को भाजपा के पक्ष में ले जाने का काम किया गया। अब तक जिस तरह की हॉर्स ट्रेडिंग और एजेंसियों के दुरुपयोग की तस्वीरें हम पश्चिम बंगाल में देख रहे थे, वही घिनौना खेल अब राजस्थान के अपने निकाय चुनावों में खुलकर सामने आ गया है।
आज नगरीय निकाय चुनाव के दिन भी मथानिया, पावटा, तिजारा, कुचेरा, हनुमानगढ़, गंगानगर, अलवर, निम्बाहेड़ा समेत प��रे राजस्थान से जो दृश्य सामने आए, वे चीख-चीखकर लोकतंत्र की हत्या की गवाही दे रहे हैं। जब नगरीय निकाय चुनावों में यह हाल है, तो साफ है कि आने वाले पंचायत चुनावों में भाजपा सरकार इससे भी आगे जाकर सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर सकती है।
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी, आपसे प्रदेश को ऐसे कृत्यों की उम्मीद नहीं थी। अब आपका और आपकी सरकार का नाम ��ाजस्थान के इतिहास में लोकतंत्र की हत्या करने वाले मुख्यमंत्री और सरकार के रूप में दर्ज हो चुका है। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि राजनीतिक मामलों में काफी हद तक निष्पक्ष माने जाने वाले राजस्थान के नौकरशाह और पुलिस के कई अधिकारी भी पहली बार भाजपा सरकार के साथ मिलकर इस पाप में शामिल हो गए। संविधान की शपथ लेने वाले अधिकारियों को विचार करना चाहिए कि क्या ऐसे कुकृत्यों में शामिल होने के लिए वे र��जकीय सेवा में आए थे? समय आने पर हर एक की जवाबदेही तय होगी, ताकि भविष्य में ऐसी शर्मनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
जयपुर में लक्ष्मीमन्दिर तिराहे पर बढ़ते ट्रैफिक के बीच लगने वाले जाम की समस्या के निराकरण के उद्देश्य से कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में आज ही के दिन वर्ष 2023 में लक्ष्मी मंदिर तिराहे को सिग्नल फ्री बनाते हुए नेहरू उद्यान अंडरपास का लोकार्पण किया था। संतोष का विषय है कि जयपुरवासियों को इसका लाभ मिल रहा है।
माँ अमृता देवी जी एवं समस्त 363 प्रकृति प्रेमियों को आज खेजड़ली बलिदान दिवस के अवसर पर विनम्र श्रद्धांजलि। यह बलिदान इतिहास में दर्ज है और आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति संरक्षण की प्रेरणा देता रहेगा।
भाजपा अब लोकतंत्र की हत्या में सिर्फ राजस्थान पुलिस को ही नहीं, हरियाणा पुलिस को भी शामिल कर चुकी है। हनुमानगढ़ में निर्दलीय विधायक की गिरफ्तारी, प्रदेशभर में कई कांग्रेस पार्षदों को पुलिस-एसीबी के नोटिस और धमकियां, यह सब कम नहीं था कि अब तिजारा के कांग्रेस पार्षदों को, जो कल वोट डालने आ रहे थे, हरियाणा के पंचकुला में रोक लिया गया, और पूर्व विधायक श्री संदीप यादव को गुड़गांव में बिना किसी कारण हिरासत में ले लिया गया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पार्षदों के फो���ो पहले से ही हरियाणा पुलिस के पास मौजूद थे, और चेहरे देख-देखकर उन्हें बाकी कार्यकर्ताओं से अलग किया जा रहा था। यह कोई सामान्य चेकिंग नहीं, बल्कि पूरी तरह सुनियोजित और टारगेटेड कार्रवाई थी।
ऐसा जानकारी में आया है कि यह सारी कार्रवाई राजस्थान के मुख्यमंत्री के कहने पर हरियाणा के मुख्यमंत्री द्वारा करवाई जा रही है। अगर ऐसा नहीं है तो राजस्थान के मुख्यमंत्री चुनाव प्रक्रिया में शामिल होने आ रहे इन पार्षदों को स्वयं की इच्छा अनुसार आने देना सुनिश्चित करें। राज्य निर्वाचन आयोग भी इसके लिए आवश्यक कदम उठाए। हरियाणा के मुख्यमंत्री का दूसरे राज्य की चुनाव प्रक्रिया में इस तरह बाधा डालना दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है।
@BhajanlalBjp @NayabSainiBJP @police_haryana @SecRajasthan
गौ रक्षा के अपने वचन के लिए प्राणों का बलिदान देने वाले, लोकदेवता श्री पाबूजी महाराज के अवतरण दिवस पर उन्हें कोटि- कोटि नमन तथा सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
