This #WorldEnvironmentDay, I want to ask every young Indian one question:
What kind of India do you want to inherit?
One where rainforests have been bulldozed for casinos, coral reefs erased from maps, tribal communities pushed off their land, and the air we breathe turned into poison?
Or one where India’s natural heritage is protected, our tribal communities are safe, and progress works with nature - not against it.
Right now, the Modi government is destroying Great Nicobar Island. More than 1.5 crore trees, ancient coral reefs, irreplaceable rainforests are being destroyed - to profit one businessman.
This is your inheritance they are bulldozing. And only you can stop them.
Sign the petition. Tell the Modi government we choose #GreenOverGreed 🇮🇳
#NicobarMatters
https://t.co/bJOIt0tzgs
On Shaheed Divas, paying homage to freedom fighter-martyrs trio, Bhagatsingh, Sukhdev & Rajyaguru for their immense secrifices unto motherland. Inquilab zindabad.. #ShaheedDivas#BalidanDin#SarvodayaDay
शांतिपूर्ण विरोध हमारी ऐतिहासिक धरोहर है। यह हमारे खून में है और हर भारतीय का लोकतांत्रिक अधिकार है।
मुझे युवा कांग्रेस के अपने बब्बर शेर साथियों पर गर्व है, जिन्होंने ‘COMPROMISED PM’ के खिलाफ निडर होकर देश के हित में आवाज़ उठाई है।
अमेरिका के साथ हुए Trade Deal में देश के हितों से समझौता किया गया है। यह समझौता हमारे किसानों और टेक्सटाइल उद्योग को नुकसान पहुंचाएगा तथा हमारे डेटा को अमेरिका के हाथों में सौंप देगा।
इस सच्चाई को देश के सामने रखने के लिए युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब और IYC के अन्य साथियों की गिरफ्तारी तानाशाही प्रवृत्ति और कायरता का प्रमाण है।
कांग्रेस पार्टी और मैं अपने बब्बर शेर साथियों के साथ मज़बूती से खड़े हैं। सत्ता को सच का आईना दिखाना अपराध नहीं, देशभक्ति है।
डरो मत - सच और संविधान हमारे साथ हैं।
#IStandWithYouthCongress
50% US tariffs and uncertainty are badly hurting India’s textile exporters. Job losses, factory shutdowns and reduced orders are a reality of our ‘Dead Economy’.
Mr. Modi has offered no relief or even spoken about tariffs, even though more than 4.5 crore jobs and lakhs of businesses are at stake.
Modi ji, you are accountable; please direct your attention to this matter!
#TINA
જમ્મુ-કાશ્મીરના ડોડામાં સેનાનું વાહન ખીણમાં પડવાને કારણે 10 વીર જવાનો શહીદ થયાના સમાચાર મળ્યા જે અત્યંત દુઃખદ છે.
પરમકૃપાળુ પરમાત્મા શહીદોના દિવ્ય આત્માને શાંતિ તેમજ સદગતિ અર્પે એજ પ્રાર્થના.
દુર્ઘટનામાં ઘાયલ થયેલા જવાનો ઝડપથી સ્વસ્થ થાય તેવી પ્રાર્થના.
આ દુઃખની ઘડીમાં સમગ્ર દેશ શહીદોના પરિવાર સાથે મજબૂતીથી ઉભો છે.
जो संभल, दिल्ली, जयपुर, गुजरात में हुआ.. वह दिखता है कि भगवान के बाद अगर कोई किसी से न्याय की उम्मीद करता है तो वह राजा है।
भगवान भी राजा के माध्यम से ही लोगों को न्याय दिलवाते हैं, लेकिन जब राजा न्याय के रास्ते में आ जाए और न्याय ना मिलने दे- तो क्या होगा?
अगर राजा इंसाफ दिलाने के समय धर्म, जाति और भाषा देखे तब आप सोचिए कि इस देश में कितने दिनों तक लोकतंत्र बच सकता है।
इसलिए कांग्रेस पार्टी वकील समुदाय के साथ है, क्योंकि वह न्याय के लिए सड़कों पर उतरे हैं ।
हम उम्मीद करते हैं कि योगी आदित्यनाथ इस 'गुजरात मॉडल' को यूपी में लागू नहीं करेंगे, क्योंकि इस मॉडल से आम आदमी को न्याय नहीं मिलेगा।
: AICC मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन @Pawankhera जी
📍 दिल्ली
Fearing growing anti-incumbacy, the BJP govt. in #Gujarat has taken refuge of the highly unjust SIR through which it is planning to remove names of lacks of voters, especially non-BJP supporters. If this continues, democracy will merely remain on paper, just like BJP's promises.
गुजरात में SIR और चुनाव आयोग की #TINA
नेता विपक्ष श्री राहुल गांधी जी द्वारा वोट चोरी का खुलासा होने के बाद भाजपा ने उसका Next Level चुनाव चोरी का मॉडल अपना लिया है.
चुनाव चोरी मतलब आपके वोट अधिकार की चोरी इसका नया खेल गुजरात में सामने आया है। नियमानुसार चुनाव आयोग ने SIR के बाद ड्राफ्ट लिस्ट जारी कर आपत्तियां लेना शुरू किया और 18 जनवरी अंतिम तारीख़ घोषित कर दी. 15 जनवरी तक गिनी-चुनी आपत्तियां आई लेकिन असली खेल उसके बाद शुरू हुआ, षडयंत्र के तहत अचानक लाखों आपत्तियां ( फॉर्म 7) जमा करा दी जाती हैं.
कल जब चुनाव आयोग द्वारा जारी 12 लाख आपत्तियों में विशेष जाति-वर्ग-क्षेत्र को निशाना बनाने के लिए नियमों को ताक पर रखकर एक ही व्यक्ति के नाम से दर्जनों आपत्तियाँ दर्ज कराई जाती है, जिसमें नाम किसी का - हस्ताक्षर किसी के और चुनाव आयोग एकदम मूकदर्शक रहता है.
जब मुख्य विपक्षी दल पत्र लिखकर आपत्तियों की जानकारी माँगता है, तो उसे जवाब नहीं दिया जाता, जिससे चुनाव चोरी पूरी तरह साफ़ जाहिर हो जाती है. क्योंकि चुनाव आयोग अपनी जिम्मेदारी एवं जवाबदेही दोनों को सत्ता के कदमों में गिरवी रख चुका है।
लेकिन चुनाव आयोग भले ही अपनी जिम्मेदारी से भागे मगर हम चुनाव आयोग को भारत के लोकतंत्र और जनता के अधिकार से खिलवाड़ नहीं करने देंगे।
“एक व्यक्ति , एक वोट” के संवैधानिक अधिकार को सुरक्षित रखने के लिए सड़क से सदन तक लड़ेंगे और जब तक एक व्यक्ति का अधिकार भी खतरे में होगा तब तक शांत नहीं बैठेंगे.