योगी आदित्यनाथ रोज सपा का गुंडाराज-2 चिल्ला रहे हैं आइये NCRB के आकड़े देखते हैं।
अखिलेश जी की सरकार के आपराधिक मामले
2012 — 1,98,093
2013 — 2,26,445
2014 — 2,40,475
2015 — 2,41,920
2016 — 2,82,171
योगी सरकार के आपराधिक मामले
2017 — 3,10,084
2018 — 3,42,355
2019 — 3,53,131
2020 — 3,55,110
2021 — 3,57,905
2022 — 4,01,787
2023 — 4,28,794
2024 — 4,30,552
अब बताइए योगी की सरकार में गुंडई कम हुआ है बढ़ा है।
ये तो अकड़े हो गए कितने मामले दबा दिए जाते है उनका कोई हिसाब ही नहीं है।
लेकिन सरकार के मुताबिक गुंडे यूपी छोड़ चुके है या जेल में हैं।
स्रोत: NCRB (National Crime Records Bureau)
आरक्षण खत्म करने की माँग पर इतनी बुरी तरीके से कौन पीटता है ?
बेचारा 500₹ लेकर आरक्षण हटाओ आंदोलन में आया था और तुम सब ने उसकी ही गुत्थी लाल करदी
देखकर बहुत दुख हुआ ���� खुशी मन से !
अभिषेक ठाकुर को सुअर की तरह घसीटा गया। 😭🤣
ये वही लफंगा है जिसने CJP के प्रोटेस्ट के समय रील बनाई थी; "दिल्ली पुलिस लट्ठ बजाओ, हम तुम्हारे साथ हैं।"
आज उसी दिल्ली पुलिस ने इसे घसीटते हुए वैसे ही बस में भरा, जैसे म्युनिसिपालिटी वाले सुअर को पकड़ते हैं।
@LSinghShekhawat Bhai Shri Krishna or Ala Uadal kon the jake dekho ab fat gyi rine lage to har ksis ko apna batane Lage wah chat i sena
Or mahtma budh bhi 🤣🤣 sabko baap bana love kya ab
आरक्षण हटवाने के दिल्ली के पहुंचे प्रदर्शनकारियों की बौद्धिक क्षमता देखिए।
ये वहां जाकर नारा लगा रहे हैं👇
> ब्राह्मणवाद जिंदाबाद
> ठाकुरवाद जिंदाबाद
> बनियावाद जिंदाबाद
अब इन्हें कोई जाकर बता दे कि इनकी इन्हीं हरकतों की वजह से तो आरक्षण ला���ू हुआ था
वहां बोल रहे हैं कि जाति हटाना है तो जाति प्रमाणपत्र फाड़ दो जाति खत्म— इनके इस तर्क के हिसाब से चले तो👇
> FIR कॉपी फाड़ दो तो क्राइम खत्म
> पासपोर्ट फाड़ दो तो बॉर्डर खत्म
> मेडिकल सर्टिफिकेट फाड़ दो तो बीमारी खत्म
> डिग्री फाड़ दो तो शिक्षा खत्म
क्या बेतुकी बातें है— खैर गोबरभक्त होने पर दिमाग काम नहीं करता है।
कितना बड़ा धोखा हुआ इनके साथ !!
हमने सुना था संपूर्ण संसार देवताओं के अधीन है, देवता मंत्रों के अधीन हैं और वे मंत्र ब्राह्मण के अधीन हैं !!
ना तो देवताओं का मंत्र काम आया ना तो भस्म करने वाला मंत्र और ग्रहों की चाल बदलने वाला मंत्र धोखा ही दे दिया !!
सबसे ज्यादा धोखा तो धोती देवता का मंत्र ने दिया है !!
मैं बहुत दुखी हूं यह सब देख कर !!
वास्तव में युद्ध तो हरखा बाई और उसके जात की लड़कियां लड़ी थी। जिस कमरे के अंदर वे युद्ध लड़ती थी उस कमरे के बाहर उनके भाई छतरी लेकर रखवाली करते थे ताकि उनके युद्ध को कोई भंग न करे।
छतरी लेकर रखवाली करने के कारण वह छतरी कहलाए और बिस्तर पर युद्ध लड़ती अपनी बहनों का श्रेय लेकर योद्धा बन गए, फिर जो इतिहास लिख रहा रहा था उसको भी अपनी एक बहन दिया और किताब में बन गया छतरी योद्धा।