स्टूडेंट्स भारत के भविष्य हैं, उनके बिना देश मजबूत नहीं हो सकता।
स्टूडेंट्स 👇
• Curious होते हैं
• नफरत नहीं करते
• Humble होते हैं
• निडर होते हैं
• Tolerant होते हैं
• ईमानदार होते हैं
: नेता विपक्ष श्री
@RahulGandhi
📍 इंदौर, मध्य प्रदेश
#ChhatronKiGoonj
हम चाहते हैं:
• स्टूडेंट्स की टूटी हुई उम्मीद वापस आए और वे फिर से शिक्षा और सिस्टम पर विश्वास करना शुरू करें
• स्टूडेंट्स अपनी स्ट्रेंथ- Curiosity, Honesty, Compassion, Love, Affection- के बल से देश को आगे बढ़ाएं
आज देश में जो हिंसा और नफरत फैलाई जा रही है, उसे छात्र ही मिटा सकते हैं, इसे अंधभक्त कभी नहीं मिटा सकता।
हम स्टूडेंट्स का हिंदुस्तान चाहते हैं, अंधभक्त��ं का नहीं।
: नेता विपक्ष श्री
@RahulGandhi
📍 इंदौर
#ChhatronKiGoonj
देश में शिक्षा सरकार की जिम्मेदारी होती है, लेकिन आज शिक्षा को कमजोर किया जा रहा है।
⦿ UPA सरकार में बजट का 4.6% शिक्षा में जाता था, जिसे अब 2.6% कर दिया गया है
⦿ पिछले 10 साल में 1.5 करोड़ स्कॉलरशिप छीन ली गई है
⦿ आज हिंदुस्तान में 10 लाख टीचरों की पोस्ट खाली पड़ी है
: नेता वि���क्ष श्री
@RahulGandhi
📍 इंदौर
#ChhatronKiGoonj
आज इंदौर में श्री @RahulGandhi के "छात्रों की गूंज" कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के कोने-कोने से आए विद्यार्थी जिस उत्साह और आतुरता से अपनी समस्याएं उन्हें बता रहे थे, उससे पता चलता है कि देश का युवा वर्ग भाजपा से कितना निराश हो चुका ह��, नाउम्मीद है तथा अपनी समस्याओं का हल श्री राहुल गांधी से चाहता है।
यही कारण है कि कोटा, देहरादून, प्रयागराज, पुणे और इन्दौर जहां-जहां छात्रों की गूंज का यह कार्यक्रम हुआ है, वहां-वहां भाजपा की ओर से आयोजन में रुकावट डालने की भरसक कोशिशें की गई हैं। यह भी गौर करने वाली बात है कि इस आयोजन में भाजपा जितनी बाधाएं खड़ी करने की कोशिश करती है, छात्रों की यह गूंज पहले से और अधिक तेजस्वी और मुखर होती जा���ी है।
आज पूरे देश का युवा वर्ग श्री राहुल गांधी से आशा लगाए हुए है। मोदी सरकार को नकारात्मकता छोड़कर श्री राहुल गांधी के कार्यक्रम में उठने वाले मुद्दों की गंभीरता को समझना चाहिए और युवाओं की समस्याओं का हल निकालना चाहिए, अन्यथा युवा पीढ़ी अब बदलाव के लिए तैयार है।
ऐसा लग रहा है कि द���श में लोकतंत्र खत्म हो चुका है और अब यह पुलिस स्टेट बन चुका है। राजस्थान से लेकर पश्चिम बंगाल तक विपक्षी पार्टियों को पुलिस और सरकारी एजेंसियों के जरिए कुचला जा रहा है।
पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को आज करीब बीस साल पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। पहले तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार की उम्मीदवारी वापस करवाई और कांग्रेस उम्मीदवार को गिरफ्तार कर लिया। अगर सच में कोई जुर्म हुआ था तो पुलिस की नींद बीस साल बाद आज ही क्यों खुली? यह गिरफ्तारी नहीं, जैसा श्री @RahulGandhi कहते हैं यह चुनाव की चोरी है।
इधर राजस्थान में निकाय चुनावों में भाजपा सरकार ने पुलिस का जो दुरुपयोग किया, वह तो इतिहास में दर्ज हो चुका है, कोई पार्टी सिर्फ चेयरमैन-मेयर बनाने के लिए सत्ता का इतना बेशर्माई से दुरुपयोग कर सकती है, यह पहली बार देश ने देखा है। यह लोकतंत्र नहीं, भय और दमन का राज है, देश की जनता सब देख रही है। हमें विश्वास है कि समय आने पर करारा जवाब देगी।
It seems that democracy has come to an end in the country, and India has now become a police state. From Rajasthan to West Bengal, opposition parties are being targeted and suppressed through the police and government agencies.
In Nandigram, West Bengal, Congress candidate Milan Pradhan was arrested today in connection with a case that is around twenty years old. First, the Trinamool Congress candidate was made to withdraw his candidature, and then the Congress candidate was arrested. If a crime had actually been committed, why did the police wake up today, after twenty years?
This is not an arrest; as Shri @RahulGandhi says, this is "Election Chori."
Meanwhile, in Rajasthan, the way the BJP government misused the police during the local body elections has already gone down in history. The country has perhaps never before seen a political party misuse government power so blatantly just to get its candidates elected as chairpersons and mayors.
This is not democracy; this is a rule of fear and intimidation. The people of the country are watching everything. We are confident that when the time comes, they will give a fitting reply.
जयपुर के पुरोहित जी के कटले में हुए भीषण अग्निकांड के प्रभावितों ने अपनी पीड़ा बताई, सरकार की तरफ से कोई प्रतिनिधि न आने तथा नगर निगम द्वारा सुनवाई न किए जाने से प्रभावित व्यापारियों के बीच नाराज़गी है। सरकार को इन्हें राहत देने के लिए तत्काल कोई कदम उठाना चाहिए।
जयपुर के पुरोहित जी के कटले में अग्निकांड से प्रभावित लोगों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत:
पत्रकार: सर, दिवाली से पहले यह ब��ुत बड़ा हादसा है, जिसमें व्यापारियों का करोड़ों का नुक़सान हुआ है। इंतज़ामात को लेकर आप क्या कहेंगे?
जवाब: यह जयपुर का सबसे पुराना बाज़ार है। मुझे बताया गया है कि यहाँ जो फ़ायर फ़ाइटिंग सिस्टम था, उसे पूरी तरह से दुरुस्त (फूल��्रूफ) करके चालू रखना चाहिए था। इसमें जो कमी रही, वह एक बहुत बड़ी लापरवाही है।
हालांकि, मैं SDRF और फ़ायर फ़ाइटिंग टीम की तारीफ़ करूंगा कि वे समय पर आ गए और बेहतरीन काम किया। लेकिन यह नगर निगम की ड्यूटी है कि सरकार बदलने के बावजूद, अधूरे या पूरे हो चुके फ़ायर सिस्टम को सक्रिय और परफेक्ट रखा जाए। इमारतों को जो NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) मिलती है, वह पूरी जांच-पड़ताल और मानकों को परखने के बाद पूरी निष्प���्षता से दी जानी चाहिए। इस मामले में निगम और संबंधित विभागों की भारी लापरवाही सामने आई है।
कई बार राजनीतिक दबाव में NOC दे दी जाती है, जो कि बहुत ग़लत है और इसी से ऐसे हादसे होते हैं। मुझे जानकारी मिली है कि पास की ही किसी बिल्डिंग में एक भाजपा नेता ने दबाव डालकर NOC दिलवाई है। मैं नाम लेना उचित नहीं समझता, लेकिन सरकार से म���ंग करता हूँ कि तुरंत आसपास की उन सभी बिल्डिंगों की जांच हो जिन्हें दबाव में NOC दी गई है और पुनः जांच-पड़ताल करें ताकि ओर कोई हादसा नहीं हो जाए।
इस घटना के बाद सरकार को जयपुर की सभी पुरानी बिल्डिंगों की गहन जांच करवानी चाहिए।
हमने दिल्ली, लखनऊ, राजकोट और सूरत में आगजनी के भयानक हादसे देखे हैं। जयपुर के SMS अस्पताल के ICU में भी आग से सात लोगों की जान चली गई थी। ईश्वर की कृपा रही कि इस घटना में कोई जनह���नि (कैज़ुअल्टी) नहीं हुई। यह अंदर का इलाका है, सोचिए अगर मार्केट खुला होता तो लोग दुकानों से बाहर तक नहीं निकल पाते। सरकार नगर निगम और संबंधित विभागों की एक स्पेशल टीम बनाए जो यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में ऐसी घटना किसी कीमत पर न हो।
पत्रकार: सर, व्यापारियों द्वारा मुआवज़े की भी मांग की जा रही है।
जवाब: हैरानी की बात है कि अब तक सरकार का कोई नुमाइंदा या मंत्री यहाँ नहीं आया है। पड़ोस के एक विधायक आए और चले गए। अगर कोई मंत्री यहाँ आता, तो लोगों का हौसला बढ़ता कि सरकार का ध्यान इस ओर है।
यहाँ करीब 20 दुकानें जलकर बर्बाद हो गई हैं। 20 साल से काम कर रहे एक व्यापारी मुझे मिले, जिनकी 5 दुकानें राख हो गईं। वे ईमानदारी से GST और यूडी टैक्स भरते हैं। उनका 1 करोड़ 60 लाख रुपये का बीमा है, लेकिन नुक़सान कई करोड़ों का हुआ है। अब वे इस बात को लेकर परेशान हैं कि बीमा कंपनी उन्हें क्या क्लेम देगी।
ऐसे समय में सरकार को तुरंत हस्तक्षेप (Intervene) करना चाहिए। सरकार व्यापारियों से बातचीत करे और मॉनिटरिंग करे ताकि इंश्योरेंस कंपनी बिना किसी अड़चन के उन्हें अधिकतम मुआवज़ा दे सके। इससे व्यापारियों में यह विश्वास जगेगा कि सरकार उनके साथ खड़ी है।
मैं उम्मीद करता हूँ कि सरकार तुरंत हरकत में आएगी। व्यापारियों को मुख्यमंत्री आवास बुलाकर या उनके साथ मीटिंग कर उन्हें विश्वास में ले, उनकी तकलीफें सुने, आग लगने के कारणों की निष्पक्ष जांच करवा�� और तत्काल उनकी हर संभव मदद करे।
गत दिवस जयपुर के पुरोहित जी के कटले में हुए भीषण अग्निकांड के बाद आज मौके पर जाकर नुकसा�� का जायज़ा लिया एवं प्रभावित व्यापारियों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।
हादसे से हताश व्यापारियों की पीड़ा है कि राज्य सरकार की ओर से अब तक उनसे मिलने भी कोई नहीं आया। सरकार संवेदनशीलता दिखाते हुए राज्य सरकार के प्रतिनिधियों को पीड़ित व्यापारियों से मुलाकात कर सभी प्रभावितों को अविलंब उचित मुआवजा देना चाहिए।
डेगाना, कुचेरा में अनैतिक तरीके से भाजपा का चेयरमैन के प्रयास चल रहे हैं। कल भरतपुर में निर्दलीय मेयर प्रत्याशी के प्रतिष्ठानों पर प्रशासन ने धमकाया और आज स्वयं गृहराज्य मंत्री ने पहुंचकर प्रत्याशी का नामांकन वापस करवा दिया।
राजस्थान के मुख्यमंत्री के गृह जिले में सरकार के मंत्री जाकर लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं। भरतपुर की जनता ने भाजपा को नकार दिया था। वहां 65 में से 20 ��ी पार्षद जीत पाए थे। इसके बावजूद सरकार और पूरा प्रशासन मिलकर अलोकतांत्रिक तरीके से भाजपा का मेयर बना रहे हैं।
भाजपा राजस्थान में सरकार के दुरुपयोग की नई परंपरा डाल रही है। यह राजस्थान के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय स्थिति है।
प्रदेश का किसान आज दोहरी मार झेल रहा है, न राम साथ दे रहा है, न राज। मानसून ने धोखा दिया तो फसलें सूखने लगीं, और जब खाद की जरूरत पड़ी तो वह भी नसीब नहीं हो रही। प्रदेशभर की सहकारी समितियों में खाद वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, किसान सुबह से शाम तक इधर-उधर भटक रहे हैं, ऑनलाइन बु���िंग के बावजूद खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
हालात इतने बिगड़ गए हैं कि सहकारी कर्मचारी संग��नों को खाद कारोबार बंद करने की चेतावनी तक देनी पड़ रही है। जिस सरकार को समय पर खाद और सिंचाई की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए थी, वह मूकदर्शक बनी बैठी है। अन्नदाता प्रकृति की मार और सरकार की लापरवाही, दोनों के बीच पिस रहा है। भजनलाल जी, कम से कम खाद की व्यवस्था तो सुनिश्चित कीजिए, किसान का धैर्य अब जवाब दे रहा है।